कावासाकी रोग क्या है। Kawasaki Disease in Hindi

Login to Health जनवरी 2, 2020 Bone Health 6669 Views

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Kawasaki Disease Meaning in Hindi

कावासाकी एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में त्वचा, मुंह व लिम्प नोड्स को अधिक प्रभावित करती है। यह रोग मुख्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चो में होता है। इसके अलावा हृदय रोग का कारण भी हो सकता है। इस बीमारी का अगर पता लग जाए तो चिकिस्तक अच्छे से उपचार कर पाते है। बहुत से छोटे बच्चो में यह बीमारी बिना किसी उपचार के अपने आप ठीक हो जाती है। यह बीमारी होने पर बच्चो के त्वचा पर चक्क्ते व गर्दन में सूजन जैसे लक्षण नजर आते है। बहुत से लोगो कावासाकी के बारे में पता नहीं होगा क्या है और कैसे होता है चलिए आपको इस लेख में कावासाकी के बारे में विस्तार से जानकारी बतायेंगे।

  • कावासाकी रोग के कारण क्या है ? (What are the Causes of Kawasaki Disease in Hindi)
  • कावासाकी रोग के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Kawasaki Disease in Hindi)
  • कावासाकी रोग का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Kawasaki Disease in Hindi)
  • कावासाकी रोग से बचाव कैसे करे ? (Prevention of Kawasaki Disease in Hindi)
  • कावासाकी रोग की जटिलता ? (Kawasaki Disease Risks and Complications in Hindi)

कावासाकी रोग के कारण क्या है ? (What are the Causes of Kawasaki Disease in Hindi)

कावासाकी रोग का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चला है हालांकि इसपर शोध जारी है। कुछ चिकिस्तक का कहना है बच्चो की इम्युनिटी कमजोर होने व इम्युनिटी में किसी तरह की समस्या होने के कारण हो सकता है। इसकी पुष्टि अभी तक हुई नहीं है।

  • कुछ मामले अनुवांशिक होने से हो सकते है।
  • किसी तरह के वायरस या बैक्टीरिया के संपर्क में आने के कारण हो सकता है।
  • कुछ मामले में केमिकल के कारण हो सकता है।
  • कुछ जोखिम कारक –
  • लड़कियों की तुलना में लड़को में अधिक होने का जोखिम रहता है।
  • सर्दी व बरसात के मौसम होने का जोखिम अधिक रहता है। (और पढ़े – बरसात के मौसम में त्वचा की देखभाल)
  • पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होता है।
  • यह रोग एशियन व महाद्वीप के बच्चो में अधिक होने की संभवाना रहती है।

कावासाकी रोग के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Kawasaki Disease in Hindi)

कावासाकी रोग बच्चो में बहुत जल्दी होता है और इसके लक्षण उभरने में समय लगता है। इस बीमारी के कारण हृदय रोग का जोखिम बढ़ता है व लक्षण विकसित होने में एक हफ्ता या दो हफ्ते का समय लग सकता है। इसके कुछ अन्य लक्षण व संकेत दिखाई देता है।

  • बच्चे को तेज बुखार होना।
  • त्वचा में पीलापन आना।
  • त्वचा में चक्क्ते आना।
  • हाथ व पेरो में सूजन आना।
  • त्वचा में लालिमा आ जाना।
  • जीभ में सूजन आना।
  • जोड़ो में दर्द होना। (और पढ़े – विटामिन डी की कमी)
  • दस्त लगना।
  • उल्टी आना।
  • गर्दन में स्थित लिम्प नोड्स में सूजन आना।
  • गले में सूजन आना।
  • मुंह व होंठ में दर्द व कठिनाई होना। अगर आपके बच्चे का बुखार कम नहीं हो रहा है या तीन दिन से अधिक हो गया है तो आपको चिकिस्तक के पास जाना चाहिए। इसके अलावा बच्चे के त्वचा में चक्क्ते, आंखे लाल होना, लसिका ग्रंथि में सूजन, त्वचा पर पपड़ी निकलना आदि की समस्या हो तो बिना किसी देर के चिकिस्तक से उपचार करवाए।

कावासाकी रोग का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Kawasaki Disease in Hindi)

  • कावासाकी रोग में बच्चे को बुखार, त्वचा व सूजन संबंधित समस्या होती है। जिसके उपचार के लिए चिकिस्तक दवाएं लिखकर देते है। इसमें एस्पिरिन जैसी कुछ दवा होती है जो रक्त के थक्के को जमने से रोकती है। इस बात का ध्यान रखे चिकिसक से बिना पूछे किसी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कुछ मामलो में चिकिस्तक कोर्टीकोस्टेरॉयड दवा की सलाह दे सकते है, यह दवा में हार्मोन्स व केमिकल होते है जो शरीर को प्रभावित करते है। यह दवा आमतौर पर तब दी जाती है, जब आईवीआईजी दवाएं काम नहीं कर पाती तो, इसके अलावा बच्चे को हृदय संबंधित समस्या है तो कोर्टीकोस्टेरॉयड दवाएं का सुझाव दे सकते है।
  • इंट्रावेनस इम्यूनोग्लोबुलीन को दूसरे शब्दो में आइवीआईजी भी कहा जाता है। यह दवा सुई के माध्यम से नसों में दी जाती है। इसके अलावा एंटीबॉडीज एक ऐसा प्रोटीन होता है जो प्रतिशा प्रणाली को सूक्ष्म जीव व बैक्टीरिया से बचाव करता है। बच्चो को देने के बाद उनके लक्षण 30 से 36 घंटो के भीतर कम होने लगते है।
  • अगर 36 घंटो के बाद बच्चे में किसी तरह का सुधार नजर नहीं आया तो चिकिस्तक दूसरी खुराक दे सकते है।
  • एस्पिरिन दवा बुखार को उतारने के लिए बच्चे को दिया जाता है यह छे से आठ हफ्तों के बाद लक्षण को कम करने में एस्पिरिन की छोटी खुराक दे सकते है। अगर हृदय तक खून पहुंचने वाली रक्त वाहिकाओं में किसी तरह की समस्या विकसित नहीं होती है तो खून का थक्का को कम करने के लिए दवा दी जाती है।

कावासाकी रोग से बचाव कैसे करे ? (Prevention of Kawasaki Disease in Hindi)

कावासाकी रोग से बचाव करने के लिए कोई उपाय नहीं मिला है। इसपर शोध चल रहे है।

कावासाकी रोग की जटिलता ? (Kawasaki Disease Risks and Complications in Hindi)

कावासाकी रोग निम्नलिखित जटिलता उत्पन्न कर सकता है।

  • हृदय की धड़कन असामान्य होना।
  • हृदय की मांसपेशियो में सूजन आना।
  • रक्त वाहिकाओं में सूजन आना यानि इस स्तिथि में कोरोनरी धमनी में होती है यह रक्त पहुंचाने का काम करता है।
  • कोरोनरी आर्टरी एन्युरिज्म।
  • हार्ट वल्ब क्षतिग्रस्त होना।
  • कावासाकी रोग की अन्य जटिलता
  • जोड़ो संबंधित समस्या होना।
  • पित्ताशय की समस्या होना।
  • आंख के अंदुरुनी हिस्सा को प्रभावित करना।
  • मस्तिष्क के आसपास के ऊतकों में सूजन की समस्या होना।

अगर आपको कावासाकी रोग के बारे में अधिक जानकारी व उपचार करवाना हो तो ओर्थपेडीक (Orthopedic) से संपर्क करे।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।