लैमिनेक्टॉमी क्या होता हैं। Laminectomy in Hindi.

सितम्बर 30, 2020 Bone Health 2453 Views

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Laminectomy Meaning in Hindi. 

लैमिनेक्टॉमी एक तरह की सर्जिकल प्रक्रिया है जिसे विघटन सर्जरी के रूप में भी जाना जाता है, इसमें लामिना को हटा दिया जाता है। लैमिना कशेरुका हड्डी का एक हिस्सा है, जो रीढ़ की हड्डी की पिछली दीवार बनाता है और इसे घेरता है। आमतौर पर स्पाइनल स्टेनोसिस का इलाज करने के लिए एक लैमिनेक्टॉमी (Laminectomy Meaning in Hindi) किया जाता है, एक ऐसी स्थिति जो रीढ़ की हड्डी की नहर या रीढ़ की हड्डी के खुलने का कारण बनती है जिससे रीढ़ की हड्डी और रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। स्पाइनल स्टेनोसिस दो प्रकार का हो सकता है, जो रीढ़ पर इसके स्थान के आधार पर होता है। जैसे लंबर स्पाइनल स्टेनोसिस – इस प्रकार के स्टेनोसिस में, पीठ के निचले हिस्से में रीढ़ के हिस्से में संकुचन होता है। सर्वाइकल स्पाइनल स्टेनोसिस- गर्दन में रीढ़ की हड्डी के संकुचित होने को दर्शाता है। यह प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इसलिए, तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक गंभीर है।

  • लैमिनेक्टॉमी क्या होता हैं ? (What is Laminectomy in Hindi)
  • लैमिनेक्टॉमी क्यों किया जाता हैं ? (Why Laminectomy is Done in Hindi)
  • लैमिनेक्टॉमी के बाद देखभाल ?  (How to take care after Laminectomy in Hindi )
  • लैमिनेक्टॉमी की जटिलताएं ? (What are the complications of Laminectomy in Hindi)
  • भारत में लैमिनेक्टॉमी कराने का कितना खर्च लगता हैं ? (What are the Cost of Laminectomy in India in Hindi)

लैमिनेक्टॉमी क्या होता हैं ? (What is Laminectomy in Hindi)

यदि रोगी को स्पाइनल स्टेनोसिस का निदान किया जाता है, तो लैमिनेक्टॉमी की आवश्यकता होती है। स्पाइनल स्टेनोसिस निम्नलिखित लक्षणों के आधार पर सर्जरी करवाने की सलाह दे सकते हैं। 

  • जैसे – स्तब्ध हो जाना,
  • दर्द और पीठ में ऐंठन होना 
  • पैरों, जांघों, गर्दन, कंधों या बांहों में दर्द होना। 
  • मल त्याग या मूत्राशय पर नियंत्रण से संबंधित समस्याएं। 
  • दर्द जो निरंतर नहीं है, और शारीरिक गतिविधियों जैसे चलना, झुकना आदि करते समय हो सकता है।
  • कटिस्नायुशूल की घटना। 
  • अंगों में कमजोरी होना। 
  • संतुलन से संबंधित समस्याएं। 
  • रीढ़ में संक्रमण होना। 
  • ट्रामा यानि स्पाइनल कैनाल फ्रैक्चर होना।  (और पढ़े – हड्डियों में फ्रैक्चर की समस्या)

रीढ़ की हड्डी अस्थिर व गंभीर स्कोलियोसिस होने पर यह सर्जरी नहीं करवा सकते है। 

लैमिनेक्टॉमी क्यों किया जाता हैं ? (Why Laminectomy is Done in Hindi)

लैमिनेक्टॉमी करने के पहले मरीज का निदान किया जाता है। चिकित्सक द्वारा मरीज का एक शारीरिक परीक्षा से स्पाइनल स्टेनोसिस के निदान किया जाता है। इसमें चिकिस्तक मरीज को चलने, खड़े होने, आगे और पीछे झुकने जैसी साधारण गतिविधियों को करने के लिए कह सकता है और फिर स्थान और दर्द की तीव्रता के आधार पर निदान कर सकता है। इसके अलावा मरीज का एक्स-रे निकाल कर कशेरुक के आकार में परिवर्तन देख सकते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य टेस्ट करते है। 

  • इलेक्ट्रोमोग्राफी (ईएमजी) एक ईएमजी मांसपेशियों और नसों और स्टेनोसिस के नरम ऊतकों के कारणों का पता लगाने में मदद करता है। 
  • सीटी स्कैन CT Scan – एक सीटी स्कैन में स्पाइनल बोरी में एक डाई इंजेक्ट की जाती है जो स्पष्टता, दोनों, हड्डी से संबंधित कारणों और नरम ऊतक डिस्क डिस्क और हर्नियेशन और लिगामेंट हाइपरट्रॉफी जैसे कारणों का पता लगाने में मदद कर सकती है।
  • एमआरआई स्कैन MRI Scan– एमआरआई स्कैन रीढ़ की तस्वीरें लेने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करता है और रीढ़ में डिस्क और असामान्यताओं को नुकसान जैसे किसी भी परिवर्तन की पहचान करने में मदद कर सकता है। 

सर्जरी 

  • उपचार के लिए, रोगी को पहले जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है, और इसलिए रोगी बेहोश है और उसे कोई दर्द महसूस नहीं होगा। 
  • सांस लेने में सहायता के लिए सर्जरी के दौरान मैकेनिकल वेंटिलेशन का उपयोग किया जाता है। 
  • सर्जरी के दौरान दिल की दर जैसे महत्वपूर्ण संकेतों की लगातार निगरानी की जाती है। 
  • सर्जन उस क्षेत्र पर पीठ पर एक चीरा बनाता है जिसे सर्जरी की आवश्यकता होती है। फिर वह रीढ़ की हड्डी से बेहतर दृश्य प्राप्त करने के लिए मांसपेशियों और ऊतक को रीढ़ से दूर ले जाएगा।
  • सर्जन फिर लामिना या किसी हड्डी के स्पर्स या लिगामेंट को हटा देगा जो नसों को संकुचित कर रहा है। लामिना को कितना हटाया जाता है, यह रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है। टांके का उपयोग करके चीरा बंद कर दिया जाता है। (और पढ़े – थायरॉइड सर्जरी क्यों की जाती है)

लैमिनेक्टॉमी के बाद देखभाल ? (How to take care after Laminectomy in Hindi )

लैमिनेक्टॉमी (Laminectomy Meaning in Hindi)  सर्जरी के बाद मरीज को रिकवरी में थोड़ा अधिक समय लगता है। चिकिस्तक के अनुसार हड्डियों को पूरी तरह ठीक होने में कम से कम चार से पांच महीनो का समय या एक साल लग जाता है। हालांकि चिकिस्तक के पास जांच के लिए जाना चाहिए। इसके अलावा घर पहुंचे बाद मरीज को किसी तरह की पीड़ा या दर्द का अनुभव होने पर अपने चिकिस्तक से बात करनी चाहिए। 

  • अस्पताल से घर जाने के बाद मरीज को चिकिस्तक कुछ निम्न बातों की जानकारी रखनी की सलाह दे सकते हैं। 
  • जैसे – सर्जरी के बाद मरीज को चलने, उठने या बैठने में कमर का सही सहारा मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। इसलिए कमर को सहारा देने के लिए कुछ पहन सकते है। 
  • सर्जरी के बाद मरीज को नहाने के बारे में अपने चिकिस्तक से बात करनी चाहिए की उनको कब नहाना है क्योंकि सर्जरी के घाव गीले न हो उनको हफ्ते भर सूखने में लगता है। 
  • मरीज को धूम्रपान और शराब की लत को छोड़ना चाहिए क्योंकि इन खराब लतो से मरीज को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। 
  • मरीज को एक जगह पर आधे घंटे से अधिक नहीं बैठना चाहिए। इसके अलावा सोने के समय ऐसे किसी पोजीशन में न सोये जिससे आपको पीड़ा व दर्द का सामना करें। 
  • सर्जरी के कुछ हफ्तों बाद मरीज को थोड़ा चलने -फिरने का प्रयास करते रहना चाहिए। इसके अलावा मरीज सीढिया चढ़ व उतर भी सकते हैं। 
  • सर्जरी के कुछ हफ्तों बाद मरीज को चार किलो से अधिक वजन नहीं उठाना चाहिए। अधिक वजह उठाने से कमर पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। 
  • सर्जरी के बाद ऐसे कोई खेल न खेले जिसमे व्यक्ति को अधिक भागना या कूदना पड़े। जैसे रेस लगाना, तैराकी करना आदि न करें। 
  • चिकिस्तक से बात कर अपनी शारीरिक क्रिया यानि यौन इच्छा की पूर्ति दोबारा कर सकते हैं। (और पढ़े – कामेच्छा में कमी क्यों आती है)

लैमिनेक्टॉमी की जटिलताएं ? (What are the complications of Laminectomy in Hindi)

किसी भी बड़ी सर्जरी के साथ कुछ जोखिम हो सकते है, उसी तरह लैमिनेक्टॉमी (Laminectomy Meaning in Hindi) में कुछ संभावित जोखिम और जटिलताएं हो सकती भी हैं। चलिए आगे बताते हैं। 

  • अधिकतम खून बहना। 
  • संक्रमण का खतरा होना। 
  • दिल का दौरा या स्ट्रोक होना। 
  • रीढ़ की हड्डी और रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचाने का जोखिम जो गंभीर क्षति हो सकती है। 
  • मस्तिष्कमेरु द्रव का एक रिसाव होना।  
  • रक्त के थक्के जो फेफड़ों में यात्रा कर सकते हैं जिसके परिणामस्वरूप फुफ्फुसीय अन्त: शल्यता होती है। 
  • सर्जरी में इस्तेमाल दवाओं के लिए प्रतिक्रिया होना। 

भारत में लैमिनेक्टॉमी कराने का कितना खर्च लगता हैं ? (What are the Cost of Laminectomy in India in Hindi)

भारत में लैमिनेक्टॉमी सर्जरी कराने का कुल खर्च लगभग 230000 से 390000 तक लग सकता है। हालांकि भारत में बहुत से बड़े अस्पताल के डॉक्टर है जो लैमिनेक्टॉमी सर्जरी का इलाज करते है। लेकिन सभी अस्पतालों में लैमिनेक्टॉमी सर्जरी का खर्च अलग-अलग है। अगर आप अच्छे अस्पतालों में लैमिनेक्टॉमी सर्जरी के खर्च व डॉक्टर के बारे में जानकारी पाना चाहते है तो यहाँ पर क्लिक करें। 

अगर आप विदेश से आ रहे है तो आपकी लैमिनेक्टॉमी सर्जरी के इलाज के खर्च के अलावा होटल में रहने का खर्चा होगा, रहने का खर्चा होगा, लोकल ट्रेवल का खर्चा होगा। इसके अलावा सर्जरी के बाद मरीज को पांच दिन अस्पताल और 12 दिन होटल में रिकवरी के लिए रखा जाता है, इसलिए सभी खर्चे मिलाकर 483,547 INR होते है जो एक साथ अस्पताल में लिये जाते है। इसके बारे में अधिक जानकारी पाना चाहते है तो यहाँ पर क्लिक करे। 

अगर आपको लैमिनेक्टॉमी (Laminectomy Meaning in Hindi) के बारे में अधिक जानकारी व इलाज करवाना हो तो किसी अच्छे स्पाइन सर्जन (Spine Surgeon) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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