सेंट्रल पेन सिंड्रोम क्या हैं । Central Pain Syndrome in Hindi

मई 17, 2021 Bone Health 1272 Views

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सेंट्रल पेन सिंड्रोम का मतलब हिंदी में,  (Central Pain Syndrome in Hindi)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम क्या हैं ?

सेंट्रल पेन सिंड्रोम एक तरह न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जो नसों से जुडी समस्या के साथ दिमाग को प्रभावित करता है। इस बीमारी के प्रभाव होने से व्यक्ति का दिमाग ठीक से कार्य नहीं कर पाता है। इसमें मस्तिष्क के पीछे के हिस्से व रीढ़ की हड्डी शामिल होती है। सेंट्रल पेन सिंड्रोम का निदान करना कठिन होता है और कोई जांच प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है की बीमारी का सटीक पता नहीं लगा सकता है। हालांकि इस बीमार से पीड़ित लोगो को आमतौर पर निम्न समस्या का सामना करना पड़ता है। जैसे – स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, पार्किसन रोग, रीढ़ की हड्डी में चोट, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, मस्तिष्क की चोट आदि। शायद कई लोगो को पता नहीं होगा  चलिए आज के लेख में आपको सेंट्रल पेन सिंड्रोम के कारण, लक्षण, निदान, उपचार व जोखिम के बारे में विस्तार से बताते हैं। 

  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम के कारण ? (What are the Causes of Central Pain Syndrome in Hindi)
  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम के लक्षण ? (What are the Symptoms of Central Pain Syndrome in Hindi)
  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम के निदान ? (Diagnoses of Central Pain Syndrome in Hindi)
  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम का उपचार ? (What are the Treatments for Central Pain Syndrome in Hindi)
  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम के जोखिम ? (What are the Complication of Central Pain Syndrome in Hindi)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम के कारण ? (What are the Causes of Central Pain Syndrome in Hindi)

सीपीएस में होने वाला दर्द तंत्रिका से जुड़ा नहीं होता है। मस्तिष्क से उत्पन्न होता है। इस वजह से सीपीएस की स्तिथि में दर्द की तुलना अधिक होता है। परिधीय नस ऐसी होती है जो व्यक्ति के शरीर व रीढ़ की हड्डी के बाहर मौजूद होता है। मस्तिष्क की चोट दर्द की धारणा पैदा करती है। यह चोट आमतौर पर थैलेमस में होती है, मस्तिष्क के भीतर एक संरचना जो मस्तिष्क के अन्य भागों में संवेदी संकेतों को संसाधित करती है। हालांकि कुछ निम्न स्तिथि के कारण समस्या जटिल हो सकती है। 

सर्जिकल प्रक्रियाएं जिसमें मस्तिष्क या रीढ़ शामिल होते हैं। 

सेंट्रल पेन सिंड्रोम के लक्षण ? (What are the Symptoms of Central Pain Syndrome in Hindi)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम के लक्षण सभी व्यक्ति में अलग -अलग हो सकते है। इसके लक्षण चोट या अन्य स्तिथि में जल्दी नजर आते है। हालांकि कुछ लोगो में लक्षण देर से या जल्दी विकसित होते है। इन लक्षण में शामिल है। 

  • जैसे – जलन के साथ दर्द होना। 
  • तीव्र दर्द होना। 
  • सामान्य दर्द होना। 
  • सुन्न होना। 

गंभीर मामलो में सेंट्रल पेन सिंड्रोम से पीड़ित लोगो में अधिक दर्द होता है तब कपडे, कंबल या तेज हवा से हल्के से छुआ जाता है। विभिन्न प्रकार के दर्द को और गंभीर बना देता है। इनमे शामिल है।

  • स्पर्श होना। 
  • तनाव होना।
  • अधिक क्रोध होना। 
  • व्यवहार में बदलाव अधिक होना। 
  • छींकना। 
  • बैरोमीटर का दबाव बदल जाना। 

सेंट्रल पेन सिंड्रोम के कई मामलो में यह स्तिथि हमेंशा बनी रह सकती है।  (और पढ़े – कोरोना वायरस क्या हैं)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम के निदान ? (Diagnoses of Central Pain Syndrome in Hindi)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम का निदान करना बेहद कठिन होता है। हालांकि दर्द व चोट से संबंधित हो सकता है। सेंट्रल पेन सिंड्रोम का निदान करने के लिए चिकिस्तक विशेष परीक्षण कर सकता है। इसके अलावा चिकिस्तक मरीज के लक्षण के बारे में पूछते है और आवश्कयता के अनुसार शारीरिक परीक्षण करते है। इसमें मरीज के पिछली बीमारी इतिहास के बारे में पूछते है। यदि आपको किसी तरह के चोट लगी हो तो इसके बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। सेंट्रल पेन सिंड्रोम विकसित नहीं होता है केवल सीएनएस की चोट के बाद विकसित होता है। (और पढ़े – मानसिक रोग के घरेलु उपचार)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम का उपचार ? (What are the Treatments for Central Pain Syndrome in Hindi)

सेंट्रल पेन सिंड्रोम का इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि वैज्ञानिको द्वारा शोध जारी है। चिकिस्तक के अनुसार इसके लक्षण को नियंत्रित करने के लिए दर्द निवारक दवाएं दिए जाते है। कुछ मामलो में मिर्गी के दवाएं देते है ताकि कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके। इन दवाओं में शामिल है। 

सेंट्रल पेन सिंड्रोम के जोखिम ? (What are the Complication of Central Pain Syndrome in Hindi)

  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम एक दुर्लभ स्तिथि है जिसमे व्यक्ति को अपने रोजाना के कार्यो को करने में कठिनाई होने लगती है। इसके अलावा कुछ लोगो में मानसिक रूप से समस्या होने लगती है। इन समस्या में शामिल है जैसे नींद न आना, अधिक थकान महसूस करना, व्यवहार में परिवर्तन होना, क्रोध आना, तनाव व चिंता, खुदखुशी करने की सोच आना आदि है। 
  • सेंट्रल पेन सिंड्रोम का सटीक इलाज नहीं है लेकिन दर्द को कम करने के लिए चिकिस्तक दर्द निवारक दवाएं की खुराक दे सकते है। दवा की मदद से व्यक्ति सामान्य रूप से जीवन व्यतीत कर सकता है। (और पढ़े – नींद न आने की समस्या)

हमें आशा है की आपके प्रश्न सेंट्रल पेन सिंड्रोम क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको सेंट्रल पेन सिंड्रोम के बारे में अधिक जानकारी व इलाज करवाने के लिए (Neurologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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