सेरेब्रल पाल्सी पर जानकारी । Cerebral Palsy in Hindi

Login to Health अक्टूबर 21, 2020 Brain Diseases 2447 Views

हिन्दी Bengali Tamil

Cerebral Palsy Meaning in Hindi.

सेरेब्रल पाल्सी (सीपी) एक तरह विकारों का एक समूह है जो शरीर के किसी भी अंग और मांसपेशियो या गतिविधि को प्रभावित करता है। यह विकार जन्म के पहले मस्तिष्क चोट के कारण होता है। सेरेब्रल का अर्थ है मस्तिष्क से जुड़ाव और पाल्सी का अर्थ है मांसपेशियो में कमजोरी और उपयोग करने में समस्या होना। इस विकार के लक्षण छोटे बच्चें में दिखाई देने लगते है, आम तौर पर सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों में दो से अधिक लक्षण दिखाई देने लगते है। जैसे मांसपेशियो में कमजोरी, अंगो का ढीला पड़ना या शरीर की बनावट सही नहीं होना आदि शामिल है। कुछ लोगो में लक्षण गंभीर अवस्था में पहुंच जाते है यदि उपचार सही समय पर शुरू न किया जाएं। चिकिस्तक के अनुसार सेरेब्रल पाल्सी का उपचार तीन साल से कम उम्र के बच्चों का नहीं हो पाता है, किंतु तीन साल से अधिक उम्र के बच्चों का किया जा सकता है। कुछ शोधकर्ता के अनुसार हमारे देश में तीन साल से अधिक उम्र वाले लगभग 2000 बच्चों में 1 या 2 बच्चा सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित है। इसके अलावा एक लाख वयस्कों में एक वयस्क इस विकार से पीड़ित हो सकता है। आपको बता दे, इस विकार से पीड़ित बच्चें अपने अंगो हिला डुला व बैठ नहीं पाते है। कुछ बच्चें तो बौद्धिक विकलांग हो सकते है। इसके अलावा पीड़ित बच्चों को भोजन निगलने में परेशानी और बोलने में दिक्कत आती है। कई लोगो के मन में सवाल आ रहे होंगे, की सेरेब्रल पाल्सी होने के कारण क्या हो सकते है ? तो चलिए आज के लेख के माध्यम से हम आपको विस्तार में सेरेब्रल पाल्सी पर जानकारी प्रदान करते है। 

  • सेरेब्रल पाल्सी के कारण ? (What are the Causes of Cerebral Palsy in Hindi)
  • सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण हैं ? (What are the Symptoms of Cerebral Palsy in Hindi)
  • सेरेब्रल पाल्सी का परीक्षण ? (Diagnoses of Cerebral Palsy in Hindi)
  • सेरेब्रल पाल्सी का उपचार ? (What are the Treatments for Cerebral Palsy in Hindi)
  • सेरेब्रल पाल्सी से बचाव ? (Prevention of Cerebral Palsy in Hindi)

सेरेब्रल पाल्सी के कारण ? (What are the Causes of Cerebral Palsy in Hindi)

सेरेब्रल पाल्सी का सटीक कारण का पता नहीं है, किंतु बच्चों के जन्म से पहले मस्तिष्क के विकास में हो रहे रुकावट के कई कारण हो सकते है।

  • शिशु के मस्तिष्क में सूजन होना। 
  • किसी दुर्घटना के कारण बच्चें के सिर पर गहरा चोट लगना। 
  • गर्भाशय में विकसित भ्रूण में संक्रमण होना। 
  • मस्तिष्क के विकास में परिवर्तन। 
  • गर्भावस्था के समय कुछ संक्रमण जैसे रूबेला, सिफलिस, थायरॉइड, चिकनपॉक्स होने से सेरेब्रल पाल्सी का जोखिम हो सकता है। 
  • शिशु में गंभीर बीमारिया होने के कारण सेरेब्रल पाल्सी का जोखिम बढ़ सकता है। 
  • समय से पहले जन्मे बच्चों में से कुछ बच्चें सेरेब्रल पाल्सी का जोखिम हो सकता है। (और पढ़े – समय से पहले जन्मे शिशु कैसे दिखते है)

सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण ? (What are the Symptoms of Cerebral Palsy in Hindi)

सेरेब्रल पाल्सी के कई तरह के लक्षण व संकेत दिखाई देते है। सभी लक्षण एक ही बच्चें में नजर नहीं आते बल्कि अलग-अलग हो सकते है। 

  • जैसे – भोजन निगलने में कठिनाई होना। 
  • बोलने में परेशानी होना। 
  • मांसपेशियो में कम या अधिक खिंचाव होना। 
  • झुकी हुई चाल की तरह चलना। 
  • अत्यधिक लार आना। 
  • सामान्य काम न कर पाना। 
  • गतिविधि करने में दर्द होना। 
  • मांसपेशिया कठोर होना। 
  • कुछ लोग में पूरी तरह विकलांग होना। 

सेरेब्रल पाल्सी के अन्य लक्षण में –

  • पेशाब पर नियंत्रण न रख पाना। 
  • मुंह से जुडी समस्या रहना। 
  • सुनने में परेशानी। 
  • ठीक से देख न पाना। 
  • मानसिक स्वास्थ्य ठीक न होना। (और पढ़े – मानसिक रोग के कारण)

सेरेब्रल पाल्सी का परीक्षण ? (Diagnoses of Cerebral Palsy in Hindi)

सेरेब्रल पाल्सी का निदान करने के लिए पहले बच्चें के लक्षणो व बीमारी इतिहास के बारे में पूछेंगे। इसके अलावा बच्चें का शारीरिक परीक्षण करते है। चिकिस्तक सेरेब्रल पाल्सी के कारणों का पता लगाने के लिए कुछ परीक्षण करवाने की सलाह देते है। 

  • जैसे – ईसीजी। 
  • सिटी स्कैन। 
  • एमआईआर। 
  • ब्लड टेस्ट। 
  • क्रेनियल अल्ट्रासाउंड। 
  • अन्य परीक्षण में 
  • बोलने व सुनने की समस्या। (और पढ़े – स्पीच थेरेपी क्या है)
  • अंगो व मांसपेशियो की समस्या। 
  • समझने की कमी आदि का परीक्षण कर पता लगाते है। 

सेरेब्रल पाल्सी का उपचार ? (What are the Treatments for Cerebral Palsy in Hindi)

सेरेब्रल पाल्सी पर जानकारी:

सेरेब्रल पाल्सी (सीपी) के लिए कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन इस विकार की स्तिथि से उन लोगों के जीवन में सुधार करने के लिए कुछ उपयुक्त उपचार कार्यक्रम किया जा सकता है।

  • सीपी का निदान किए जाने के बाद, स्वास्थ्य पेशेवरों की एक टीम बच्चे और परिवार के साथ मिलकर काम करती है ताकि बच्चे को उसकी पूरी क्षमता तक पहुँचने में मदद मिल सके। हालांकि बच्चें के स्कूल, घर, पढ़ाई व व्यवहार करने में ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Occupational Therapy) का उपयोग किया जाता है ताकि बच्चें के रोजाना कार्यो में मन लगे और उनका आत्मविश्वास बढ़े। 
  • बच्चों के बोलने और भाषा में सुधार करने के लिए स्पीच थेरेपी (Speech Therapy) का उपयोग किया जाता है, ताकि खाने और निगलने जैसी समस्या को कम किया जा सके। 
  • बच्चों की मांसपेशियो की गतिविधि में सुधार करवाने के लिए फिजिकल थेरेपी (Physical Therapy) का उपयोग किया जाता है। ताकि इस थेरेपी से रोजाना के सामान्य कार्यो में मदद हो सके। 
  • बच्चों की मांसपेशियो व हड्डियों की गलत बनावट से अधिक समस्या हो रही है तो चिकिस्तक सही स्तिथि में हड्डियों को लाने के लिए ऑर्थोपेडिक सर्जरी कर सकते है। (और पढ़े – हड्डियों का फ्रैक्चर)

सेरेब्रल पाल्सी से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Cerebral Palsy in Hindi)

सेरेब्रल पाल्सी से बचाव करना संभव नहीं होता है, किंतु कुछ जोखिम से बचाव कर सकते है। 

  • गर्भावस्था में महिला को अपना खास ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महिला के स्वस्थ रहने पर बच्चें को सेरेब्रल पाल्सी होने का खतरा कम हो सकता है। 
  • जब छोटे बच्चें किसी तरह खेल खेलते है तो उनका खास ध्यान रखना चाहिए, ताकि कोई बड़ी चोट सिर पर न लग सके। 
  • रूबेला का टीकाकरण जरूर करवाना चाहिए ताकि सेरेब्रल पाल्सी विकार से भ्रूण के मस्तिष्क को बचाया जा सके। (और पढ़े – मिजिल्स रूबेला टीकाकरण)

सेरेब्रल पाल्सी पर जानकारी एव उपचार करवाने के लिए न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


Best Neurologist in Delhi

Best Neurologist in Mumbai

Best Neurologist in Bangalore 

Best Neurologist in Chennai