मानसिक रोग के घरेलु उपचार। Natural Remedies for Mental illness in Hindi.

Login to Health अक्टूबर 9, 2020 Brain Diseases 911 Views

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Mental illness Meaning in Hindi. 

मानसिक रोग एक तरह विकार है जो मस्तिष्क से जुड़ा होता हैं। यह विकार व्यक्ति के व्यवहार, सोचने व समझने की शक्ति को प्रभावित कर देते हैं। मानसिक रोग में अक्सर व्यक्ति में चिंता, तनाव, किसी वस्तु की अधिक लत या पागलपन हो जाना आदि हो जाता हैं। इसके अलावा कुछ लोगो में मानसिक स्वास्थ्य समस्या हमेशा होती रहती है, किंतु यदि मानसिक स्वास्थ्य समस्या मानसिक रोग में बदलने लगे तो अधिक गंभीर समस्या मस्तिष्क में उत्पन्न हो सकती हैं। इस वजह से मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता कम होने लगती हैं। मानसिक रोग से डरने की नहीं बल्कि उचित उपचार करने की आवश्कयता हैं। कुछ ऐसे घरेलु उपचार है जिनकी सहायता से लक्षण को कम कर सकते है और मस्तिष्क को शांत भी कर सकते हैं। चलिए आज के लेख में आपको मानसिक रोग के घरेलु उपचार के बारे में बताएंगे। 

मानसिक रोग के उपाय ? (Remedies for Mental illness in Hindi)

मानसिक रोग के घरेलु उपचार पाने के लिए कुछ निम्न उपाय अपना सकते है। चलिए विस्तार से बताते हैं। 

  • मानसिक रोग से बचाव करने के लिए इनके लक्षणो पर ध्यान देने की जरूरत है। लक्षणो में क्या महसूस हो रहा है और तबियत कितना बिगड़ रही है। आप क्या नहीं कर पा रहे है। इन लक्षण को आसानी से दूसरे को बता सकते है। यदि आपको समझ रहा है तो आपकी मदद कर सकता है और जो आपका मजाक बनाते है उनसे दूरी बनाएं रखें। 
  • यदि आपके दिमाग में बदलाव होते रहते है, तो अपने पर नियंत्रण रखे और एक डायरी पर अपने साथ होने वाली समस्या को लिखे की आपको क्या अच्छा और बुरा लगता है। इसके अलावा कुछ चीजों में फेरबदल कर कुछ हद तक ठीक कर सकते है। आपका दिमाग में भी शांति रहेंगी। 
  • अपने अंदर व्यक्ति को आत्मविश्वाश अधिक बढ़ाने की जरूरत होती है ताकि किसी भी व्यक्ति के बातो से आपका मनोबल कम न हो और आगे की ओर बढ़ते जाएं। (और पढ़े – मानसिक रोग के कारण)
  • मानसिक रोग से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को दुसरो की सहायता करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को खुशी व सुकून मिलता है और अपने मानसिक तनाव को भूल जाता है। इससे एक भावनात्मक क्रिया उत्पन्न होती है जो तनाव व चिंता से दूर रखता है। इससे आप जैसे भी है अपने आप को बेहतर समझते है और कही भी रहकर कार्य कर सकते है। आप अलग-अलग लोगो से मिलते है और अनुभव लेते है। सहायता से नई-नई जानकारी मिलती है। सभी तरह से दिमाग को व्यस्त रख सकते है। 
  • मानसिक रोग से छुटकारा पाने के लिए अपने परिवार का साथ होना जरुरी होता है। परिवार के सहयोग होने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और नए कार्य करने में उत्सुकता होती है। परिवार व रिश्तेदारों से जुड़े रहने पर आप अपने आप व्यस्त कर सकते है। आपको तनाव भी मह्सुश नहीं होगा और अपने अंदर के दुख व सुख को सांझा कर सकते है। तकनीक का जमाना है, तो विडिओ कॉल या चाट से बात कर सकते है। यदि आपके परिवार में दोस्त साथ नहीं देते है तो किताबो का सहारा ले सकते है। इसके अलावा किताब क्लब में शामिल होकर अन्य लोगो से संपर्क कर सकते है। 
  • मानसिक रोग से बचने के लिए कुछ गतिविधिया कर सकते है, जिससे तनाव से छुटकारा पा सके। ये गतिविधिया आप खुद आजमा सकते है चलिए आगे बताते है। 
  • आपको क्या अधिक अच्छा लगता है और किस कार्य में आप अधिक रूचि रखते है, इससे मस्तिष्क को आराम मिलता है। जैसे आपको बाहर टहलना पसंद है या अपने कुत्ते को बाहर लेकर टहलने में आनद आता है तो आप वही कार्य करे। इसके अलावा कुछ लोगो को चित्र कला में रूचि होती है तो उनको वह कार्य करना चाहिए। हालांकि इन सब कार्यो के लिए कुछ समय जरूर निकाले। (और पढ़े – आटिज्म क्या है)
  • अपने मस्तिष्क को एक ही समय पर बहुत सी चीजों पर नहीं लगाएं, ऐसा करने से मानसिक विकार को बढ़ावा मिलता है इसलिए एक ही कार्य में दिमाग लगाना चाहिए और तनाव को जितना हो सके दूर रखने की कोशिश करे। कुछ लोगो के अनुसार माइंडफूलनेस मूड और रिएक्शन को होने से रोकते है लेकिन हर बार कारगर साबित नहीं होता है। 
  • बहुत लोग शहर में रहकर प्राकृतिक नजारा नहीं ले पाते है। जैसे ग्रमीण जगह पर लोग काफी स्वस्थ रहते है क्योकि उनको ताजी हवा और प्रदूषण कम मिलता है। शहर में लोग जल्दी पार्क में नहीं जाते है और घर में पालतू पशु जानवर नहीं रख पाते है ताकि कुछ समय बिता सके। 
  • मानसिक रोग के घरेलु उपचार के लिए अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत जरुरी होता है। ताकि मासिक समस्या को कुछ हद तक ठीक कर सके। जैसे अपनी नींद को पूरा करना यानि कम से कम 7 घंटे की नींद लेना चाहिए। (और पढ़े – नींद आने की समस्या)
  • रोजाना जल्दी उठकर व्यायाम यानि हल्के व्यायाम और कुछ दूर पैदल चलना आदि करना चाहिए। आप चाहे तो योगा या स्विमिंग कर सकते है। इसलिए आप वोई व्यायाम चुने जिसमे आपको बहुत मजा आता है। यदि आप शारीरिक रूप से अपंग है तो चिकिस्तक से बात करें। (और पढ़े – सुबह उठकर दौड़ने के स्वास्थ्य लाभ)
  • शराब और ड्रग्स का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नशीली चीजे से मासिक तनाव और बढ़ता है। इस वजह मासिक रोग को बढ़ावा मिलता है। आप चिकिस्तक की मदद से छुटकारा पाने में मदद ले सकते है। 
  • अपने भोजन पर विशेष ध्यान नहीं रखना जरूरी है। आप किस समय भोजन करते है उसका ध्यान रखे और खासतौर पर पोषक तत्व से भरपूर आहार का सेवन करे। आप ऐसी कुछ चीजे का सेवन न करे जिससे आपको नुकसान हो। 

अगर आपको मानसिक रोग की समस्या हो रही है, तो मनोचिकिस्तक (Psychiatrist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य है आपको जानकारी प्रदान करना है। ना की किसी तरह के दवा, इलाज, घरेलु उपचार की सलाह दी जाती है। आपको चिकिस्तक अच्छी सलाह दे सकते है क्योंकि उनसे अच्छी सलाह कोई नहीं देता है।


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