स्कल बेस सर्जरी क्या है। Skull Base Surgery Meaning in Hindi.

Login to Health सितम्बर 28, 2020 Brain Diseases 1515 Views

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Skull Base Surgery Meaning in Hindi. 

स्कल बेस सर्जरी को हिंदी में खोपड़ी आधार सर्जरी कहते है। खोपड़ी आधार सर्जरी दोनों के इलाज के लिए एक न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमे खोपड़ी और शीर्ष कशेरुक के आधार में मौजूद सौम्य और कैंसर ट्यूमर आदि शामिल है। इस उपचार की प्रक्रिया ओपन सर्जरी से बेहतर मानी जाती है। इस सर्जरी में उपकरण कपाल के माध्यम से बड़े चीरे के बजाय खोपड़ी के प्राकृतिक उद्घाटन के माध्यम से डाले जाते हैं। खोपड़ी को तीन तरीको से पहुंचाया जा सकता है जैसे ट्रांस-नसल, ट्रांस-ओरल और सुप्रा ऑर्बिटल आदि। खोपड़ी आधार सर्जरी की आवश्यकता तब पड़ी है जब व्यक्ति को खोपड़ी संबंधित विकार हो या किसी तरह का ट्यूमर हो। इसके अलावा सेरेब्रल एन्यूरिज्म, मेनिंगिओमास, क्रानियोफेरीन्जिओमास, कॉर्डोमा, पिट्यूटरी ट्यूमर इत्यादि में चिकिस्तक स्कल बेस सर्जरी करने की सलाह दे सकते हैं। शायद बहुत से लोग (skull base surgery meaning in hindi) खोपड़ी आधार सर्जरी के बारे में जानते नहीं होंगे। यह कैसे होता है ? इसलिए आज के लेख में स्कल बेस सर्जरी के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास करेंगे। 

  • स्कल बेस सर्जरी क्यों की जाती हैं ? (Why is skull base surgery done in Hindi)
  • स्कल बेस सर्जरी कैसे की जाती हैं ? (How to perform skull base surgery in Hindi)
  • स्कल बेस सर्जरी बाद देखभाल कैसे करें ? (How to take care after Skull base Surgery in Hindi)
  • स्कल बेस सर्जरी के बाद क्या जटिलताएं आ सकती हैं ? (What are the complications of skull base surgery in Hindi)
  • भारत में स्कल बेस सर्जरी कराने का कितना खर्च लगता हैं ? (What is cost of Skull base surgery in India in Hindi)

स्कल बेस सर्जरी क्यों की जाती हैं ? ((Why is skull base surgery done in Hindi)

चिकिस्तक स्कल बेस सर्जरी करवाने की सलाह उनको देते है, जिनमे कुछ निम्न लक्षण दिखाई देते है। चलिए आगे बताते हैं।  

  • जैसे – चेहरे का दर्द। 
  • सरदर्द होना। 
  • चक्कर आना। 
  • चेहरे की मांसपेशियों की कमजोरी। 
  • स्तब्धता और सनसनी का नुकसान। 
  • व्यक्तित्व में बदलाव होना। 
  • वर्टिगो और संतुलन के लिए परेशानी। (और पढ़े – चक्कर क्यों आते है)
  • चेहरे की चिकोटी। 
  • सुनने की हानि होना। 
  • दृष्टि या दोहरी दृष्टि का नुकसान। 
  • नेत्रगोलक का उभार। 
  • नाक बंद होना। 
  • बार-बार नाक से खून आना। 
  • साइनस संक्रमण। (और पढ़े – छींक आने का कारण क्या है)

स्कल बेस सर्जरी कैसे की जाती हैं ? (How to perform skull base surgery in Hindi)

स्कल बेस सर्जरी करने के पहले चिकिस्तक मरीज का निदान करने के लिए कुछ इमेजिंग परीक्षण कर सकते हैं। जैसे कि एमआरआई, एमआरए, पीईटी और सीटी स्कैन आदि कर सकते हैं जो खोपड़ी और ट्यूमर के विस्तृत चित्र बनाते हैं। ताकि स्कल का सटीक से जांच की जा सके। 

मस्तिष्क के ऊतकों में असामान्यताओं का निरीक्षण करने के लिए एक बायोप्सी आवश्यक होता है क्योंकि विकास का एक छोटा सा हिस्सा खोपड़ी से निकाला जाता है और माइक्रोस्कोप के नीचे मनाया जाता है। इसके अलावा दृष्टि, गंध, श्रवण और अन्य इंद्रियों के लिए अन्य परीक्षण भी किए जाते हैं।

स्कल बेस सर्जरी कई खोपड़ी विकारों के उपचार के लिए किया जाता है। इस सर्जरी को दो प्रक्रिया द्वारा किया जाता है। 

  • न्यूनतम इनवेसिव स्कल बेस सर्जरी (Minimally invasive skull base surgery) नाक, मुंह या भौं के नीचे के माध्यम से किया जाता है और इसके लिए क्रैनियोटॉमी की आवश्यकता नहीं होती है। एक एंडोस्कोप उद्घाटन के माध्यम से डाला जाता है जो खोपड़ी के अंदर ट्यूमर के चित्रों को प्राप्त करने में मदद करता है। ताकि इसका इलाज सही से किया जा सके।
  • ओपन स्कल बेस सर्जरी (Open skull base surgery) करने के लिए खोपड़ी में बड़े चीरो की जरूरत होती है। हड्डी के हिस्सों और आस-पास के ऊतकों को भी ट्यूमर को स्नेह से पहुंचने के लिए निकालना पड़ता है।

स्कल बेस सर्जरी बाद देखभाल कैसे करें ? (How to take care after Skull base Surgery in Hindi)

स्कल बेस सर्जरी के बाद, रोगी को पर्याप्त आराम करने की आवश्यकता होती है। क्योंकि सर्जरी के बाद मरीज को 3 दिन अस्पताल में देखरेख के लिए रखा जाता है इसके अलावा मरीज का नियमित रूप से परीक्षण करते है देखने के लिए कही फिर से ट्यूमर तो नहीं बन रहा है। 

अगर मरीज नीचे दिए गए लक्षण हो रहे है तो तुरंत चिकिस्तक से बात करें। 

  • तेज़ बुखार आना। 
  • मतली और उल्टी आना। 
  • चीरा के जगह पर संक्रमण।
  • हाथ में बहुत दर्द होना
  • किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना आदि। 

स्कल बेस सर्जरी के बाद क्या जटिलताएं आ सकती हैं ? (What are the complications of skull base surgery in Hindi)

स्कल बेस सर्जरी के बाद कई जोखिम हो सकते हैं। जैसे -चीरा लगाने की जगह पर संक्रमण। 

  • रक्तस्राव। 
  • तंत्रिका चोट और मस्तिष्क क्षति की भी संभावना है। 
  • सेरेब्रल-स्पाइनल द्रव का रिसाव हो सकता है जो मस्तिष्क के आगे विकारों का कारण बन सकता है। 
  • आंखों की जटिलताएं में,
  • अंधापन, (और पढ़े – मोतियाबिंद होने का कारण)
  • वर्टिकल डिस्टोपिया ।
  • डबल विजन।
  • कैंथल ड्रिफ्ट और कई और भी हो सकते हैं।

भारत में स्कल बेस सर्जरी कराने का कितना खर्च लगता हैं ? (What is cost of Skull base surgery in India in Hindi)

भारत में स्कल बेस सर्जरी कराने का कुल खर्च लगभग INR 210000 से INR 375000 लग सकता है। हालांकि भारत में बहुत से बड़े अस्पताल के डॉक्टर है जो स्कल बेस  सर्जरी का इलाज करते है। लेकिन सभी अस्पतालों में स्कल बेस सर्जरी का खर्च अलग-अलग है। अगर आप अच्छे अस्पतालों में स्कल बेस सर्जरी के खर्च व डॉक्टर के बारे में जानकारी पाना चाहते है तो यहाँ पर क्लिक करें। 

अगर आप विदेश से आ रहे है तो आपकी स्कल बेस सर्जरी के इलाज के खर्च के अलावा होटल में रहने का खर्चा होगा, रहने का खर्चा होगा, लोकल ट्रेवल का खर्चा होगा। इसके अलावा सर्जरी के बाद मरीज को चार  दिन या 10 दिन रिकवरी के लिए रखा जाता है, इसलिए सभी खर्चे मिलाकर INR 455,129 INR होते है जो एक साथ अस्पताल में लिये जाते है। इसके बारे में अधिक जानकारी पाना चाहते है तो यहाँ पर क्लिक करे। 

अगर आपको स्कल बेस सर्जरी (Skull Base Surgery Meaning In Hindi) के बारे में अधिक जानकरी एव इलाज करवाना है तो किसी अच्छे Neurosurgeon से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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