लोगो में रक्त कैंसर होने के क्या कारण होते है। Blood Cancer Meaning in Hindi

Login to Health अप्रैल 22, 2019 Cancer Hub 7744 Views

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भारत में एक मिलियन ब्लड कैंसर के मामले प्रतिवर्ष सामने आते है। ब्लड कैंसर को हिंदी में रक्त कैंसर कहा जाता है। रक्त कैंसर शरीर की कोशिकाओं में उत्पवरिवर्तन के कारण शुरू होने लगता है। रक्त कैंसर मुख्यतः तीन प्रकार के वर्गों में विभाजित किया गया है। जिसमे माइलोमा, लिम्फोमा और ल्यूकेमिया रक्त कैंसर शामिल है। रक्त कैंसर शरीर के रक्त को दूषित करता है एव मनुष्य को अत्यधिक कमजोर बना देता है। जिसके कारण मनुष्य की मृत्यु भी हो जाती है। आइए रक्त कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है।

  • रक्त कैंसर क्या है ? (What is Blood Cancer in Hindi)
  • रक्त कैंसर के कितने प्रकार से होता है ? (What are The Types of Blood Cancer in Hindi)
  • रक्त कैंसर के कारण क्या है ? (What are The Causes of Blood Cancer in Hindi)
  • रक्त कैंसर के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Blood Cancer in Hindi)
  • रक्त कैंसर का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Blood Cancer in Hindi)

रक्त कैंसर क्या है? (What is Blood Cancer in Hindi)

रक्त कैंसर एक जानलेवा बीमारी होती है। यह बीमारी मनुष्य के कोशिकाओं और रक्त को अधिक प्रभावित करती है। इस वजह से मनुष्य के शरीर में रक्त बनने की प्रकिया रुक जाती है व कोशिकाये अपना कार्य ठीक से नहीं कर पाती है। जिससे मनुष्य के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है यानि शरीर की रोगो से लड़ने शक्ति समाप्त हो जाती है।

रक्त कैंसर के कितने प्रकार से होता है ? (What are The Types of Blood Cancer in Hindi)

रक्त कैंसर तीन प्रकार से लोगो को प्रभावित करता है।

  • माइलोमा :- रक्त कैंसर को माइलोमा के नाम से भी जाना जाता है। यह प्लाज्मा कोशिकाओं को प्रभावित करता है। यह प्लाज्मा कोशिकाये शरीर के भीतर अस्थि मज्जे में स्तिथ रहती है। शरीर को संक्रमण रोखने में मदद करती है।
  • लिम्फोमा :- लिम्फोमा एक तरह का रक्त कैंसर होता है। जो सामान्य रूप से लिम्फैटिक प्रणाली को प्रभावित करता है। यह प्रणाली रोग से बचाने में सहायता करता है। यह बीमारी शरीर की सफ़ेद रक्त कोशिकाओं को अधिक बनाता है। यह प्लीहा,अस्थि मज्जा को विकसित कर सकता है। लिम्फोमा दो तरह के होते है। होड़कीन लिम्फोमा और गैर हाजकिन लिम्फोमा है।
  • ल्यूकेमिया :- ल्यूकेमिया रक्त कैंसर शरीर की सफ़ेद रक्त कोशिकाओं को अधिक प्रभावित करता है। हमारे शरीर के लिए सफ़ेद रक्त कोशिका बहुत जरुरी होता है क्योंकि यह हमारे शरीर के रोगो से लड़ने में सहायता करता है। ल्यूकेमिया प्रभावित होने पर तुरंत इलाज करवाना चाहिए।

रक्त कैंसर के कारण क्या है ? (What are The Causes of Blood Cancer in Hindi)

रक्त कैंसर अनेको कारण से हो सकता है।

  • जैसे :- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने कारण रक्त कैंसर होने लगता है।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर फैलने का कारण होता है।
  • क्ष-रे या अन्य रेडिएशन के अधिक संपर्क में आने के रक्त कैंसर होता है।
  • कीमोथेरेपी कराने के बाद रक्त कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • केमिकल्स के अधिक संपर्क में आने के कारण मनुष्य को रक्त कैंसर हो सकता है।
  • अनुवांशिक यानि रक्त कैंसर पारिवारिक होने के कारण घर के सदस्यो में पीढ़ी दर पीढ़ी फैलता है।
  • यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति यानि एच,आई,वी एड्स से पीड़ित व्यक्ति होने के कारण रक्त कैंसर अधिक होने की संभावना रहती है।
  • मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए धूम्रपान करना हानिकारक होता है। धूम्रपान जैसे तंबाखू ,सिगरेट में प्रचुर मात्रा में निकोटिन होता है। यह निकोटिन शरीर में प्रवेश कर रक्त कैंसर होने का कारण बनती है।

रक्त कैंसर के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Blood Cancer in Hindi)

रक्त कैंसर के निम्लिखित लक्षण मनुष्य में नजर आते है।

  • त्वचा में लाल चकत्ते पड़ना।
  • रात में अधिक पसीना आना।
  • जी मिचलाना।
  • बुखार होना।
  • मल में रक्त आना।
  • थकान महसूस होना।
  • जोड़ो में दर्द होना।
  • ठंड लगना।
  • भुख में कमी आना।
  • चक्कर आना।

(और पढ़े –वर्टिगो चक्कर क्यों आते है)

रक्त कैंसर का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Blood Cancer in Hindi)

  • रक्त कैंसर का इलाज मरीज के लक्ष्णों पर निर्धारित किया जाता है। डॉक्टर इलाज करने से पहले मरीज की आयु,स्वास्थ्य,रक्त कैंसर का प्रकार देखते है फिर इलाज करने की प्रकिया को शुरू करते है।
  • रक्त कैंसर का इलाज कीमोथेरेपी, बायोलॉजिकल थेरेपी, लक्षित चिकित्साम, रेडिएशन थेरेपी, स्टेम सेल प्रत्यारोपण के द्वारा किया जाता है।
  • कीमो थेरेपी में मरीज को दवाई या सुई दी जाती है ताकि मरीज के कैंसर के प्रभाव को कम कर सके।
  • बायोलॉजिकल थेरेपी में डॉक्टर मरीज पर कुछ ऐसे उपचार का प्रयोग करते है जो कोशिकाओं में से ल्यूकेमिया की पहचान कर उसे नष्ट करने में सहायता करता है।
  • लक्षित सिकित्साम में डॉक्टर कुछ ऐसी दवाइयों का उपयोग मरीजों पर करते है। यह दवाइया कैंसर की कोशिकाओं के भीतर कमजोरी को समाप्त करती है।
  • रेडिएशन थेरेपी ल्यूकेमिया कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने व उनके विकास को रोकने के लिए ऊर्जा बीमा का उपयोग करते है।
  • कुछ गंभीर मामलो में डॉक्टर मरीज का स्टेम सेल प्रत्यारोपण करते है। मरीज के रोगी अस्थि मज्जा को स्वस्थ अस्थि मज्जा में प्रत्यारोपण कर देते है। जिसे अंग्रजी में बोन मार्रो कहा जाता है।

अगर आपको ब्लड कैंसर या रक्त कैंसर के बारे में अधिक जानकारी एव इलाज करवाना चाहते है, तो तुरंत ऑनकोलॉजी डॉक्टर (Oncologist) से संपर्क करें।


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