पेट के कैंसर का कारण । Causes of Stomach Cancer In Hindi

Login to Health फ़रवरी 18, 2021 Cancer Hub 37 Views

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पेट के कैंसर का मतलब हिंदी में, (Stomach Cancer Meaning In Hindi)

पेट के कैंसर का कारण ।

पेट के कैंसर को गैस्टिक कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमारी पेट के किसी भी हिस्से में असामान्य कोशिकाओं का निर्माण करती है। पेट का कैंसर धीरे -धीरे कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इस कैंसर से मौतों का कारण भी बन सकता है। पेट का कैंसर अन्य कैंसर की तुलना में अधिक घातक साबित होता है। पेट के कैंसर होने पर लक्षण या संकेत नजर नहीं आते है, जिसके कारण निदान व उपचार करने में कठिनाई होती है। शायद बहुत से लोगो को पेट के कैंसर के बारे में अधिक पता नहीं होता है। चलिए आज के लेख के माध्यम से आपको पेट के कैंसर के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • पेट के कैंसर का कारण क्या हैं ? (What are the Causes of Stomach Cancer in Hindi)
  • पेट के कैंसर के लक्षण क्या हैं ? (What are the Symptoms of Stomach Cancer in Hindi)
  • पेट के कैंसर का निदान ? (Diagnoses of Stomach Cancer in Hindi)
  • पेट के कैंसर का इलाज क्या हैं ? (What are the Treatments of Stomach Cancer in Hindi)
  • पेट के कैंसर से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Stomach Cancer in Hindi)

पेट के कैंसर का कारण क्या हैं ? (What are the Causes of Stomach Cancer in Hindi)

पेट में कैंसर का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन पेट में कैंसर की स्तिथि तब उत्पन्न होती है जब ऊपरी पाचन तंत्र के भीतर सामान्य कोशिकाएं कैंसर युक्त हो जाती है। बिना कारण के ट्यूमर का निर्माण होने लगता है। पेट में कैंसर धीरे -धीरे कोशिकाओं को प्रभावित करती है। इसलिए पेट के कैंसर का विकास होने में कई साल लग जाते है। इसके अलावा पेट में कैंसर बढ़ाने के कुछ जोखिम कारक हो सकते है। 

  • जैसे पेप्टिक अल्सर। 
  • पाचन तंत्र के कुछ हिस्सों में ट्यूमर होना। 
  • जीवाणु का हमला। 
  • विटामिन बी 12 की भारी कमी। 
  • लंबे समय से पेट में सूजन होना। 
  • लिंफोमा कैंसर। 

गैस्टिक कैंसर के अन्य जोखिम कारक में शामिल है। 

  • जैसे – अधिक धूम्रपान करना। 
  • व्यायाम बिलकुल भी न करना।  (और पढ़े – सुबह व्यायाम करने के फायदे)
  • शराब का सेवन अधिक करना। 
  • बहुत अधिक नमकयुक्त खाद्य पदार्थ लेना। 
  • कैंसर का पारिवारिक इतिहास। 
  • वजन कम या अधिक होना। 
  • 50 से अधिक उम्र होना। 

पेट के कैंसर के लक्षण क्या हैं ? (What are the Symptoms of Stomach Cancer in Hindi)

पेट के कैंसर के लक्षण सभी में भिन्न -भिन्न हो सकते है इनमे शामिल हैं। 

चिकिस्तक से कब संपर्क करें –

यदि आपके पास ऐसे लक्षण हैं जो आपकी चिंता करते हैं, तो अपने चिकिस्तक से संपर्क करें। हालांकि आपका चिकिस्तक पहले इन संकेतों और लक्षणों के अधिक सामान्य कारणों की जांच करेंगे। 

पेट के कैंसर का निदान ? (Diagnoses of Stomach Cancer in Hindi)

पेट में कैंसर का विकास होने पर व्यक्ति को निदान करवाना चाहिए। हालांकि पेट के कैंसर के शुरुवाती लक्षण महसूस नहीं होते है, इस वजह से उपचार में कठिनाई हो सकती है। पेट में किसी तरह की अनियमियता की जांच करने के लिए चिकिस्तक पहले शारीरिक परीक्षण करते है। जिसमे मरीज से पिछली बीमारी इतिहास के बारे में कुछ सवाल कर सकते है। पेट में कैंसर का पता लगाने के लिए कुछ निम्न परीक्षण कर सकते हैं। 

  • ब्लड टेस्ट। 
  • बायोप्सी। 
  • ऊपरी एंडोस्कोपी। 
  • कम्पलीट ब्लड काउंट। 
  • लेप्रोस्कोपी। 
  • आनुवंशिक परीक्षण। 
  • सिटी स्कैन। 
  • एक्स-रे परीक्षण। 
  • पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी। (और पढ़े –  लेप्रोस्कोपी क्या हैं)

पेट के कैंसर का इलाज क्या हैं ? (What are the Treatments of Stomach Cancer in Hindi)

पेट के कैंसर का इलाज चिकिस्तक निम्न प्रक्रियाओ के द्वारा किया जा सकता हैं। 

  • कीमोथेरेपी। 
  • इम्यूनोथेरेपी यानि जैसे टीके और दवा। 
  • रेडिएशन थेरेपी। 
  • सर्जरी। 

पेट में कैंसर की कोशिकाओं का इलाज करने के अलावा, उपचार का लक्ष्य कोशिकाओं को फैलने से रोकना है। पेट का कैंसर, जब अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो यह फैल सकता है। 

पेट के कैंसर से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Stomach Cancer in Hindi)

पेट के कैंसर का बचाव करने का कोई सटीक तरीका नहीं है, लेकिन कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए निम्न तरीके अपना सकते हैं। 

  • रोजाना नियमित रूप से व्यायाम करें। 
  • धूम्रपान, तंबाकू, शराब से परहेज करना चाहिए। 
  • हानिकारक पदार्थो से बचें। 
  • कम वसा वाले आहार का सेवन करें। 
  • फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ को आहार में शामिल करें। 
  • अपना वजन संतुलित बनाए रखें। (और पढ़े – वजन कम करने का घरेलु उपचार)

यदि पेट के कैंसर से प्रभावित है तो इन खाद्य पदार्थो का सेवन करने से परहेज करते है। 

  • रेड मीट और रिफाइंड अनाज का सेवन न करें। 
  • नमकीन, मसालेदार या स्मोक्ड खाद्य पदार्थ से परहेज करें। 
  • शराब और तम्बाकू की लत को छोड़े। 
  • कच्चे वनस्पति तेल, कोको बीन्स, ट्री नट्स, मूंगफली, अंजीर, और अन्य सूखे खाद्य पदार्थ कैंसर के जोखिम को और बढ़ाते है इनसे परहेज करना चाहिए।  
  • मसाले वाले भोजन में एफ्लाटॉक्सिन होते हैं जो कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। इसलिए हल्का भोजन करें। (और पढ़े – मसालेदार भोजन के फायदे)

हमें आशा है की आपके प्रश्न पेट के कैंसर का कारण ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको पेट में कैंसर के बारे में अधिक जानकारी व इलाज करवाना हो, तो (Oncologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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