अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस क्या हैं । International Childhood Cancer Day in Hindi

Login to Health मार्च 23, 2021 Cancer Hub 20 Views

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अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस का मतलब हिंदी में,  (International Childhood Cancer Day in Hindi)

अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस क्या हैं ?

कैंसर एक खतरनाक बीमारी है जो बड़ो को नहीं बल्कि बच्चों को भी प्रभावित करता है। पूरी दुनिया में हर साल 1 लाख से अधिक बच्चों की जान कैंसर के कारण होती हैं। हालांकि बच्चों में कैंसर की समस्या कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में बच्चों में कैंसर के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए हर साल 15 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस के रूप में बनाया जाता है। इस अभियान के जरिये बच्चों में कैंसर के आंकड़ा को कम करना है। इसके अलावा बच्चों में कैंसर होने पर स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए प्रोत्साहित करना है। 

भारत में बच्चों में कैंसर के मौजूदा हालात – कुछ समाचारो के मुताबिक भारत में हर साल 60 हजार बच्चों को कैंसर होता है। हालांकि बड़े के मुकाबले बच्चों में कैंसर के मामले कम आते है। बच्चें में होने वाले कैंसर उपचार के बाद 70 फीसदी ठीक हो जाता है। बच्चों में लिम्फोमा कैंसर व ल्यूकेमिया अधिक देखने को मिलता है। शिशु में न्यूरोब्लास्टोमा देखने को मिलते है। 

  • अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस का उद्देश्य ? (Objective of International Childhood Cancer Day in Hindi)
  • कैंसर क्या हैं ? (What is Cancer in Hindi)
  • बच्चों में कैंसर के प्रकार ? (Types of Childhood Cancer in Hindi)
  • बच्चों में कैंसर के संकेत ? (Sign and Symptoms of Childhood Cancer in Hindi)
  • बच्चों में कैंसर से बचाव करने के लिए क्या करना चाहिए ? (Prevention of Childhood Cancer in Hindi)

अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस का उद्देश्य ? (Objective of International Childhood Cancer Day in Hindi)

अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य है अधिक से अधिक लोगो को चाइल्डहुड कैंसर के बारे में बताना है। यदि लोग चाइल्डहुड कैंसर के बारे में जानेंगे तो शुरुवाती कैंसर में अपने बच्चों का इलाज करवाएंगे ताकि बच्चों में कैंसर से होने वाली मृत्य के जोखिम से बचा सके। इसके अलावा चाइल्डहुड कैंसर के कारण लाखों बच्चें अपनी जान गवा देते है, ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस आयोजन का मकसद बच्चों में कैंसर के मृत्यु दर को कम करना है।(और पढ़े – ब्लड कैंसर का इलाज क्या हैं)

कैंसर क्या हैं ? (What is Cancer in Hindi)

मनुष्य के शरीर में बहुत सी कोशिकाएं होती है। हालांकि समय के जरुरत के साथ कोशिकाएं बढ़ती रहती है। किंतु बिना काम के कोशिका का अनियंत्रित होकर बढ़ना किसी जोखिम को उत्पन्न करता है। ऐसी ही कोशिकाओं को कैंसर का विकास कहते है जो कोशिकाओं असमान्यता रूप से बढ़ाता है। इसमें कोशिकाएं अपना नियंत्रण कर नहीं पाती है। इस तरह कोशिकाएं अन्य अंगो की कोशिकाओं में कैंसर को फ़ैलाने लगते है। कैंसर में ऊतकों पर टिश्यू बनते है और कोशिका पर हमला करते है। इस वजह से लसिका रक्त के सहारे अन्य अंगो में फैलने लगता है। क्योंकि कैंसर कोशिका शरीर के किसी भी ऊतक को प्रभावित कर सकता है। जिस तरह कोशिका बढ़ती है वैसे ही कैंसर का खतरा बढ़ता जाता है। कुछ कोशिकाएं समूह का रुप लेकर कैंसर उत्पन्न करती है। इसे दूसरे शब्दो में ट्यूमर कहते है। ट्यूमर कैंसर व गैर कैंसर भी हो सकते है। कैंसर एक कोशिका से शुरुवात कर संपूर्ण कोशिका को प्रभावित कर सकती है।(और पढ़े – विश्व कैंसर दिवस क्या हैं)

बच्चों में कैंसर के प्रकार ? (Types of Childhood Cancer in Hindi)

बच्चों में कैंसर कई प्रकार से होता है। इनमे शामिल हैं। 

  • ल्यूकीमिया   यह कैंसर बच्चों के हड्डियों को नुकसान पहुंचाता है इसलिए दूसरे शब्दो में इसे बोन कैंसर भी कहा जा सकता है। इसमें बच्चों की त्वचा पीली पड़ने लगती है। वयस्कों की तुलना में बच्चों में थोड़ा अधिक नजर आता हैं। 
  • लिम्फोमा –  लिम्फोमा एक तरह का कैंसर का प्रकार है जो बच्चों में अधिक देखा जाता है। इसमें बच्चों को तीव्र बुखार व थकान जैसे समस्या होने लगती है साथी ही प्रतिशा प्रणाली कमजोर हो जाती हैं। 
  • न्यूरोब्लास्टोमा –  यह कैंसर का ऐसा प्रकार है जो नवजात शिशु को प्रभावित कर सकता है। हालांकि किडनी के ऊपरी हिस्सों को प्रभावित करता है। इसके अलावा बडे बच्चों को भी ग्रस्त कर सकता है। बच्चों में शुरुवाती लक्षण नजर आने पर चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। 
  • बच्चों में ब्रेन ट्यूमर इस प्रकार में बच्चों के मस्तिष्क में ट्यूमर का निर्माण होने लगता है। इसके अलावा दिमाग में अलग -अलग तरह के कैंसर हो सकते है जो उपचार के बाद स्पष्ट हो पाते है। 
  • बच्चों में बोन कैंसरआस्टियोकोरमा व इविंग्स सारकोमा हड्डियों में होने वाला कैंसर है जिसे बोन कैंसर भी कहा जा सकता है। सही समय पर उपचार करवाने से जोखिम से बचाव किया जा सकता हैं। (और पढ़े – ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक में अंतर क्या हैं)

बच्चों में कैंसर के संकेत ? (Sign and Symptoms of Childhood Cancer in Hindi)

बच्चों में कैंसर के संकेत व लक्षण कैंसर के प्रकार के आधार पर देखा जा सकता है। इन लक्षण में शामिल हैं। 

  • लगातार बच्चों का वजन कम होना। 
  • सिरदर्द, अक्सर सुबह की उल्टी के साथ। 
  • हड्डियों, जोड़ों, पीठ, या पैरों में सूजन या लगातार दर्द होना। 
  • गांठ या द्रव्यमान, विशेष रूप से पेट, गर्दन, छाती, श्रोणि या बगल में। 
  • अत्यधिक खरोंच, रक्तस्राव या दाने का विकास होना। 
  • लगातार संक्रमण होना। 
  • पुतली के पीछे का सफेद रंग होना। 
  • मतली या उल्टी होती है। 
  • लगातार थकान महसूस करना। 
  • आँख या दृष्टि परिवर्तन जो अचानक होते हैं और बने रहते हैं। 
  • लगातार बुखार आना। (और पढ़े – बच्चों में निमोनिया)

बच्चों में कैंसर से बचाव करने के लिए क्या करना चाहिए ? (Prevention of Childhood Cancer in Hindi)

बच्चों में कैंसर से बचाव करने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

  • बच्चों में कैंसर के संकेत व लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। 
  • बच्चों की साफ -सफाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए। 
  • बच्चों को साफ सुथरा भोजन करवाना चाहिए। 
  • बच्चों को मामूली बीमारी भी होती है तो नजर अंदाज न करे बल्कि चिकिस्तक से संपर्क करें। 
  • बच्चों में हड्डी में दर्द या सूजन है तो चिकिस्तक से बात करें। (और पढ़े – हड्डी में दर्द की समस्या)

हमें आशा है की आपके प्रश्न अंतर्राष्ट्रीय चाइल्डहुड कैंसर दिवस क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपके बच्चें में कैंसर के संकेत या लक्षण नजर आ रहे है, तो (Pediatric Oncologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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