फेफड़े (लंग) कैंसर स्क्रीनिंग क्या है। Lung Cancer Screening In Hindi.

सितम्बर 30, 2020 Cancer Hub 1924 Views

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Lung Cancer Screening Meaning In Hindi. 

फेफड़ा मनुष्य का दूसरा मुख्य अंग माना जाता है, क्योंकि फेफड़े सांस लेने मदद करते है। फेफड़े की सहायता से हम ऑक्सीजन अंदर लेते है और कार्बन डाईऑक्सीड को बाहर निकालते है। आपको बता दे. शरीर में कोशिकाओं के कार्य को विकसित करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यदि फेफड़े में किसी तरह की खराबी आ जाएं तो मनुष्य को सांस लेने में समस्या होने लगती है। इसके अलावा बहुत से लोगो के अधिक धूम्रपान करने की लत के कारण लंग कैंसर के शिकार हो जाते है। इसलिए लोगो को अपनी गलत आदतों को बदलना चाहिए और फेफड़े की समस्या से खुद को बचाना चाहिए। आजकल चिकित्सा तकनीक बहुत विकसित हो गयी है। चिकिस्तक स्क्रीनिंग की सहायता से फेफड़े की उन बीमारियों के बारे में जांच करते है जिनके कोई लक्षण स्पष्ट रूप नहीं दिखाई देते है। हालांकि फेफड़े के कैंसर का परीक्षण करने के लिए सिटी स्कैन का उपयोग किया जाता है। ताकि सही समय पर पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया जा सके। कुछ लोग सोच रहे होंगे, लंग कैंसर में स्क्रीनिंग तकनीक का उपयोग क्यों होता है ? तो चलिए आज के लेख के माध्यम से आपको फेफड़े कैंसर स्क्रीनिंग (Lung Cancer Screening Meaning in Hindi) के बारे में विस्तार से बताएंगे। 

  • फेफड़े कैंसर स्क्रीनिंग के क्या फायदे हैं ? (Benefits of Lung Cancer Screening in Hindi)
  • फेफड़े कैंसर की जांच किसे करवानी चाहिए ? (Who Should Get a Lung Cancer Screening Done in Hindi)
  • फेफड़े के कैंसर की जांच होने से पहले की तैयारी ? (What preparation are Needed Before Lung Cancer Screening in Hindi)
  • फेफड़े के कैंसर की जांच के जोखिम ? (What are Risks of Lung Cancer Screening in Hindi

फेफड़े कैंसर स्क्रीनिंग के क्या फायदे हैं ? (Benefits of Lung Cancer Screening in Hindi)

  • फेफड़े के कैंसर से मरने वाले लोगो की संभावना में कमी करने में स्क्रीनिंग तकनीक फायदेमंद होता है। ऐसे लोग जो वर्तमान और पूर्व धूम्रपान करने से जिनकी मृत्यु हो जाती है। फिर भी, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि किसी भी प्रकार की स्क्रीनिंग के साथ, या स्क्रीनिंग करने वाले सभी लोगों को लाभ नहीं होगा।
  • LDCT के साथ जांच करने पर सभी फेफड़ों के कैंसर नहीं मिलेंगे, और जो कैंसर पाए जाते हैं उनमें से सभी जल्दी नहीं मिल पाते है। 
  • यदि स्क्रीनिंग के द्वारा कैंसर पाया जाता है, तो भी व्यक्ति फेफड़ों के कैंसर से मर सकते हैं। इसके अलावा, एलडीसीटी अक्सर उन चीजों को ढूंढता है जो कैंसर नहीं होने का संकेत देते हैं। लेकिन अधिक जानने के लिए चिकिस्तक अधिक परीक्षणों के साथ जांच कर सकते है।
  • आपको अधिक सीटी स्कैन, या इनवेसिव परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है जैसे कि फेफड़े की बायोप्सी, जिसमें फेफड़े के ऊतक का एक टुकड़ा सुई के साथ या सर्जरी के दौरान निकाला जाता है। इन परीक्षणों के कारण व्यक्ति को स्वयं का जोखिम रहता हैं। व्यक्ति को फेफड़े के कैंसर की स्क्रीनिंग करवाने से पैहले चिकिस्तक की सभी बातो का ध्यान जरूर रखना चाहिए। 

फेफड़े कैंसर की जांच किसे करवानी चाहिए ? (Who Should Get a Lung Cancer Screening Done in Hindi)

फेफड़े की बीमारी का पता लगाने के लिए चिकिस्तक निम्नलिखित जांच करते है, किंतु जिन बीमारियों का पता नहीं चलता उनके लिए कुछ निम्न परीक्षण कर सकते है ताकि सही उपचार किया जा सके। हालांकि व्यक्ति को फेफड़े में किसी तरह की समस्या हो तो उनको चिकिस्तक से बात कर जांच करवानी चाहिए। 

  • जैसा की आपको पता है धूम्रपान करना और तंबाकू का सेवन करना मनुष्य के शरीर के लिए हानिकारक होता है। लेकिन लोग इसे नजरअंदाज कर तंबाकू का सेवन करते है या सिगरेट पीते है। इसलिए ऐसे लोग जिनकी उम्र 50 से अधिक है उनको अपनी धूम्रपान इतिहास के बारे में चिकिस्तक को बताकर जांच करवानी चाहिए। 
  • ऐसे व्यक्ति जो 25 से 30 साल की उम्र में सप्ताह में एक या दो दिन धूम्रपान करते है तो ऐसे लोगो को अपने सेहत की सुरक्षा हेतु स्क्रीनिंग करवा लेना चाहिए। इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी है जो पहले धूम्रपान करते थे लेकिन आगे चलकर धूम्रपान करना बंद कर दिया तो उनको भी जांच जरूर करवाना चाहिए। 
  • अगर किसी व्यक्ति के घर में कैंसर का पारिवारिक इतिहास रहा है या कोई लंबे समय से फेफड़े की बीमारी से ग्रस्त है उनको अपनी जांच जरूर करवानी चाहिए। 
  • यदि कोई व्यक्ति को फेफड़े में किसी तरह की समस्या हो रही है तो चिकिस्तक से जांच के लिए परामर्श कर सकते है। (और पढ़े – कोरोना वायरस के लक्षण)

फेफड़े के कैंसर की जांच होने से पहले की तैयारी ? (What preparation are Needed Before Lung Cancer Screening in Hindi)

फेफड़े के कैंसर की जांच होने से पहले मरीज को कुछ बातो का ध्यान होना चाहिए। 

  • जैसे – चिकिस्तक सीटी स्कैन का उपयोग करके स्क्रीनिंग करने जा रहे है तो मरीज को जांच से पहले दो से चार घंटे खाली पेट रहना है। 
  • स्कैन से पहले अपने कपडे को बदलकर अस्पताल में दिए गए गाऊन को पहन ले। 
  • स्क्रीनिंग के पहले महिला हो या पुरुष यदि किसी प्रकार के आभूषण, गहना या ताबीज पहना है तो उसे निकाल दे।  (और पढ़े – फेफड़े खराब क्यों होते है)

फेफड़े के कैंसर की जांच के जोखिम ? (What are Risks of Lung Cancer Screening in Hindi)

हर किसी जांच या चिकित्सा प्रक्रिया में कुछ जोखिम तो होते है, उसी तरह फेफड़े के कैंसर की जांच से कुछ जोखिम हो सकते हैं। 

  • बिना किसी कारण के व्यक्ति की जांच करना। 
  • बहुत से व्यक्ति में कैंसर का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग का उपयोग किया जाता है हालांकि कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन इसे ओवर-डिटेक्शन भी कहा जा सकता है।
  • किसी व्यक्ति में जांच के बाद भी कैंसर का सटीक पता न लग पाना। 
  • कैंसर का पता लगने पर उपचार के बाद व्यक्ति का ठीक न हो पाना। 
  • कई बार स्क्रीनिंग के बाद भी उन कैंसर का पता नहीं लग पाता जो व्यक्ति में पहले से मौजूद होता है। (और पढ़े – फेफड़े के कैंसर का इलाज)

अगर आपको फेफड़े यानि लंग कैंसर स्क्रीनिंग (Lung Cancer Screening Meaning in Hindi) के बारे में अधिक जानकारी व इलाज करवाना चाहते है तो Oncologist से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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