प्रोस्टेट कैंसर क्या हैं । What is Prostate Cancer in Hind

Login to Health मार्च 5, 2021 Cancer Hub 37 Views

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प्रोस्टेट कैंसर का मतलब हिंदी में,    (Prostate Cancer Meaning in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर क्या हैं ?

प्रोस्टेट कैंसर एक तरह की घातक बीमारी है जो पुरुषो में पायी जाती है। जैसे की स्तन कैंसर केवल महिलाओं में होता है, उसी तरह प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुषो में होता है। प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम उन पुरुषो को अधिक होता है जिनकी उम्र 50 के पार हो चुकी है। प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार अखरोट की तरह होता है जो वीर्य का उत्पादन कर जो शुक्राणु ट्रांसफोर्ट करते है। प्रोस्टेट कैंसर धीरे -धीरे बढ़ता है और शुरुवात में प्रोस्टेट ग्रंथि तक रहता है इसमें कोई गंभीर क्षति नहीं होती है। यदि प्रोस्टेट कैंसर का निदान व उपचार शुरुवाती में करवा दिया जाएं तो व्यक्ति कैंसर की जटिल समस्या से खुद का बचाव कर सकता है। चलिए आज के लेख में आपको प्रोस्टेट कैंसर के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • प्रोस्टेट कैंसर के प्रकार ? (Types of Prostate Cancer in Hindi)
  • प्रोस्टेट कैंसर के कारण ? (Causes of Prostate Cancer in Hindi)
  • प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण ? (Symptoms of Prostate Cancer in Hindi)
  • प्रोस्टेट कैंसर के परीक्षण ? (Diagnoses of Prostate Cancer in Hindi)
  • प्रोस्टेट कैंसर का उपचार ? (Treatments for Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर के प्रकार ? (Types of Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर के निम्न प्रकार का हो सकता है जो खासतौर पर कोशिकाओं में कैंसर शुरू होता हैं। 

  • एसीनार एडेनोकार्सिनोमा इस प्रकार के कैंसर पुरुष की प्रोस्टेट ग्रंथि में कोशिका बनने लगती है। यह कैंसर में सामान्य माना जाता है जो पुरुषो में अधिक देखा जाता हैं। 
  • संक्रमणकालीन सेल कैंसर इस प्रकार के कैंसर में शरीर से बाहर निकालने वाली मूत्र ट्यूब में कैंसर कोशिका बनने लगते है और मूत्राशय कैंसर शुरू होकर प्रोस्टेट तक कैंसर फ़ैल जाता हैं। 
  • डक्टल एडेनोकार्सिनोमा इस प्रकार में पुरुष की ग्रंथि ट्यूब में कोशिकाओं का निर्माण करता है। हालांकि यह दूसरे कैंसर से जल्दी फैलता है। 
  • स्माल सेल प्रोस्टेट कैंसर इस प्रकार के कैंसर में छोटे कोशिका बनाने लगते हैं। 
  • स्क्वैमस सेल कैंसर –  इस प्रकार में कैंसर प्रोस्टेट को घेरने वाला एक फ्लैट सेल्स यानि कोशिका बनाता हैं। 

प्रोस्टेट कैंसर के कारण ? (Causes of Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर का कोई सटीक कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। चिकिस्तक के अनुसार जब कोशिकाओं में असामान्यता होने पर प्रोस्टेट कैंसर होने लगता है। कोशिकाओं में असामान्य अधिक होने पर सामान्य कोशिका की तुलना में अधिक बढ़ने लगते है। यह असामान्य कोशिका जीवित रहकर ट्यूमर का निर्माण करने लगती है। इसके अलावा ट्यूमर अन्य कोशिका व ऊतक पर हमला करने लगते है। कुछ ट्यूमर अन्य अंगो को कैंसर की चपेट में लेने लगते हैं। 

प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम कारक में शामिल हैं। 

  • वृद्धावस्था आमतौर पर 50 से अधिक उम्र होने पर प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम बना रहता हैं। 
  • अनुवांशिक समस्या – यदि किसी व्यक्ति के परिवार में पहले भी प्रोस्टेट कैंसर या अन्य कैंसर रहा हो, तो प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम हो सकता है। 
  • मोटापा चिकिस्तक के अनुसार अत्यधिक मोटापे से ग्रस्त लोगो में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम अधिक होता हैं। (और पढ़े – मोटापा क्या हैं)

कुछ अध्ययन के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम काले लोगो में अधिक होता है। 

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण ? (Symptoms of Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण लोगो में अलग -अलग हो सकते है। इसके अलावा कुछ लोगो में लक्षण नजर भी नहीं आते है, हालांकि पुरुष में प्रोस्टेट कैंसर के निम्न लक्षण नजर आ सकते है। 

  • जैसे – मूत्र में खून आना। 
  • पेशाब करने में कठिनाई आना। 
  • मूत्र में वीर्य आना। 
  • रात में बार -बार पेशाब लगना। 
  • पेशाब करने में जलन होना। 
  • पीठ में दर्द होना। 
  • कूल्हे में दर्द होना। 
  • मूत्राशय को पूरी तरह खाली करने में परेशानी होना। 
  • मूत्र प्रवाह बाधित होना। 
  • स्खलन में दर्द होना। (और पढ़े – पुरुषो में कामेच्छा की कमी होना)

यदि पुरुष को इन लक्षण का सामना करना पड़ रहा है तो अपने चिकिस्तक को जरूर बताएं। 

प्रोस्टेट कैंसर के परीक्षण ? (Diagnoses of Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर का परीक्षण मरीज की स्वास्थ्य स्तिथि के आधार पर कर सकते है। सबसे पहले सामान्य परीक्षण करते है जिसमे मरीज के बीमारी इतिहास व कारण के बारे में पूछते है। इसके अलावा कुछ अन्य जांच करते है। 

  • डिजिटल रेक्टल टेस्ट प्रोटेस्ट की जांच करने के लिए यह सबसे आम जांच होता है। प्रोस्टेट अंदरूनी अंग होता है जिसे सीधे देखा नहीं जा सकता है। ऐसे में चिकिस्तक मलाशय में उंगली डालकर जांच करते है की कही गांठ तो नहीं बनी हैं। 
  • प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन पीएसए की जांच रक्त परीक्षण द्वारा किया जाता है, ताकि प्रोस्टेट में बनने वाले प्रोटीन की जांच हो सके। 
  • प्रोस्टेट बायोप्सी प्रोस्टेट बायोप्सी के परीक्षण में प्रोस्टेट ग्रंथि में से एक नमूना निकाला जाता है ताकि सटीक जांच किया जा सके। यदि व्यक्ति की बायोप्सी की गयी है तो उसे ग्लीसन स्कोर दिया जाता है। इससे यह पता चलता है प्रोटेस्ट कैंसर किस चरण में है। 
  • अन्य टेस्ट चिकिस्तक अन्य टेस्ट करने के लिए सिटी स्कैन, एमआरआई की सलाह दे सकते है। (और पढ़े – फूल बॉडी चेकअप क्या हैं)

प्रोस्टेट कैंसर का उपचार ? (Treatments for Prostate Cancer in Hindi)

प्रोस्टेट कैंसर के उपचार कई तरीको से किया जा सकता है। हालांकि चिकिस्तक उपचार का विकल्प कैंसर के चरण व प्रकार के आधार पर करते है। जैसी की आपका कैंसर कितनी तेजी से बढ़ रहा है, चाहे वह फैल गया हो और आपके पुरे स्वास्थ्य के साथ-साथ उपचार के संभावित लाभ या दुष्प्रभाव भी हों सकते है। 

  • एक्टिव सर्वेलेंस कई ऐसे मामले होते है जिनमे प्रोस्टेट कैंसर तेजी के बजाय धीरे -धीरे बढ़ते है। ऐसे में व्यक्ति को निदान करवाने की जरूरत होती है। चिकिस्तक कैंसर की निगरानी करने के लिए प्रोस्टेट स्पेसिफ़िक एंटीजन, डिजिटल रेक्टल टेस्ट्स के माध्यम से करीबी से मॉनिटर किया जाता है ताकि कैंसर के लक्षण का पता कर उपचार किया जा सके। 
  • सर्जरी यदि प्रोस्टेट ग्रंथि के बाहर कैंसर नहीं फैला है तो चिकिस्तक रेडिकल प्रोस्टेटैक्टमी कर सकते है, इसमें सर्जन पुरे प्रोस्टेट ग्रंथि व आसपास के ऊतक साथ में निकाल दिया जाता है। इसके अलावा लेप्रोस्कोपिक के दृष्टिकोण से रोबोट दृष्टिकोण मरीज की समस्या को कम किया जा सकता है। 
  • रेडिएशन थेरेपी रेडियशन थेरेपी का उपयोग कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है। नष्ट करने के लिए उच्च ऊर्जा एक्स रे गामा किरणों या कणो का उपयोग करते है। रेडिएशन दो तरह से की जाती है जिनमे आंतरिकविकिरण व बाहरी विकिरण शामिल है। 
  • हॉर्मोन थेरेपी इसमें जो हार्मोन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने में सहायता करते है उनको कैंसर कोशिकाओं को पहुंचने तक अवरुद्ध कर दिया जाता है।
  • कीमोथेरेपी इसमें दवाओं को नसों में इंजेक्शन द्वारा या मौखिक रूप से कैंसर कोशिकाओं को मारने और ट्यूमर के आकार को कम करने के लिए दिया जाता है। ऐसा इसलिए प्रोस्टेट कैंसर, विशेष रूप से उच्च ग्रेड में बढ़ते उपयोग का पता लगा रहा है।(और पढ़े – कीमोथेरेपी क्या है)
  • वैक्सीनेशन –  प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं पर प्रहार करने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए दिया गया एक कैंसर टीकाकरण है। यह टीका विशेष रूप से हर मरीज के लिए उनके सफेद रक्त कोशिकाओं की मदद से बनाया गया है।

हमें आशा है की आपके प्रश्न प्रोस्टेट कैंसर क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको प्रोस्टेट कैंसर के बारे में अधिक जानकारी व इलाज करवाना हो, तो (Oncologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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