उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) क्या हैं। Hypertension In Hindi

Login to Health नवम्बर 12, 2020 Heart Diseases 78 Views

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उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) क्या हैं ? What is Hypertension ?

उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्तिथि होती है जिसमे दिल की धमनियों में रक्त का बहाव सामान्य गति से अधिक गति में प्रवाह होने लगता है। इस समस्या का उपचार सही समय पर करवाने से दिल की बीमारियों के जोखिम से बचाव कर सकते है। यदि आपने इन समस्या को नजरअंदाज कर दिया तो आगे चलकर यह समस्या बहुत गंभीर हो जाती है। जैसे दिल का दूर पड़ना, उच्च रक्तचाप स्ट्रोक व अन्य जटिलताओं के कारण व्यक्ति अपनी जान भी गवा देता है। हालांकि उच्च रक्तचाप यानि (हाइपरटेंशन) की समस्या किसी को भी हो सकती है। कुछ शोध के मुताबिक भारत में 10 में से एक व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार है। कई लोगो को हाइपरटेंशन के बारे में जानकारी नहीं होने से वे अपना उपचार नहीं करवा पाते है। चलिए आज के लेख के माध्यम से आपको उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के बारे में विस्तार से बताते हैं। 

  • उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रकार ? (Types of Hypertension in Hindi)
  • उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के कारण क्या हैं ? (Causes of Hypertension in Hindi)
  • उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of Hypertension in Hindi)
  • उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की जांच कैसे किया जाता हैं ? (Diagnoses of Hypertension in Hindi)
  • उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का इलाज क्या हैं ? (Treatments for Hypertension in Hindi)
  • उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Hypertension in Hindi)

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रकार ? (Types of Hypertension in Hindi)

उच्च रक्तचाप के दो मुख्य प्रकार है। 

  • प्राथमिक उच्च रक्तचाप प्राथमिक उच्च रक्तचाप का सबसे आम प्रकार है। ज्यादातर लोगों के लिए जो इस तरह के रक्तचाप को प्राप्त करते हैं, यह समय के साथ विकसित होता है जब आप बड़े हो जाते हैं।
  • माध्यमिक उच्च रक्तचाप –  माध्यमिक उच्च रक्तचाप एक अन्य चिकित्सा स्थिति या कुछ दवाओं के उपयोग के कारण होता है। यह आमतौर पर उस स्थिति का इलाज करने के बाद ठीक हो जाता है या इसके कारण होने वाली दवाओं को लेना बंद कर दिया जाता है। 

उच्च रक्तचाप  के कारण क्या हैं ? (Causes of Hypertension in Hindi)

उच्च रक्तचाप की समस्या कई कारणों से हो सकता है। 

  • जैसे – अत्यधिक मोटापा होने के कारण व्यक्ति कई तरह की बीमारियों का शिकार होने लगता है। इसके अलावा उनका रक्तचाप हाई होने से हाइपरटेंशन हो सकता है। 
  • हाइपरटेंशन का जोखिम उन लोगो में अधिक रहता है जो धूमप्रान करते रहते है। ऐसे लोगो को अपनी धूम्रपान की लत को बदलना चाहिए और यदि हृदय किसी तरह की अनियमियता हो तो चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। 
  • आहार में अत्यधिक नमक का सेवन करने से व्यक्ति को हाइपरटेंशन की समस्या होने का जोखिम रहता है। इसलिए जो लोग अधिक नमक का सेवन करते है उनको कम मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए ताकि हाइपरटेंशन की बीमारी न हो। 
  • हाइपरटेंशन होने का एक कारण तनाव होता है जिसमे व्यक्ति इतना तनाव लेने लगता है की अपना स्वास्थ्य खराब कर लेता है। तनाव लेने से अन्य तरह की बीमारियां अपना शिकार बनाने लगती है। कुछ शोध के मुताबिक जो लोग अत्यधिक तनाव में रहते है उनको उच्च रक्तचाप की समस्या हो जाती है। 
  • जो लोग नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि जैसे योगा, व्यायाम नहीं करते है उनमे हाइपरटेंशन विकसित होने की अधिक संभावना होती है। ऐसा इसलिए व्यायम नहीं करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। (और पढ़े – सुबह व्यायाम करने के फायदे)

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of Hypertension in Hindi)

उच्च रक्तचाप  के कुछ शुरुवाती लक्षण व संकेत नजर आ सकते हैं। 

अगर यह लक्षण किसी व्यक्ति को महसूस हो रहे है तो अपने चिकिस्ता से संपर्क कर सकते है। 

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की जांच कैसे किया जाता हैं ? (Diagnoses of Hypertension in Hindi)

उच्च रक्तचाप की जांच करने के लिए चिकिस्तक मरीज का फुल बॉडी चेकअप करता है। हालांकि रक्तचाप उच्च होने पर लोग चिकिस्तक के पास जांच के लिए जाते है ताकि उनको जानकारी मिल सके की कितना बीपी बढ़ा है। 

चिकिस्तक कुछ अन्य जांच कर सकते है। 

  • जैसे – मूत्र परीक्षण। 
  • रक्त परीक्षण। 
  • कोलेस्ट्रोल परीक्षण। 
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम – इस परीक्षण में आपके दिल की विद्युत गतिविधि को मापा जाता है। इसमें चिकिस्तक दिल की बीमारी के अधिक संकेतों की जांच करने के इकोकार्डियोग्राम जैसे अतिरिक्त परीक्षणों की सलाह दे सकता है।

हालांकि जिनकी उम्र 20 या 40 से अधिक है उनको साल में एक बार रक्तचाप की जांच करवा लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए इन आयु में हाइपरटेंशन बढ़ने का जोखिम लगा रहता है।  (और पढ़े – कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाना चाहिए)

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का इलाज क्या हैं ? (Treatments for Hypertension in Hindi)

हाइपरटेंशन की समस्या लोगो में आम हो गयी है। ऐसा इसलिए लोग इस बीमारी सही इलाज नहीं करवाते है और यह वजह है कुछ लोगो की मृत्यु हाइपरटेंशन से हो जाती है। उच्च रक्तचाप का इलाज कर जोखिमों को कम किया जा सकता है। इसके लिए चिकिस्तक कुछ निम्न सलाह देते है। 

  • चिकिस्तक द्वारा दी गयी दवा को उचित समय पर खाना चाहिए ताकि आपका उच्च रक्तचाप (120-80 एमएमएचजी) नियंत्रण में रहे। 
  • अपने आहार में हरी सब्जिया और फलों को अधिक शामिल करें। इसके अलावा भोजन में कम मात्रा में नमक ले। 
  • यदि दवाइयों से मरीज को आराम नहीं मील पा रहा है तो चिकिस्तक हृदय प्रत्यारोपण की सलाह दे सकते है। 

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Hypertension in Hindi)

हाइपरटेंशन से बचाव करने के लिए कुछ निम्न तरीके अपना सकते है। 

  • जैसे – रोजाना नियमित रूप से व्यायाम, योगा करना चाहिए ताकि मांसपेशियो को मजबूत हो और रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रहे। 
  • अपने आहार में अधिक नमक लेने से बचें। 
  • अपने रक्तचाप की नियमित रूप से जांच करवानी चाहिए। 
  • धूम्रपान व शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। 

यदि आप उच्च रक्तचाप  का इलाज करवा रहे है तो चिकिस्तक के पास चेकअप के लिए जाना चाहिए। 

हमें आशा है की आपके प्रश्न उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको  हाइपरटेंशन के बारे में अधिक जानकारी व उपचार के लिए (Cardiologists) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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