फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) कारण, लक्षण, व इलाज। Bone Fracture,Causes,Symptoms, and Treatments in Hindi

Login to Health सितम्बर 7, 2019 Bone Health 39 Views

Bone Fracture Meaning in Hindi.

हड्डी में फ्रैक्चर यानि टूटी हुई हड्डिया है। हड्डी किसी भी तरह से टूट सकती है। दो भागो में
चकनाचूर कैसा भी हो सकता है। शरीर में हड्डी फ्रैक्चर तब होता है। जब कोई वजन दार समान
गिर जाये या किसी तरह का दबाव पड़ने पर हड्डिया टूट जाती है। अधिकतर वृद्ध लोगो की हड्डियों
में समस्या अधिक देखने को मिलता है। इस लेख में हड्डियों के फ्रैक्चर होने कारण, लक्षण, उपचार,
व बचाव के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करेंगे।

  • फ्रैक्चर क्या होता है ? (What is Fracture in Hindi)
  • फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के प्रकार ? (Types of Bone Fracture in Hindi)
  • फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के कारण क्या है ? (What are the Causes of Fracture in Hindi)
  •  फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Fracture in Hindi)
  •  फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Fracture in Hindi)

फ्रैक्चर क्या होता है ? (What is Fracture in Hindi)

हड्डी के टूटने को अंग्रजी में फ्रैक्चर कहा जाता है। यह जरुरी नहीं है। बड़ा हादसा हो उसे ही केवल फ्रैक्चर बोला जाए। यदि हड्डी में थोड़ा सा भी दरार होता है। उसे भाषा में फ्रैक्चर ही कहते है। हालांकि हड्डी में फ्रैक्चर अनेको कारण से हो सकते है। जैसे हड्डिया का टूटना या उसके आस-पास हड्डी खिसक जाना इत्यादि हो सकता है। फ्रैक्चर में तीन तरह के फ्रैक्चर शामिल है। इसमें ओपन फ्रैक्चर, क्लोज फ्रैक्चर, कंपाउंड फ्रैक्चर इत्यादि है।

फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के प्रकार ? (Types of Bone Fracture in Hindi)

फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के निम्नलिखित प्रकार होते है।

  • अलगाव फ्रैक्चर।
  • कम्प्रेशन फ्रैक्चर।
  • ग्रीन स्टिक फ्रैक्चर।
  • हेयर लाइन फ्रैक्चर।
  • फ्रैक्चर डिशलोकेशन।
  • प्रभावित फ्रैक्चर।
  • इंटरार्टिक्युलर फ्रैक्चर।
  • लोंगिट्यूडनल फ्रैक्चर।
  • ऑब्लिक फ्रैक्चर।
  • स्पाइरल फ्रैक्चर।
  • स्ट्रेस फ्रैक्चर।
  • पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर इत्यादि शामिल होते है।

फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के कारण क्या है ? (What are the Causes of Fracture in Hindi)

फ्रैक्चर हड्डी टूटने के निम्नलिखित कारण होते है।

  • फ्रैक्चर होने का मुख्य कारण कोई दुर्घटना या हड्डियों का लचीलापन होता है।
  • मनुष्य के कमजोर होने के कारण हड्डियों का टूटना भी हो सकता है।
  • कुछ ऐसे बच्चे जो अत्यधिक कमजोर होते है। उनके फ्रैक्चर होने की संभावना बनी रहती है।
  • कुछ अन्य बीमारियों के कारण हड्डियों में कमजोरी आ सकती है।
  •  हड्डियों पर तनाव बढ़ने से फ्रैक्चर का खतरा बना रहता है।

फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Fracture in Hindi)

फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) के निम्न लक्षण प्रकार है।

फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Fracture in Hindi)

  • हड्डियों के फ्रैक्चर होने पर चिकिस्तक उसे जोड़ने का काम करता है। ताकि मरीज व्यक्ति पुनः अपना कार्य करने में समर्थ हो सके। यह प्रक्रिया करने को बोन हीलिंग कहते है। टूटी हुई हड्डी का इलाज करने के लिए निम्नलिखित तरीका अपनाते है।
  • मेटल प्लेट्स व स्क्रू की प्रकिया से टूटी हड्डियों को जोड़कर सहारा दिया जाता है।
  •  इमोबिलाईजेशन की प्रक्रिया कर दो टूटी हड्डियों को जोड़ा जाता है।
  • प्लास्टर कास्ट की प्रकिया में हड्डियों को तब तक रखा जाता है। तब तक जड़ से हड्डी जुड़ नहीं जाती।
  •  हीलिंग प्रक्रिया में रोगी के हड्डी को जोड़ा जाता है। यह हर तरह के लोगो का किया जाता है। जिनका फ्रैक्चर हुआ हो।
  •  फिजिकल थेरेपी की प्रक्रिया में मरीजों की मांसपेशियो को ताकत देने के लिए किया जाता है। ताकि चोट कठोर ना हो पाये।
  • यदि टूटी हुई हड्डिया के पास किसी तरह का टिश्यू रहता है। उसे सर्जरी के माध्यम से निकाल देते है।
  • हड्डियों का फ्रैक्चर ठीक नहीं हो पा रहा है। लंबा समय लग रहा है। तो चिकिस्तक बोन ग्राफ्टिंग प्रकिया करते है। ताकि हड्डी को जोड़ा जा सके।

यदि आपका फ्रैक्चर (हड्डी का टूटना) हुआ हो, तो बिना किसी देरी के ऑर्थोपेडिक (Orthopedicसे संपर्क करें।

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