जानिए कैसे एंग्जायटी आपकी सेहत के लिए ख़राब हो सकती है। What is Anxiety Meaning in Hindi

Login to Health मार्च 14, 2019 Brain Diseases, Lifestyle Diseases 418 Views

Anxiety in Hindi

आजकल की तेज जिंदगी मे आसान हो गए है.किंतु  आधुनिक तकनिकी से  लोगो की चिंताए भी उसी प्रकार बढ़ने लगी है। सभी की चिंताए अलगअलग  होती।  जैसे छात्रों को  परीक्षा में क्या आएगा ये सोच कर चिंता लगने  लगती है।  काम करने वाले लोगो को काम समय पर पूरा करने की चिंता सताती रहती है। परिवार में  होने वाले तनाव भी एक तरह से चिंता के प्रतीक होते है। सभी की जिंदगी में ख़ुशी और चिंता दोनों एक सिक्के के दो पहलू जैसे होते है, कब ख़ुशी आएगी और चिंता सतायेगी   पता ही नहीं लगता। आज हम  चिंता से लोग क्यों परेशान रहते है, क्या कारण होते है.यह समझने का प्रयास करेंगे।

1 ) एंग्जायटी क्या होती है ? (What is Anxiety in Hindi)

चिंता एक तरह से  मानसिक बीमारियों के समूह के रूप  में आते है।  हम इन्हे पूर्णरूप से बीमारी नहीं कह सकते है,चिंता से मनुष्य की सामान्य जिंदगी बदलने लगती है , वह अपने कार्य में असफल होने लगता है और थका हारा महसूस करने लगता है। चिंता से मनुष्य के  व्यवहार बदलने लगता है,मनुष्य हमेशा अपने आप को डरा और सहमा महसूस करने लगता है।

उदाहरण :-  नेहा अपनी पढ़ाई को लेकर हमेशा चिंतित रहती है , क्योंकि नेहा के मातापिता स्कूल की फीस भरने में असमर्थ है।नेहा के माता पिता की आर्थिक हालात ठीक नहीं है , जिसके कारण नेहा को स्कूल से बहार निकालने और परीक्षा में बैठ पाने की चिंता लगी रहती है।

2 )एंग्जायटी कितने प्रकार के होते है ? (Types of Anxiety in Hindi)

एंग्जायटी के छे प्रकार होते है

1  ) सामाजिक एंग्जायटी :-  समाज में कैसे रहना चाहिए और किसी के द्वारा खुद को अपमानित महसूस करना यह भी एक तरह से  तनाव बढ़ाते है , मनुष्य को हमेशा डर लगा रहता है।

उदाहरण :-   किसी की बेटी अगर घर देर से आती है तो माता पिता को समाज का डर सताने लगता है , की लोग क्या कहेंगे इस बात की चिंता लगी रहती है।

2 ) फोबिया :-  फोबिया भी एक तरह से एंग्जायटी (चिंता) का प्रकार है।

उदहारण :- फोबिया में लोगो को पानी , उची जगहों से बहुत डर लगता है. रास्ता पार करने से भी भय लगता है।

3 ) सामान्यकृत एंग्जायटी :- सामान्यकृत चिंता में लोग अपनी बातो को दूसरे के सामने बोल नहीं पाते है.और अपनी बातो को अपने भीतर ही रख कर अत्यधिक चिंता में रहने लगते है.यह चिंता दो से छह महीनो तक होती है।

4 )पैनिक विकार :- पैनिक विकार में लोग बहुत चिंतित होते है , कुछ लोग किसी बात को बहुत दिल पर ले लेते है. जिससे उनके दिल पर बहुत असर होता है सांस फूलने लगती है ,और दिल की धड़कनो पर प्रभाव पड़ता है इसे पैनिक अटैक भी कहते है ऐसा सिर्फ चिंता से ग्रस्त लोगो को होता है।

5 ) पोस्ट ट्रोमैटिक (ptsd) :-  यह केवल उनको होता है ,जो कोई हादसे के  शिकार होते है और उनके अंदर बदला लेने की भावना उत्पन हो जाती है, इसमें व्यक्ति अपना आपा खो देता है और शारीरिक हमले भी करने लगता है।

6 ) जुनूनी बाध्यकारी :- जूनून  बाध्यकारी विकार में लोगो को बहुत अजीब तरह की आदत होती है , जैसे की बहुत सफाई करना , बार बार चेहरे को धोना , गंदगी से डरना इत्यादि।

3) एंग्जायटी के लक्षण क्या है ? (What are the  Symptoms of Anxiety in Hindi)

चक्कर  आना , जी मचलना , उलटी आना,हाथ पैर ठंडे हो जाना, नींद अच्छे से पूरी ना होना।किसी बात को सोच कर बहुत चिंतित होना,बुखार आना , पसीने आना,सांस की गति तेज होना,शांत नहीं रहना पाचन सबंधित समस्या उत्पन होना  शुष्क मुँह  कमजोरी और सुस्ती होना इत्यादि लक्षण है।

4 )एंग्जायटी को दूर कैसे किया जाए ? और एंग्जायटी के इलाज क्या है ? (What are The Treatment for Anxiety in Hindi)

एंग्जायटी को दूर करने के लिए सबसे पहले हमे  तनाव को दूर करना चाहिये। तनाव दूर करने से चिंता अपने आप कम हो जाती है।

खाने में हमेशा पौष्टिक आहार ले , जैसे हरीसब्जिया , फल , घर में बना खाना खाये जिससे शारीरिक और मानसिक स्थिति  स्वस्थ रहती है और चिंता कम होती है।

सभी कामो का हिसाब रखना चाहिए। जिससे दिमाग में तनाव उत्पन नहीं होगा और चिंता भी नहीं होगी।

तम्बाकू , शराब , ड्रग्स को तनाव कम करने लिए लोग इस्तेमाल करते है , किंतु यह स्वास्थ के लिए हानिकारक होता है।नशे के स्थान पर आप कुछ फलो के रस पिये जो आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते है।

एंग्जायटी (चिंता ) के इलाज  मनोचिकित्सा , संज्ञानात्मक व्यवहार थेरोपी के साथ किया जाता है ,  डॉक्टरों की सलाह से आप दवाइया ले सकते है।

2 डेप , अपैक्स , अकदस , एक्टिसेर ,एकवेरत , अडनिल , Adnure आदि दवाइया उपलब्ध है। जब आपको बहुत तनाव की समस्या हो तो मनोचिकिस्तक के पास जाना चाहिए क्योकी वह आपको चिंता से निपटने और तनाव  को दूर करने में आपकी मदद करेंगे

5 ) एंग्जायटी में क्या नहीं करना चाहिए ? (Things to Avoid in Anxiety  in Hindi)

चिंता में लोगो को धैर्य नहीं खोना चाहिए,दुसरो से लड़ाई नहीं करनी चाहिए।तनाव को कम करने लिए योगा और व्यायाम करना चाहिए। बातो को ज्यादा दिल पर नहीं लेना चाहिए। पारिवारिक समस्यायो  को आपस में निपटा लेना चाहिए, इसे बड़ी समस्या नहीं बनाना चाहिए।  ज्यादा भावनात्मक नहीं होना चाहिए। चिंता थोड़े से प्रयास से समाप्त हो सकती आप खुशहाल जीवन बिता सकते है।

आप बहुत ज्यादा डिप्रेशन एंग्जायटी से परेशान है तो अपने नजदीकी किसी अच्छे साइकोलोजिस्ट (pyschologist) या साइकेट्रिस्ट (pyschiatrist) डॉक्टर को दिखाए। साइकोलोजिस्ट या साइकेट्रिस्ट डॉक्टरों की अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए यहाँ पर क्लिक करे।

 

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