ऑटिज़्म क्या होता है। What is Autism in Hindi

Login to Health मार्च 16, 2019 Brain Diseases 365 Views

ऑटिज़्म एक मानसिक बीमारी है जो खासतौर पर बच्चों में पाये जाते हैं। ऑटिज़्म में बच्चे बहुत अलग तरह का व्यवहार करते है जैसे की एक बात को बार-बार दोहराते रहते है।ये बीमारी मुख्य रूप से एक से पांच वर्ष तक के बच्चों में दिखाई देते हैं। ऑटिज़्म रोग से ग्रस्त बच्चे अन्य बच्चों से अलग होते है। सयुंक्त राष्ट्र महासभा     ने २००७ में २ अप्रैल के दिन शुरुवात की थी। तब से विश्व में २अप्रैल को ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। नीले रंग को ऑटिज़्म का चिन्ह माना जाता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता मंत्रालय के अनुसार भारत में ११० में से एक बच्चे ऑटिज़्म के शिकार होते है और ८० बच्चों में से एक बीमारी से पीड़ित होता है। यह बीमारी लड़कियों की अपेक्षा लड़को को अधिक होने की संभावना होती है। आइये ऑटिज़्म के बारे में और जानकारी प्राप्त करेंगे।

१) ऑटिज़्म क्या है ? (What is Autism in Hindi)
२) ऑटिज़्म के क्या लक्षण होते हैं ? (What are The Symptoms of Autism in Hindi)
३) ऑटिज़्म बच्चों में कैसे पहचाने ? (How to Recognize Autism in Hindi)
४) ऑटिज़्म होने के क्या कारण होते हैं ? (What are The Causes of Autism in Hindi)
५) ऑटिज़्म के प्रभाव को कम करने के लिए कौन-सी थेरेपी का उपयोग किया जाता हैं ? (What are The Treatments for Autism in Hindi)

१) ऑटिज़्म क्या है ? (What is Autism in Hindi)

जब बच्चों का जन्म होता है। तब उनके माता पिता को यह बात पता नहीं होती है, की उनके बच्चें ऑटिज़्म के शिकार हैं। यह बात उनको धीरे -धीरे पता लगती है।  

जब उनका बच्चा ठीक से बोल नहीं पाता है और सवाल पूछने पर कोई जवाब नहीं दे पाता हैं। एक बात को दस बार बोलते है। लोगो से आँख से आँख नहीं मिला पाते है, और नये लोगो से मिलने में डरते है। ऑटिज़्म रोग को मानसिक बीमारी, स्वलीनता ,स्वपरायणता भी कहते है। ऑटिज़्म के कारण  मस्तिष्क का विकास नहीं हो पाता हैं। व्यक्ति से सम्बंधित सभी रोगो में से ऑटिज़्म तीसरे स्थान पर है। ऑटिज़्म से पीड़ित व्यक्ति अपने आप को बाहरी दुनिया का समझने लगता है।

२) ऑटिज़्म के क्या लक्षण होते हैं ? (What are The Symptoms of Autism in Hindi)

  • ऑटिज़्म में रोगी मानसिक रूप से विकलांग हो सकता है।
  • व्यक्ति को बोलने और सुनने में समस्या उत्पन होती है।
  • ऑटिज़्म रोग से पीड़ित लोगो को मिर्गी के दौरे भी पड़ सकते है।
  • कुछ लोगो में ऑटिज़्म रोग गंभीर रूप से रहता है। तो इसे ऑटिस्टिक डिस्‍ऑर्डर भी कहते है।
  • जिन व्यक्तियों में ऑटिज़्म का प्रभाव कम होता है तो उन्हें (asd) ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिस्‍ऑर्डर कहते है। उनके भीतर (ssd) एस्पर्जर सिंड्रोम होते है।

३) ऑटिज़्म बच्चों में कैसे पहचाने ? (How to Recognize Autism in Hindi)

बच्चों में ऑटिज़्म बहुत आसानी से पहचान सकते हैं।

  • इनको अकेले रहना पसंद नहीं होता है। समूह में भी खेलना पसंद नहीं होता हैं।
  • रोजाना एक तरह का खेल खेलना पसंद करते हैं।
  • यह जल्दी किसी से बात नहीं करते हैं।
  • यह सामान्य बच्चों की तरह नहीं रहते हैं।
  • यह किसी के सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं और एक बात को बहुत बार दोहराते रहते हैं।
  • यह बात करते समय उंगलियों और हाथो का संकेत नहीं करते हैं।
  • यह बहुत अधिक बेचैन हो जाते है। खुद को बहुत सक्रीय महसूस करते हैं।
  • यह कोई भी काम एक्सट्रिम लेवल पर करते हैं।
  • यह बहुत अधिक कुशल नहीं होते है और बाकी अन्य बच्चों से अलग होते हैं।
  • तीन साल की आयु में आसानी से पता लग जाता है। बच्चों का विकास बहुत ही धीमा होता हैं।

४) ऑटिज़्म होने के क्या कारण होते हैं ? (What are The Causes of Autism in Hindi)

वैज्ञानिको के शोध में ऑटिज़्म का मुख्य कारण क्या हैं। वह अब तक पाता नहीं चल पाया हैं।

कही कारणों से हो सकते है।

  • गर्भावस्था के समय माँ को कोई बीमारी होना।
  • बच्चों को जरुरी टीके ना लगवाना।
  • मानसिक रूप से बीमार होना।
  • बच्चों के मस्तिष्क का पूण रूप से विकास नहीं होना।
  • बच्चे को गर्भवस्था के दौरान या जन्म के बाद ठीक से टिके ना लगवाना।

५) ऑटिज़्म के प्रभाव को कम करने के लिए कौन-सी थेरेपी का उपयोग किया जाता हैं ? (What are The Treatments for Autism in Hindi)

ऑटिज़्म के लिए कोई पर्याप्त इलाज नहीं है। लेकिन कहा जाता है दो थेरेपी क्या उपयोग किया जाता हैं।

१) Behaviour and Communication in Hindi – बिहेवियर और कम्युनिकेशन थेरेपी:-

इस थेरेपी में बच्चों को लोगो से कैसे बात करना हैं। यह सिखाया जाता है। समाज में अपने आप को किस तरह रखना हैं। लोगो के साथ कैसे व्यवहार करना हैं। यह सब गुण सिखाये जाते हैं।

२)Educational Therapy in Hindi – एजुकेशनल थेरेपी:-

ऑटिज़्म से प्रभावीत बच्चों को खास तौर पर शिक्षा दी जाती हैं। विशेषज्ञ की टीम होती हैं। जो बच्चों को विशेष रूप से शिक्षा देते हैं। जिससे यह बच्चे भी समाज में रहने के काबिल बन पाये।

 

अगर आपके बच्चे में Autism के लक्षण दिखाई दे रहे है तो किसी अच्छे साइकेट्रिस्ट (Psychiatrist) या (Psychologist) प्स्य्चोलोगिक डॉक्टर को दिखाए। डॉक्टर से अपनी अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए यहाँ पर क्लिक करे

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