जानिए हार्ट अटैक क्यों और कैसे आता है। Heart Attack Meaning in Hindi

Login to Health अप्रेल 18, 2019 Heart Diseases 359 Views

व्यक्ति के लिए शरीर में सभी कोशिकाए और अंग बहुत महवत्पूर्ण होता है। किंतु शरीर का एक छोटा हिस्सा दिल का स्वस्थ रहना अत्यंत महवपूर्ण होता है। दिल का आकर बहुत छोटा होता है। जैसे व्यक्ति की बंद मुट्ठी जो देखने में छोटा होता है लेकिन अंदर से खोकला होता है उसी प्रकार दिल होता है। शरीर में बह रहे रक्त को दिल अपने अंदर लेता है और बाहर निकलता है। व्यक्ति की सांसे जब तक चलती है तब तक दिल का धड़कना भी चलता है यदि व्यक्ति की सांसे रुक गयी तो दिल भी अपना धड़कना बंद कर देता है। दिल में आने वाले रक्त की धमनियों के कार्य रुक जाते है व रक्त का बहाव नहीं होता है जिसके कारण हार्ट अटैक जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है।

  • भारत में हर 35 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु दिल के दौरे पड़ने से होती है। भारत में साल भर के भीतर बहुत से लोग हार्ट अटैक का शिकार हुए है। आइये हार्ट अटैक (दिल के दौरे) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करे।

 

  • हार्ट अटैक क्या है ? (What is Heart Attack Meaning in Hindi)
  • हार्ट अटैक आने के कारण क्या है ? (What are The Causes Of Heart Attack in Hindi)
  • हार्ट अटैक के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Heart Attack in Hindi)
  • हार्ट अटैक का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Heart Attack in Hindi)
  • हार्ट अटैक (दिल का दौरा) में क्या खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए ? (What Food to Eat and Avoid During Heart Attack in Hindi.)

 

हार्ट अटैक क्या है ? (What is Heart Attack Meaning in Hindi)

हार्ट अटैक दिल की एक बीमारी है। हार्ट अटैक की बीमारी में किसी ब्लॉकेज के कारण दिल का रक्त मिल नहीं पाता है और वह रक्त, रक्त की नलिकाओं से धमनियों तक पहुंच नहीं पाता है। धमनियों को पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिलने से दिल का कुछ हिस्सा कार्य करना बंद कर देता है और हार्ट अटैक की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हार्ट अटैक बहुत ही घातक होता है जिसमे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

हार्ट अटैक आने के कारण क्या है ? (What are The Causes Of Heart Attack in Hindi)

  • अगर व्यक्ति के एक या एक से अधिक कोरोनरी धमनी खराब हो जाने से दिल का दौरा पड़ता है। इस अवस्था को अंग्रेजी में Coronary Artery Disease कहते है।
  • कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थो के रक्त में मिलने से इसका प्रभाव धमनियों पर पड़ता है और जहाँ पर प्लेग फटता है वहा पर रक्त का थक्का बन जाता है। यह थक्का बड़ा होने के कारण व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ सकता है।
  • दिल की धमनी फटने के कारण दिल का दौरा पड़ता है।
  • कोरोनरी धमनी की ऐंठन होने से रक्त की मांसपेशियो पर प्रभाव पड़ता है। इसके कारण रक्त का स्राव कोशिकाओं से दिल तक पहुंच नहीं पाता है। हार्ट अटैक आने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

हार्ट अटैक के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Heart Attack in Hindi)

  • सीने में जलन होना।
  • चक्कर आना।

(और पढ़े – वर्टिगो चक्कर आने के कारण क्या है)

  • स्वास लेने में परेशानी होना।
  • पेट में दर्द होना।
  • थकान होना।

(और पढ़े – थकावट क्यों होती है और थकावट आने के कारण क्या है)

  • छाती और बाहों पर दबाव पड़ना।
  • गले में अत्यधिक दर्द होना।
  • तनाव,डर होना।

हार्ट अटैक का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Heart Attack in Hindi)

हार्ट अटैक का इलाज डॉक्टर मरीज के लक्षणो पर निर्धारित करते है।

  • अगर व्यक्ति को 12 घंटो से लक्षण महसूस हो रहा है तो डॉक्टर (पी,सी,आई) करने का सुझाव देते है।
  • यदि व्यक्ति के हृदय कम प्रभावित व लक्षण भी महसूस हो रहा है तो डॉक्टर (पी,सी,आई) के बदले दवाएं देने का सुझाव देते है।
  • हार्ट अटैक की दवाएँ एंटीप्लेटलेट,एंटीवगुलांट्स,हेरपरिन इत्यादि दवाए लक्षणो के आधार पर देते है।
  • अगर व्यक्ति को 12 घंटो से अधिक समय तक लक्षण महसूस हो रहा है तो डॉक्टर बाईपास सर्जरी करने का सुझाव देते है।
  • हार्ट अटैक की दवाएँ एंटीप्लेटलेट, एंटीवगुलांट्स,हेरपरिन इत्यादि दवाए लक्षणो के आधार पर देते है।

हार्ट अटैक (दिल का दौरा) में क्या खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए ? (What Food to Eat and Avoid During Heart Attack in Hindi)

  • क्या खाना चाहिए :- मछली, पनीर, सोयाबीन, ताजी सब्जियाँ, संतरा, अनार, अंगूर, जामुन, अखरोट, बादाम, मूंगफली, जैतून तेल, सब्जियों का तेल, कनोला का तेल, गेंहू का आटा, ग्रीन टी इत्यादि का सेवन करना चाहिए।
  • क्या नहीं खाना चाहिए :- तली हुई सब्जियां, तला हुआ मांस, सॉफ्ट ड्रिंक, ज्यादा नमक वाले भोजन, मीठे सामान, सफ़ेद चावल इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

अगर आपको हार्ट अटैक के बारे में और जानकारी एव इलाज करवाना हो तो तुरंत कर्दिओलॉजिस्ट डॉक्टर (Cardiologist) से संपर्क करे।

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