जानिए चिकनगुनिया क्या होता है। Chikungunya in Hindi

Login to Health जुलाई 30, 2019 Lifestyle Diseases 229 Views

Chikungunya Meaning in Hindi.

चिकनगुनिया एक तरह का वायरल संक्रमण होता है। जो एडीज नाम के मच्छर के काटने से होता है यह मच्छर अकसर दिन में काटता है। यह डेंगू के साथ-साथ चिकुनगुनिया रोग का भी कारण होता है। विश्व में सबसे पहले चिकुनगुनिया सन 1995 में दक्षिण तंजानिया में पाया गया था। इसके बाद पुरे विश्व में चिकनगुनिया फैलने लगा। भारत में 2010 में चिकनगुनिया का वायरस दिल्ली में देखा गया था। तथा कुछ साल के पश्चात 2016 एक बार फिर चिकुनगुनिया लोगो पर हावी होता गया चिकनगुनिया होने का कारण क्या है। क्यों होता है। आपके दिमाग में सवाल आ रहे होंगे। चलिए इन्ही सब सवालो के जवाब ढूढ़ने के लिए चिकनगुनिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है।

  • चिकनगुनिया क्या है ? (What is Chikungunya in Hindi)
  • चिकनगुनिया होने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Chikungunya in Hindi)
  • चिकनगुनिया के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Chikungunya in Hindi)
  • चिकनगुनिया का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Chikungunya in Hindi)
  •  चिकनगुनिया से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Chikungunya in Hindi)

चिकनगुनिया क्या है ? (What is Chikungunya in Hindi)

चिकनगुनिया संक्रमित मच्छरो के काटने से मनुष्यो में फैलता है। जिससे उनके शरीर में बुखार एव जोड़ो में दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है। यह संक्रमित रोग कुछ दिनों के लिए रहता है। बहुत कम मामलो में किसी दुर्लभ व्यक्ति की मृत्यु चिकनगुनिया रोग से हो जाती है। चिकिस्तक के अनुसार इसके लक्षण लंबे समय तक रहते है। और शरीर को कमजोर बनाते रहते है। अभी तक इसका टिका उपलब्ध नहीं हुआ है। केवल दवाइयों के माध्यम से चिकनगुनिया का उपचार किया जाता है।

चिकनगुनिया होने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Chikungunya in Hindi)

चिकनगुनिया निम्नलिखित कारणों से हो सकता है।

  • चिकनगुनिया का मुख्य कारण मच्छरों के काटने से होता है। इन मच्छरों में सबसे प्रथम एडीज प्रजाति का मच्छर एव एलबोपिकटस मच्छर शामिल है। (और पढ़े – मलेरिया बुखार क्या है)
  • यह मच्छर अधिक दिन के समय काटते है और अपना संक्रमण लोगो में फैलाते है।
  • इन मच्छरो का संक्रमण मनुष्य से मनुष्य में सीधे नहीं फैलता है। बल्कि यह मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटकर गैर संक्रमीत व्यक्ति को काटता है। तो इसके कारण स्वस्थ व्यक्ति में भी संक्रमित व्यक्ति का वायरस आ जाता है। स्वस्थ व्यक्ति बीमार हो जाता है।
  • इसका संक्रमण व्यक्ति के शरीर में 8 से 10 दिन तक रह सकता है। किंतु कुछ लोगो में यह बीमारी 3 से 4 दिन तक रहती है।

चिकनगुनिया के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Chikungunya in Hindi)

  • चिकनगुनिया के लक्षण में अचानक बुखार आ जाता है। इससे जोड़ो में अधिक दर्द होने लगता है।
  • चिकनगुनिया के अन्य लक्षण।
  • मांसपेशियो में दर्द होना।
  • उल्टी आना।
  • सिरदर्द होना। (और पढ़े – माइग्रेन क्या है)
  • थकान महसूस करना।
  • मलती आना।
  • त्वचा पर लाल चकत्ते आना। (और पढ़े – मिजिल्स रूबेला क्या है)
  • डायबिटीज व बीपी से ग्रस्त लोगो में चिकनगुनिया अधिक समस्या पैदा कर सकता है। इन समस्याओं से बचने के लिए सही समय पर अपना इलाज करवाए। चिकनगुनिया जैसी बीमारी से बचें।

चिकनगुनिया का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Chikungunya in Hindi)

  • चिकनगुनिया के वायरस को रोकने के लिए कोई टिका या उपचार अभी तक उपलब्ध नहीं हुआ है।
  • बुखार और दर्द को कम करने के लिए टीलेनोल या पेरासिटामोल जैसी दवा का सेवन करें।
  • अगर आपको चिकनगुनिया हो गया है तो बीमारी के पहले हफ्ते में मच्छर के काटने से खुद को बचाये।
  • काम से काम 7 दिनों तक बिस्तर पर आराम करें।
  • दिन में कम से कम प्रति 5 लीटर पानी पीये व ओ,आर,एस को पानी में घोल बनाकर भी पी सकते है।
  • शरीर का तापमान अधिक होने पर व्यक्ति को केवल आराम करना चाहिए।
  • बीमारी के समय व्यक्ति को सूती कपडे पहनना चाहिए।
  • शोध में अभी इस वायरस का पता नहीं चल पाया है। यह वायरस कुछ दिनों तक रहती है। बाद में अपने आप ठीक हो जाती है। इसमें कोई की संभावना नहीं होती है।

चिकनगुनिया से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Chikungunya in Hindi)

  • मच्छरो के काटने से स्वयं की सुरक्षा करें।
  • मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करे।
  • पूरी बाह के कपडे पहने ताकि मच्छर आपको काट ना पाए।
  • अपने घर की खिड़की पर तुलसी का पौधा रखे। तुलकी का पौधा मच्छर को दूर करता है।
  • सोने से पहले कमरे में कपूर जला कर रखे। कपूर से मच्छर नहीं आते है।
  • अपने शरीर को हाइड्रेड रखे।

चिकनगुनिया के बारे में जानकारी एव इलाज करवाना चाहते है। तो तुरंत अपनेजन रल फिजिशियन डॉक्टर (General Physician) से संपर्क करे।

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