जानिए मकई (कॉर्न) के फायदे और नुकसान। Benefits and Side-Effects of Corn in Hindi

Login to Health सितम्बर 7, 2019 Lifestyle Diseases 15 Views

Corn Meaning in Hindi.

मानसून आते ही लोग भुट्टा अधिक खाने लगते है। भुट्टा को अंग्रेजी में कॉर्न के नाम से जाना जाता है। कॉर्न में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल भी होता है। जो हृदय के मरीजों के लिए लाभदायक होता है। भुट्टा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन ए का अच्छा स्त्रोत होता है। आंखो की रौशनी बढ़ाने में सहायता करता है। कुछ वैज्ञानिको के अनुसार भुट्टे को गर्म करने पर इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स अधिक हो जाता है। भुट्टा कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचाव करता है। भुट्टे में केरोटीन होता है। जिसके कारण कॉर्न का रंग पीला होता है। चलिए मकई (कॉर्न) के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है।

  • मकई (कॉर्न) के पौष्टिक तत्व और खनिज क्या है ? (What are the Nutrients and Meanrals found in Corn in Hindi)
  • मकई (कॉर्न) के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Corn in Hindi)
  • मकई (कॉर्न) के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Corn in Hindi)

मकई (कॉर्न) के पौष्टिक तत्व और खनिज क्या है ? (What are the Nutrient and Meanrals found in Corn in Hindi)

मकई (कॉर्न) में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व और खनिज होते है। इसमें विटामिन ए, बी 1,बी 12, बी 2, बी 9, सी, ई, इसके अलावा खनिज में कैल्शियम, आयरन फास्फोरस, पोटैशियम, जिंक, सोडियम, कॉपर, सेलेनियम, आदि होते है। इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर व कोलेस्ट्रॉल बिलकुल  भी नहीं होता है।

मकई (कॉर्न) के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Corn in Hindi)

मकई (कॉर्न) के निम्नलिखित फायदे है।

  • कैंसर से बचाव करने में – मकई में कुछ ऐसे यौगिक होते है। जो कैंसर से बचाव करने में सहायता करते है। जिन लोगो को कैंसर की समस्या उनको भुट्टा का सेवन करना चाहिए। भुट्टा में बहुत से विटामिन व खनिज है। जो कैंसर की कोशिकाओं को बेअसर करने में सहायता करते है।
  • वजन बढाने में – मकई में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है। जो लोग पतले है वो मोटा होना चाहते है। उनको मकई यानि भुट्टा का सेवन करना चाहिए। यह शरीर का वजन बढ़ाने में मदद करता है। मकई में पर्याप्त मात्रा में कैलोरी व कार्बोहाइड्रेड की मात्रा होती है। जो वजन बढ़ाते है। (और पढ़े – हर्निया क्या है और हर्निया का इलाज कैसे होता है)
  • एनीमिया दूर करने में – मकई में प्रचुर मात्रा विटामिन ए और आयरन होता है। जो रक्त को बढ़ाने में सहायता करती है। इससे एनीमिया का जोखिम नहीं होता है। मकई को रोजाना थोड़ा सेवन करना चाहिए। एनीमिया से पीड़ित लोगो को मकई का सेवन रोजाना सही मात्रा में करना चाहिए। (और पढ़े – एनीमिया क्या है और एनीमिया दूर कैसे करें)
  • इम्युनिटी बढ़ाने में – फीटोस्टेरॉल्स स्वाभाविक रूप से मकई के तेल अंश में मौजूद हैं। वास्तव में, सभी खाना पकाने के तेल में मकई के तेल में फाइटोस्टेरॉल की मात्रा सबसे अधिक होती है। यह पशु और मानव अध्ययनों में अच्छी तरह से प्रलेखित किया गया है कि आहार फाइटोस्टेरॉल आंतों के कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करके सीरम एलडीएल और कुल कोलेस्ट्रॉल एकाग्रता को कम कर सकते हैं। फाइटोस्टेरॉल के अध्ययन से पता चला है कि एकल खुराक में एम जी 300 मिलीग्राम फाइटोस्टेरॉल कोलेस्ट्रॉल के चयापचय पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। (और पढ़े – इम्युनिटी को कैसे बढ़ाए)

मकई (कॉर्न) के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Corn in Hindi)

मकई (कॉर्न) के फायदे तो बहुत है। लेकिन कुछ नुकसान भी हो सकते है। इनके नुकसान इस तरह है।

  • मकई का सेवन अधिक करने से कुछ लोगो को त्वचा में एलर्जी व उल्टी की समस्या होने लगती है। उनको इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
  • डायबिटीज के मरीज का रक्त स्तर बढ़ाने लगती है। इसलिए उनको मकई का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • बच्चो को मकई (कॉर्न) कच्चा नहीं खाना चाहिए। इससे उनको दस्त की समस्या हो सकती है।
  • मकई (कॉर्न) में फाइबर अधिक होता है। अधिक सेवन से पेट में दर्द की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

अगर आपको मकई (कॉर्न) का सेवन करने से स्वास्थ्य में किसी प्रकार की समस्य हो रही है। तो तुरंत इसका सेवन कम कर दे। तथा अच्छे जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करें।

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