मूली के फायदे और नुकसान। Benefits and Side-Effects of Radish in Hindi

Login to Health नवम्बर 28, 2019 Lifestyle Diseases 1904 Views

Radish Meaning in Hindi. मूली को अंग्रेजी में रेडिश (Radish)

के नाम से जाना जाता है। मूली का उपयोग आप सलाद के रूप में बहुत करते है। क्या आप जानते है मूली हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसमें बहुत से विटामिन और खनिजों का भंडार है जो कई तरह की बीमारियों यानि पेट के आंतो की सफाई, पित्त की समस्या को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा भूख की कमी, बुखार, गले की सूजन को कम करता है। मूली का उपयोग खाने में तो किया ही जाता है बल्कि औषधीय बनाने में भी किया जाता है। मूली के साथ मूली के पत्ते, मूली के बीज सभी शरीर के लिए फायदेमंद होते है। चलिए इस लेख में आपको (Radish) मूली के फायदे और नुकसान के बारे में बतायेंगे।

  • मूली क्या है ? (Radish in Hindi)
  • मूली के पौष्टिक तत्व और खनिज क्या है ? (What are the Nutrients and Minerals Found in Radish in Hindi)
  • मूली के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Radish in Hindi)
  • मूली के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Radish in Hindi)

मूली क्या है ? (Radish in Hindi)

मूली एक तरह की सब्जी है जो ब्रासीसियाई के परिवार की सदस्य मानी जाती है। पूरी दुनिया में मूली को बड़े पैमाने पर खाया जाता है। इसकी बहुत सी प्रजातिया पाई जाती है। मूली को कच्चा या पका कर दोनों ही तरह से खाया जाता है। मूली की अधिकतर खपत सलाद बनाने में की जाती है। मूली के अलावा मूली की पत्तिया का सेवन अधिक मात्रा में किया जाता है। यह शरीर को उच्च मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करता है।

मूली के पौष्टिक तत्व और खनिज क्या है ? (What are the Nutrients and Minerals Found in Radish in Hindi)

मूली में भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व और खनिज पाए जाते है। मूली के पोषक तत्व आहार के साथ मिलाकर प्राप्त कर सकते है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर और प्रोटीन होता है। खनिजों में पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन और मैंगनीज उचित मात्रा में पाई जाती है। इसमें फोलेट भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। इसके अलावा विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है।

मूली के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Radish in Hindi)

मूली के निम्नलिखित स्वास्थ्य लाभ है।

  • बुखार कम करने में – बुखार शरीर में तापमान को बढ़ाता है। मूली एक ऐसी सब्जी है जो ठंडी होती है। इसलिए मूली का उपयोग बुखार के तापमान को कम करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा मूली का उपयोग सिरदर्द की समस्या को दूर करता है। बुखार में अक्सर चिकिस्तक मरीज को पानी पीने की सलाह देते है ताकि शरीर का तापमान कम हो सके। मूली का सेवन करने से बुखार के तापमान में बदलाव देखा जाता है। क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होता है।
  • मधुमेह को नियंत्रण करने में – मधुमेह यानि डायबिटीज के मरीजों को मूली बहुत फायदेमंद होता है। मूली उनके शरीर के शुगर स्तर को कम करने में मदद करता है। शुगर स्तर कम होने से इंसुलिन बनने में आसानी होता है। इस वजह से मधुमेह नियंत्रण में रहता है। मधुमेह के मरीज मूली ही नहीं बल्कि मूली के पत्ते के साग बनाकर सेवन कर सकते है क्योंकि इनकी पत्तियों में सामान पोषक तत्व मौजूद होता है। इनका सेवन आपको अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। हालांकि चिकिस्तक भी मधुमेह के मरीजों को मूली का सेवन करने की सलाह देते है।
  • बालो के लिए – जिस तरह लोगो के लिए चेहरा खूबसूरत होना आवश्यक है उसी तरह बालो का मजबूत होना जरुरी होता है। बालो की झड़ने की समस्या को कम करने के लिए मूली के रस का उपयोग किया जाता है। मूली के रस को बालो में लगाकर मालिश करे और 15 से 20 तक छोड़ दे। समय होने के बाद शैम्पू से बालो को अच्छी तरह धो ले। ऐसा हफ्ते में दो बार करने से बालो की गिरने की समस्या कम हो जाती है क्योंकि मूली के रस बालो की जड़ को मजबूत बनाने में मदद करते है। इस तरह से बाल मजबूत और चमकीले हो जाते है। (और पढ़े – बालो की झड़ने की समस्या)
  • पीलिया के इलाज – पीलिया का बेहतरीन उपचार मूली को माना जाता है। इसमें कुछ ऐसे यौगिक होते है जो पीलिया के जोखिम को कम करता है। पीलिया होने पर मरीज व्यक्ति को मूली के पत्तियों का साग खिलाना चाहिए। मूली की पत्तिया पीलिया को बहुत जल्दी ठीक कर सकती है। आपको पता ही होगा पीलिया फ्लू के कारण होता है शरीर में संक्रमण फैलाता है और विटामिन सी संक्रमण रोकता है। इसके अलावा शरीर की रोगप्रतीरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  • त्वचा के लिए – मूली में अच्छी मात्रा में पानी होता है जो त्वचा में नमी बनाये रखता है और त्वचा की झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। मूली एक अच्छा घरेलु उपचार मन जाता है। कुछ शोध के अनुसार मूली के बीज को दही में मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे में लगाए तो मुँहासे की समस्या और चेहरे के काले धब्बे कम होने लगते है। क्योंकि मूली में अच्छी मात्रा विटामिन सी व एंटीऑक्सीडेंट होता है।
  • वजन कम करने में – मूली में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है जो वजन कम करने में मदद करता है। अक्सर डाइट में मूली के सलाद का सेवन लोग अधिक करना पसंद करता है। मूली पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। अगर आप वजन कम करना चाहते है, तो मूली का सेवन जरूर करें।

मूली के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Radish in Hindi)

मूली के फायदे तो बहुत है, लेकिन इसके साथ कुछ नुकसान भी होते है।

  • मूली का अत्यधिक सेवन करने से पेट में दर्द की समस्या हो सकता है।
  • मूली के साथ काले चने का सेवन करने से बचें।
  • दूध पीने के बाद तुरंत मूली का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मछली के साथ मूली का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • मूली का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से भूख की कमी, गले में दर्द, ऐंठन आदि की समस्या हो सकता है।
  • गर्भवती महिला को मूली के सेवन करने से बचें।

अगर आपको मूली के सेवन करने से स्वास्थ्य में किसी प्रकार की अनियमियता हो रही है, तो इसका सेवन करना सीमित कर दे तथा अपने नजदीकी जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।

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