जानिए जीरा के फायदे और नुकसान। Benefits and Side-Effects of Cumin (Jeera) in Hindi.

Login to Health दिसम्बर 5, 2019 Lifestyle Diseases 1802 Views

Cumin (Jeera) Meaning in Hindi

जीरा एक सुगंधित मसाला है जिसे भारत में बड़े पैमाने भोजन का जायका बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। जीरा गाजर व अजमोद के परिवार के सदस्य माने जाते है। जीरा चावल लोगो को बहुत पसंद आता है। इसके अलावा यूरोप और एशिया में जीरा का उपयोग किया जाने लगा है। शायद जानते नहीं होंगे जीरा में औषधीय गुण होता है जो कई तरह के बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। जीरा को पुराणों में अच्छा घरेलु उपचार माना गया है। स्तनपान वाली महिला में दूध की कमी सुधार करता है। जीरा के बीज स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते है। यह डायबिटीज के मरीज के शुगर के स्तर को कम करने में व मोटापा कम करने में मदद करता है। चलिए आपको जीरा के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी देंगे।

  • जीरा के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Cumin (Jeera) in Hindi)
  • जीरा के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Cumin (Jeera) in Hindi)
  • जीरा खाने का सही तरीका क्या है ? (Jeera Khane Ka Sahi Tarika Kya Hai in Hindi)

जीरा के फायदे क्या है ? (What are the Benefits of Cumin (Jeera) in Hindi)

जीरे के फायदे निम्नलिखित है।

त्वचा के लिए – जीरे का पानी त्वचा के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसमें विटामिन ई अच्छी मात्रा में होता है जो त्वचा की कोशिकाओं को पोषक तत्व प्रदान करता है। इसमें प्राकृतिक रूप से एंटी-एंजिंग के रूप में काम करती है। कुछ अध्ययन के अनुसार जीरा में एंटी ऑक्सीडेंट गुण होता है जो सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल गुण जो संक्रमण को रोकता है। (और पढ़े – सेब का सिरका त्वचा के लिए)

वजन कम करने में – जो लोग अपना वजन कम करने के बारे में सोच रहे है उनके लिए जीरा एक अच्छा घरेलू उपाय है। इसमें अच्छी मात्रा में वजन कम करने वाले गुण होते है जो चर्बी को कम करते है बल्कि कोलेस्ट्रॉल को भी कम करते है। जीरा को भूनकर पाउडर बना ले और दही में मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से आपका वजन कम होने लगेगा और सामान्य शरीर में आ जाएंगे।

एनीमिया को दूर करने में – एनीमिया खून की कमी का विकार जीवन के लिए जोखिम होता है। इन समस्या से बचने के लिए जीरे का उपयोग उचित होता है। जीरा में लौह अधिक मात्रा में होता है जो आयरन की कमी को पूरा करता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ावा देता है जिससे हीमोग्लोबिन आपने आप बढ़ने लगता है। यह एनीमिया के लक्षण को भी कम करता है। जीरे के पाउडर को अपने भोजन में रोजाना उपयोग करे। ऐसा करने से एनीमिया की समस्या से छुटकारा मिलेगा। (और पढ़े – एनीमिया का उपचार)

पाचन क्रिया को बढ़ाने में – जीरा में पहले से आयुर्वेदिक गुण होता है जो पेट दर्द, पेट में ऐंठन, मलती, उल्टी, पाचन आदि के उपचार में उपयोग किया जाता है। यह अग्राशय एंजाइम जो पाचन क्रिया के साथ होता है उसे उत्तेजित करता है। यह पेट के लिए अच्छा घरेलु उपचार है। एक ग्लास पानी में भुना हुआ जीरा मिलाकर सुबह -शाम सेवन करे। आपको कुछ दिनों में अपने आप फरक दिखने लगेगा।

माँ का दूध बढ़ाने में – महिलाओं में दूध की कमी को दूर करने में जीरा बहुत उपयोगी होता है। क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में कैल्शियम और आयरन होता है जो स्तनों में दूध की मात्रा में सुधार कर अधिक कर देता है। इसके अलावा माँ का दूध शिशु को ताकत प्रदान करता है। स्तनदूध को बढ़ाने के लिए गर्म दूध में एक चम्मच जीरा पाउडर को मिलाकर माँ को पीना चाहिए।

मधुमेह नियंत्रण करने में – कुछ शोध के अनुसार जीरा डायबिटीज के रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में माध करता है। जीरे में एंटी विरोधी गुण उपस्थित है जो डायबिटीज के लिए अच्छा माना जाता है। मधुमेह के लिए जीरा का उपयोग सात से आठ चम्मच जीरा को अच्छे से भून ले। इसके बाद जीरे को पिसले यह चूर्ण को दिन में दो बार पिये। आपके मधुमेह नियंत्रित होने लगता है। (और पढ़े – डायबिटीज के उपचार)

जीरा के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Cumin (Jeera) in Hindi)

जीरा खाने के फायदे तो बहुत है लेकिन अत्यधिक उपयोग करने से कुछ नुकसान हो सकता है। जैसा की आपको पता है जीरा भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है जो भोजन में उपयोग किया जाता है। जीरा के बिना भोजन करना लोगो के लिए असंभव हो जाता है। लेकिन जीरा का अत्यधिक उपयोग नुकसानदायक हो सकता है।

  • जीरे का अधिक सेवन पाचन संबंधित समस्या हार्टबर्न का कारण हो सकता है। जीरे का अधिक सेवन ढेकार की समस्या आ सकती है।
  • गर्भवती महिला को जीरे का सेवन कम करना चाहिए। जीरे का अधिक सेवन भ्रूण को नुकसान पंहुचा सकता है।

जीरा खाने का सही तरीका क्या है ? (Jeera Khane Ka Sahi Tarika Kya Hai in Hindi)

  • जीरा को पानी में उबालकर चाय के रूप में किया जाता है।
  • जीरा का उपयोग सुप, अचार, सॉस बनाने के लिए किया जाता है।
  • भारतीय घरो में दाल रोजाना पकाई जाती है तड़के के लिए जीरे का उपयोग किया जाता है। उत्तर भारत में जीरा का उपयोग चिकन का स्वाद बढ़ाने के लिए भूनकर उपयोग में लाया जाता है।
  • जीरा सब्जी व चावल में डालकर उपयोग किया जाता है। जीरा में घी मिलाकर चावल को बनाते है जिसे जीरा चावल बोलते है।

अगर आपको जीरा के उपयोग करने से स्वास्थ्य में किसी भी तरह की समस्या हो रही है, तो इसका उपयोग करना सीमित कर दे तथा अपने नजदीकी जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको बीमारियों से संबंधित जानकारी देना है न की आपको किसी दवा, उपचार, घरेलू उपचार की सलाह देते है। आपको एक अच्छी चिकिस्तक सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है क्योंकि उनसे अच्छी सलाह दूसरा कोई नहीं दे सकता है।

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