जानिए करेला के फायदे और नुकसान । Benefits and Side-Effects of Bitter Gourd in Hindi.

Login to Health मई 24, 2019 Lifestyle Diseases 491 Views

Bitter Gourd Meaning in Hindi

करेला एक तरह की सब्जी है। जो औषधीय के रूप में जानी जाती है। करेला स्वाद में बहुत कड़वा होता है। लेकिन अपने गुणों से कई तरह की बीमारियों को दूर करने में सहायता करता है। करेला भारत में बहुत ज़माने से रसोई में भोजन के रूप में पकाया जाता है। करेला अपने गुणों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। करेला में कई तरह के एंटी बायोटिक,एंटी फंगल, एंटी सेप्टिक एंटी वायरल, कई विटामिन और खनिज पाए जाते है। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते है। चलिए करेला के चमत्कारी गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है।

  • करेला में कौन-से पौष्टिक तत्व और खनिज पाये जाते है ? (What are The Nutrition and Minerals in Bitter Gourd in Hindi)
  • करेला के फायदे क्या है ? (What are The Benefits of Bitter Gourd in Hindi)
  • करेला के नुकसान क्या है ? (What are The Side-Effects of Bitter Gourd in Hindi)

करेला में कौन-से पौष्टिक तत्व और खनिज पाये जाते है ? (What are The Nutrition and Minerals in Bitter Gourd in Hindi)

करेला एक सब्जी है। यह हरा रंग का होता है। इसकी ऊपरी त्वचा मगरमच्छ की तरह लगती है। करेला में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। खनिजों में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, मैगनीज,आयरन, फोलेट, कार्बोहाइड्रेड, जैसे प्रोटीन होते है। जो स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभदायक होता है।

करेला के फायदे क्या है ? (What are The Benefits of Bitter Gourd in Hindi)

करेला के अनेको फायदे है।

  • डायबिटीज के लिए :- करेला डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण इलाज है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को कम करती है। इससे शरीर में इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है। यह इंसुलिन प्रतिरोध से बचाव करने में सहायता करता है। करेला टाइप 1 और टाइप 2 दोनों डायबिटीज के मरीजों के लिए है।
  • कैंसर से बचाव :- कैंसर (Cancer) से ग्रस्त व्यक्तियों को करेला का सेवन करना बहुत फायेदमंद होता है। करेला में एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-बायोटिक जैसे गुण होते है। जो कैंसर के लक्षणो को कम करता है और कैंसर से बचाव करने में मदद करता है।
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए :- शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए अपने आहार में नियमित रूप से करेला का सेवन करना चाहिए। करेला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स व फायटोन्यूट्रिएंट्स शरीर में उपस्थित बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। जिससे दिल के दौरे नहीं पड़ते है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए :-  करेला में कई तरह पोषक तत्व होते है। जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। अर्थ रोगो से लड़ने में सहायता करता है। करेला का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।
  • आंतो के कीड़ो को समाप्त करने के लिए :-  करेले स्वाद में कड़वे होते है और करेले में अन्थेलमिटिक नामांक एक ऐसा योगिक होता है। जो कीड़ो को मारने में बहुत फायदेमंद होता है।
  • त्वचा के लिए :- करेला का सेवन रोजाना करने से चेहरे में उपस्थित सभी दोष यानि कील मुंहासे, त्वचा संक्रमण,फंगल संक्रमण इत्यादि दूर हो जाते है। करेला में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स सभी समस्या को दूर करने में सहायता करता है।
  • लिवर के लिए :- करेला का रस नियमित रूप से पीने से शरीर के विषाक्त पदार्थ दूर हो जाते है। जिससे लिवर का विकार नहीं होता है।
  • वजन कम करने के लिए :- करेला में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर चर्बी को कम करने में सहायक होते है। शरीर में वजन कम करने के लिए रोजाना करेला का सेवन करे।
  • रक्त को शुद्ध यानि साफ करने के लिए :– करेला प्राकृतिक रूप से रक्त का शोधक माना जाता है। जो रक्त को स्वच्छ रखने में सहायता करता है। रक्त साफ होने से त्वचा में और निखार आ जाता है।
  • बवासीर के लिए :- करेला का रस का सेवन करने से पाचन सम्बंधित सभी समस्या दूर होती है। करेला में प्राकृतिक रूप से कई तरह के खनिज व विटामिन होते है। जो बवासीर की बीमारी से छुटकारा दिलाता है।

(बवासीर के इलाज के बारे में और पढ़े- बवासीर क्या है और बवासीर का इलाज क्या है )

करेला के नुकसान क्या है ? (What are The Side-Effects of Bitter Gourd in Hindi)

करेला के फायदों के बारे में आप जान चुके होंगे। लेकिन इसके फायदों के साथ-साथ कुछ नुकसान भी होते हैं।

  • करेला का सेवन एक दिन 2 या 3 करेलो का उपयोग करे। 3 से अधिक करेला उपयोग करने से पेट में दर्द व दस्त की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • करेला के कडवाहट को दूर करने के लिए करेला में नमक मिलाकर उसे पानी में कुछ देर के लिए छोड़ दे। उसके बाद करेला को बनाने के लिए इस्तेमाल करे।  
  • करेले के रस में सुधार करने के लिए उसमे गाजर, शहद, सेब का रस मिलाकर इस्तेमाल करे।
  • हमेशा करेले के सब्जी और रस बनाने के लिए करेला को अच्छी तरह धो कर इस्तेमाल करे।
  • गर्भवती महिला को करेला का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।

अगर करेला का सेवन करने से स्वास्थ्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है। तो तुरंत करेला का सेवन करना सिमित कर दे। अपने नजदीकी जनरल फिजिशियन डॉक्टर (General Physician) से संपर्क करे।

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