मल में खून आने के कारण, लक्षण, उपचार व बचाव। Blood in Stool Causes, Symptoms, Treatments and Prevention in Hindi

Login to Health दिसम्बर 11, 2019 Lifestyle Diseases 93 Views

Blood in Stool Meaning in Hindi

व्यक्ति को मल से जुडी बहुत सी समस्याओं के बारे में आप जानते ही होंगे। कुछ व्यक्ति को कब्ज के कारण मल त्याग नहीं कर पाते और बवासीर की समस्या है शौच करने में कठिनाई होता है। लेकिन मल में अधिक रक्तश्राव आना चिंता का विषय बन सकता है। क्योंकि अगर आपका मल काला या गाढ़ा हो रह है तो ऐसे में आपको चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। मल में खून आने की स्तिथि को चिकिस्तक भाषा में मेलेना कहा जाता है। मल में खून आना पाचन संबंधित समस्या भी हो सकती है जिसके कारण छोटी आंत के रक्त मल में मील जाते है और मल त्यागने दौरान मल काले हो जाते है। इसे एक तरह का लक्षण माना जाता है जो आपके पाचन स्तिथि के कमजोरी को दर्शाता है। (Blood in Stool) मल में रक्त आने का कारण क्या है और उपचार क्या है इसके बारे में आपको विस्तार से बतायेंगे।

  • मल में खून आने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Blood in Stool in Hindi)
  • मल में खून आने के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Blood in Stool in Hindi)
  • मल में खून आने का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Blood in Stool in Hindi)
  • मल में खून आने से बचाव ? (Prevention of Blood in Stool in Hindi)

मल में खून आने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Blood in Stool in Hindi)

मल में खून आने का अनेको कारण होता है जो आंतरिक और बाहरी दोनों पर निर्भर होता है।

आंतरिक कारण 

  • मल में अधिक कालापन रक्तश्राव के कारण होता है। मल का काला रंग इसलिए होता है क्योंकि पाचन के ऊपरी खून घूमता रहता है और मल में मिल जाता है जिससे मल का रंग काला हो जाता है।
  • पेट के अंदर रक्त प्रवाह होना या पेट के छोटी आंत से निकले रक्त का जमाव हो जाता है और यह रक्त जब पाचन द्रव में मिल जाता है तो टार का रुप ले लेता है।
  • पाचन तंत्र के ऊपरी हिस्से में रक्त प्रवाह होने का कारण अन्य कारणों से जुड़ा हो सकता है। जिस वह से मल के साथ रक्तश्राव हो सकता है।
  • आंतो के कीड़े होना।
  • पेट में सूजन।
  • नाक से खून आना।
  • असामान्य रक्त वाहिका होना।
  • आंतो के हिस्से में रक्त की पूर्ति न होना।
  • पेट में अल्सर।
  • तीव्र उलटी।

बाहरी कारण –

  • कुछ सामन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकता है।
  • अधिक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करने से मल के रंग में बदलाव हो सकता है। मल का रंग काला हो सकता है।
  • आयरन की कमी के कारण या एनीमिया की समस्या होने से भी मल का रंग काला होता है। (और पढ़े – एनीमिया के कारण क्या है)
  • कुछ अधिक दवाओं का सेवन करने से पेट में अलग प्रक्रिया होने लगती है। मल सामान्य न होकर अलग रंग हो जाता है।

मल में खून आने के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Blood in Stool in Hindi)

मल में खून आने का लक्षण होने पर मल काला हो जाता है मानो तवा के काले रंग की तरह हो। यह पाचन संबंधित समस्या से जुड़ा हो सकता है। सामन्य तौर पर कभी थोड़े काले रंग के मल हो जाते है। लेकिन रोजाना रक्त आना मल के रंग को बदल देता है। इसके अलावा पाचन रसो के संपर्क में आने से टार जैसा मल हो सकता है। आपको कुछ अन्य लक्षण भी नजर आ सकते है।

  • थकान महसूस होना।
  • ब्लड प्रेशर लौ होना।
  • दिल की गति तेज होना।
  • सांस लेने में कठिनाई होना।
  • अगर ऐसे लक्षण आपको महसूस हो रहे है तो आपको चिकिस्तक से जांच करवाना चाहिए।
  • अगर आपको मल में रक्त आने का कारण बवासीर लगता है तो आपको बवासीर की जांच करवानी चाहिए ताकि चिकिस्तक इसका पता लगा सके। (और पढ़े – बवासीर पाइल्स का लक्षण)

मल में खून आने का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Blood in Stool in Hindi)

मल में खून आने समस्या को रोकने के लिए पहले कारणों को समझना पड़ता है की खून बहाव क्यों हो रहा है। चिकिस्तक निम्न तरीके से मल में खून आने की समस्या का उपचार करते है।

  • अगर अल्सर के कारण पेट में रक्तश्राव हो रहा है तो चिकिस्तक एसिड को कम करने वाली कुछ दवाओं का सुझाव दे सकते है। यह दवाएं सूजन को कम करने में सहायता करते है।
  • अगर पेट में पोलिप्स के कारण मल में खून आ रहा है तो इसका उपचार करवाना जरुरी होता है क्योंकि पोलिप्स कैंसर की स्तिथि को पैदा कर सकता है। कुछ जटिल मामले में इसे हटा दिया जाता है। पोलिप्स को हटाने के लिए कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जाता है।
  • अगर आपके मल में अत्यधिक खून निकल गया है तो एनीमिया का जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे मामले में मरीज को खून दिया जाता है ताकि खून शरीर में मौजूद रहे।
  • अगर खून बहने की समस्या अपने आप ठीक नहीं हो रही है तो चिकिस्तक अन्य जांच कर सकते है।
  • मल में रक्त आने की समस्या शुरुवाती है तो चिंता करने की जरुरत नहीं है। केवल आपको सही उपचार चाहिए। चिकिस्तक आपको कुछ दवाएं और कुछ प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकते है। इसके अलावा खाद्य पदार्थ में बदलाव के सुझाव दे सकते है।

मल में खून आने से बचाव ? (Prevention of Blood in Stool in Hindi)

मल में खून आने से बचाव निम्न तरीके से कर सकते है।

  • मल में खून आने की समस्या से बचाव करने के लिए व्यक्ति को अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा अपने आहार में फाइबरयुक्त आहार शामिल करे। फाइबर मल को नरम बनाते है। फाइबर युक्त में अनाज, चोकर, फलिया, चुकंदर आदि। (और पढ़े – एंटीऑक्सीडेंट का महत्व आहार में)
  • अगर आपको फाइबर आहार के बारे में और जानकारी चाहिए तो अपने चिकिस्तक से परामर्श करे। चिकिस्तक आपको निम्न सुझाव दे सकते है।

अगर आपको मल में रक्त आने की समस्या बहुत दिनों से हो रही है तो आपको बिना किसी देरी के अच्छे गैस्ट्रोएंटरोलॉजी Gastroenterology  से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।

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