दांतो में कीड़े यानि कैविटी होने के कारण क्या है। Cavities in Hindi

Login to Health मई 31, 2019 Lifestyle Diseases 466 Views

(Dental Caries)  Cavities in Hindi

दांतो की ठीक से देखभाल नहीं होने से दांतो में कैविटी की समस्या होने लगती है। बहुत से लोग इन समस्याओ पर अधिक ध्यान नहीं देते है। जिसके कारण कैविटी उनके दांतो को धीरे-धीरे अपना शिकार बनाती है और दांतो की स्वस्थ स्तिथि को खराब करने लगती है। कैविटी को एक तरह से दांतो का सड़न भी कहा जाता है। आपके दिमाग में सवाल आ रहा होगा की दांतो की सुरक्षा कैसे करें। चलिए आज हम विस्तार से (Dental Caries) Cavities  के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

  • कैविटी क्या है ? (What is Cavities in Hindi)
  • कैविटी या दांतो में कीड़े के प्रकार ? (Types of (Dental Caries) Cavities in Hindi)
  • कैविटी या दांतो में कीड़े के कारण क्या है ? (What are the Causes of (Dental Caries) Cavities in Hindi)
  • कैविटी या दांतो में कीड़े के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of (Dental Caries) Cavities in Hindi)
  • कैविटी या दांतो में कीड़े का परीक्षण ? (Diagnoses of (Dental Caries)  Cavities in Hindi)
  • कैविटी या दांतो में कीड़े का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Cavities (Dental Caries) in Hindi)

कैविटी क्या है ? (What is Cavities in Hindi)

जब दांतो में छोटे छिद्र विकसित होने या दांतो की ठोस सतह खराब होने लगती है तो उसे कैविटी कहते है। दांतो में कैविटी होने से दांतो में सड़न या कीड़े लगने लगते है। यदि कार्बोहायड्रेड युक्त यानि ब्रेड, अनाज, दूध, कोल्ड्रिंक्स, फल, केक इत्यादि का सेवन करते है। तो यह कही न कही इसके कुछ कण दांतो में रह जाते है। जिससे दांतो में कैविटी की समस्या पैदा होने लगती है। यह अम्ल इनेमल के द्वारा दांतो की भीतरी सतह तक पहुँचता सकता है। इस तरह दांतो की नरम परत पर सड़न शुरु होता है। यह दांत का मुख्य भाग होता है। जैसे ही डेटिंग और इनेमल की परत टूट जाती है। वैसे ही कैविटी की परत बनने की शुरुवात होती है।  जिससे दांतो में समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।

 कैविटी या दांतो में कीड़े के प्रकार ? (Types of Cavities (Dental Caries) in Hindi)

कैविटी को चार प्रकार में विभाजित किया गया है।

1 कैविटी के स्थान पर :-

  • प्राइमरी कैविटी।
  • स्मूथ कैविटी।
  • पिट कैविटी।
  • रूट सरफेस कैविटी।

2 कैविटी फैलना :-

  • बैकवर्ड कैविटी।
  • फॉरवर्ड कैविटी।

3 कैविटी की गति :-

  • एक्यूट कैविटी में बहुत तेजी से कीड़े दांतो को खराब कर देते है।
  • क्रोनिक इसकी प्रकिया धीमी होती है। थोड़े समय बाद रुक भी जाती है।

4 केविटी के चरण :-

  • रिवर्सेबल में पहले कीड़े की गतिविधि जो इनेमल में होती है।
  • इर्रिवर्सेबले :- जब इनेमल टूट जाता है तो कैविटी भीतरी सतह तक पहुंच जाता है।

कैविटी या दांतो में कीड़े के कारण क्या है ? (What are the Causes of Cavities (Dental Caries) in Hindi)

  • नियमित रूप से दांतो की सफाई ना करने के कारण दांतो में कैविटी की समस्या होती है।
  • बार बार कुछ खाते पीते रहने के कारण खाना के कण रह जाने से कैविटी की समस्या उत्पन्न होती है।
  • शुष्क मुँह लार की कमी होने से दांतो में सड़न पैदा होती है।
  • हार्टबर्न सीने में जलन के कारण पेट का अम्ल मुँह की ओर आ सकता है। यह दांतो के इनेमल को नष्ट कर सकता है। ऐसे में तेजी से बैक्टीरिया दांतो पर हमला कर पाते है।

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  • कार्बोहायड्रेड युक्त पदार्थ कैविटी होने का जोखिम बढ़ाता है।
  • चिपचिपापन खाना खाने से दांतो में यह चिपक जाता है और कैविटी होने का कारण बनता है।

कैविटी या दांतो में कीड़े के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Cavities (Dental Caries) in Hindi)

  • दांतो में छेद या गड्डे होना।
  • दांतो में दर्द होना।
  • दांतो में झनझनाहट।
  • चबाते समय दर्द का अनुभव।
  • दांतो की सतह पर काले भूरे रंग के दाग दिखाई देना।

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  • ठंडा या मीठा खाने पर दांतो में दर्द होना।

 कैविटी या दांतो में कीड़े का परीक्षण ? (Diagnoses of Cavities (Dental Caries) in Hindi)

  • डेंटिस्ट दांतो में कीड़े का पता लगाने के लिए निम्लिखित परीक्षण कर सकते है।
  • मुँह एव दांतो का परीक्षण कर सकते है।
  • दांतो के दर्द के बारे में पूछ कर।
  • दांतो की दन्त उपकरणों से जांच कर के। जिससे वो नरम स्थान का पता लगा सके।
  • कुछ मामलो में दांतो की कीड़े व सड़न का पता लगाने के लिए क्ष-रे मशीन का उपयोग करते है।
  • डेंटिस्ट जांच कर यह भी पता लगाते है। कौन सी कैविटी हुई है।

कैविटी या दांतो में कीड़े का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Cavities (Dental Caries) in Hindi)

  • डेंडिस्ट इलाज करने के पहले देखते है की कैविटी कितनी ठोस है तथा इसके आधार पर उपचार निर्धारित करते है।
  • यदि दांतो में अधिक सड़न हो जाती है। तो उस दांत को बहार निकाल देते है। उसकी जगह पर डेंटल इम्प्लांट करने का सुझाव देते है। ताकि खाली जगह भरी हुई लगे।
  • दांतो के गड्ढे को भरने के लिए गोल्ड या सिल्वर, पोर्सिलेन, कम्पोजिट से बदलते है। गोल्ड और सिल्वर को अधिक मजबूत माना जाता है। दांतो में जमा कैविटी को निकालने के लिए ड्रिल मशीन का उपयोग करते है।
  • यदि व्यक्ति की कैविटी शुरुवाती है तो फ्लोराइड इनेमल वापस लेन में मदद करता है। कुछ लोगो में शुरुवाती कैविटी अपने आप ठीक भी हो जाती है।
  • यदि दांतो की नसों में सड़न एव चोट लग जाती है। तो ऐसे में डेंटिस्ट दांत के बिच वाला भाग के नस, ब्लड वेसल टिश्यू और सड़े हिस्से को बाहर निकाल देते है। उसकी स्थान पर सीलिंग साम्रगियों को भर देते है। ताकि मजबूती बानी रहे।

अगर आपको दांतो में कैविटी या दांतो में कीड़े लगने की समस्या हो रही है, तो तुरंत डेंटिस्ट चिकिस्तक (Dentist) से संपर्क करें।

 

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