जानिए घेंगा (गलगंड) रोग क्या होता है। Goiter in Hindi

Login to Health जून 25, 2019 Lifestyle Diseases 287 Views

Goiter Meaning in Hindi.

थायराइड ग्रंथि के आकार बढ़ने को घेंगा (गलगंड) रोग कहते है। थायराइड एक ग्रंथि होती है। जो तितली के आकार की होती है और गले में स्थित होती है। घेंगा (गलगंड) रोग आम तौर पर दर्दरहित रहता है। किंतु इस रोग में ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है। तो व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। इसके अलावा भोजन निगलने एव खांसी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। चलिए विस्तार से घेंगा (गलगंड) रोग के बारे में जानकारी प्राप्त करते है।

  • घेंगा (गलगंड) रोग क्या है ? (What is Goiter in Hindi)
  • घेंगा (गलगंड) रोग के प्रकार ? (Types of Goiter in Hindi)
  •  घेंगा (गलगंड) रोग के कारण क्या है ? (What are the Causes of Goiter in Hindi)
  •  घेंगा (गलगंड) रोग के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Goiter in Hindi)
  •  घेंगा (गलगंड) रोग का उपचार क्या है ? (What are the Treatment for Goiter in Hindi)

घेंगा (गलगंड) रोग क्या है ? (What is Goiter in Hindi)

घेंगा (गलगंड) रोग को अंग्रेजी में गोइटर के नाम से जाना जाता है। यह थायराइड ग्रंथि का असामान्य रूप से बढ़ने लगना। इससे गले में गठान उत्पन्न हो जाता है। यह रोग पुरुषो की अपेक्षा महिलाओं को अधिक होता है। गोइटर एक ग्रंथि में होता  हार्मोन उत्पन्न कर रही हो (हाइपोथाइरोइडिसम) या उचित मात्रा में हार्मोन उत्पन्न कर रही हो (यूथाइरोइडिसम) होता है।

घेंगा (गलगंड) रोग के प्रकार ? (Types of Goiter in Hindi)

घेंगा (गलगंड) रोग दो प्रकार के होते है।

  • डिफ्यूज स्माल गोइटर :- इसमें पूरी थाइरोइड ग्रंथि सूज जाती है। स्पर्श करने पर एक समान महसूस होती है।
  • नोड्युलर गोइटर :- इसमें थाइरोइड ग्रंथि की गांठ के कुछ हिस्से सूज जाते हैं। स्पर्श करने पर ग्रंथि उभरी हुई महसूस होती है।

घेंगा (गलगंड) रोग के कारण क्या है ? (What are the Causes of Goiter in Hindi)

  • घेंगा निम्नलिखित कारण से हो सकता है।
  •  भोजन में आयोडीन की कमी के कारण घेंगा रोग होता है। यदि भोजन में उपयोग किये हुए नमक में आयोडीन ना हो तो घेंगा रोग व्यक्ति को होने लगता है।
  • घेंगा रोग के कुछ अन्य कारण भी हो सकते है।
  • व्स रोग।
  • हाशिमोटो रोग।
  • थायराइड कैंसर।
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में HCG नामांक एक हार्मोन्स बनने लगता है। इस हार्मोन्स के कारण थायराइड ग्रंथि थोड़ी बड़ी हो जाती है।

(और पढ़े – इम्युनिटी कैसे बढ़ाते है)

घेंगा (गलगंड) रोग के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Goiter in Hindi)

  • प्रत्येक व्यक्ति में गलगंड का आकार छोटा या बढ़ा होता है। अधिकतर मामलो में सूजन हो जाती है। किंतु इससे दर्द का अनुभव नहीं होता है।
  •  घेंगा (गलगंड) रोग कुछ मामलो में गंभीर लक्षण उत्पन्न कर सकते है।
  •  गले में कुछ फसा हुआ महसूस होना।
  • खांसी आना।
  •  गला बैठ जाना।
  • भोजन निगलने में परेशानी होना।
  • सांस लेने में कठिनाई होना। (और पढ़े – अस्थमा क्या है और अस्थमा होने का कारण क्या है)
  • यदि यह लक्षण होना शुरू हुए है। तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करे।

घेंगा (गलगंड) रोग का उपचार क्या है ? (What are the Treatment for Goiter in Hindi)

  • घेंगा का उपचार करने के पहले चिकिस्तक मरीज के लक्षणो के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। मरीजों के लक्षणो को जानने के बाद चिकिस्तक उपचार करते है।
  • यदि आयोडीन की कमी के कारण घेंगा रोग हुआ है। तो ऐसे स्थिति में आयोडीन युक्त नमक की मात्रा भोजन में सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • हायपरथायरायडिस्म की स्थिति में थायराइड की गति को कम करने लिए दवाएं दी जाती है। यदि दवाएं कुछ अच्छा काम नहीं कर पा रही है। ऐसे में चिकिस्तक ऑपरेशन करने का निर्णय लेता है। इस ऑपरेशन से थायराइड ग्रंथि को बहार निकाल देते है।
  •  रेडियोएक्टिव आयोडीन यह एक तरह से अंडरएक्टिव थायराइड का इलाज होता
    है। इसमें रेडियोएक्टिव आयोडीन को मुंह के द्वारा लिया जाता है। जब रेडियोएक्टिव आयोडीन गले तक पहुँचता है। तो घेंगा का आकार छोटा होने लगता है।
  •  थायराइड कैंसर की स्तिथि मे चिकिस्तक इसका इलाज ऑपरेशन के माध्यम से थायराइड ग्रंथि को बाहर निकाल देते है। इससे थायराइड की ग्रंथि नष्ट हो जाती है और घेंगा का आकार छोटा हो जाता है।
  • यदि व्यक्ति को इस रोग के कारण सांस लेने में तकलीफ हो रही है। तो चिकिस्तक पूरी थायराइड ग्रंथि को बाहर निकाल देता है। (और पढ़े – थायराइड क्या है)

घेंगा (गलगंड) रोग से परेशान है। तो बिना किसी देरी के इएनटी डॉक्टर (ENT) से संपर्क करें।

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