जानिए पेट में गाठ क्यों होता है। Abdominal Lump bin Hindi

Login to Health सितम्बर 9, 2019 Lifestyle Diseases 16 Views

Abdominal Lump Meaning in Hindi.

पेट में गांठ और सूजन किसी भी स्थान पर हो सकता है। पेट में सूजन होने पर यह बहार की ओर दिखने लगता है। जैसे पेट में गोला सा कुछ हो गया हो। यह एक तरह से गांठ होता है। जो अत्यधिक दर्द देता है। यह विभिन्न बीमारियों का जोखिम होता है। जैसे हर्निया, लिपोमा, ट्यूमर आदि से जुडी समस्या उत्पन्न कर सकता है। पेट की गांठ कठोर या नर्म दोनों ही हो सकता है। जो अत्यंत पीड़ादायक होती है। यह कोई खास लक्षण पैदा नहीं करते है। किंतु कुछ मामलो में कब्ज, पेट दर्द, गुदा से रक्तश्राव, उल्टी, जी मिचलाना आदि लक्षण नजर आते है। इनका उपचार करने के लिए चिकिस्तक कुछ परीक्षण करते है। जांच के आधार पर उपचार शुरू करते है। इस लेख में पेट में गांठ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकरी प्राप्त करेंगे।

  • पेट में गाठ के कारण क्या है ? (What are the Causes of Abdominal Lump in Hindi)
  • पेट में गाठ के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Abdominal Lump in Hindi)
  • पेट में गाठ के परीक्षण क्या है ? (Diagnoses of Abdominal Lump in Hindi)
  • पेट में गाठ का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Abdominal Lump in Hindi)
  • पेट में गांठ होने से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Abdominal Lump in Hindi)

पेट में गाठ के कारण क्या है ? (What are the Causes of Abdominal Lump in Hindi)

  • पेट में गांठ कुछ कारण व जोखिम के वजह से नजर आता है। यदि पेट के ऊपरी दिशा में गांठ नजर आती है। ऊपर की ओर नजर आती है। कुछ गांठ हर्निया का भी कारण हो सकती है। पेट में गांठ के कुछ सामान्य कारण भी हो सकते है।
  • जैसे अंडाशय के पास सिस्ट बनना।
  • पित्ताशय की पथरी के कारण भी हो सकता है। पित्त की थैली से बहार हो जाता है।
  • हिमोमोटा में त्वचा के नीचे रक्त का जमाव हो जाता है। इसके कारण रक्तवाहिनियां टूटने लगती है।
  • लिपोमा जो चर्बी की गांठ होती है ,
  • कैंसर के कारण पेट में गांठ की समस्या हो जाती है। चाहे कोलनकैंसर, प्रोटेस्ट कैंसर, लिवर कैंसर, पेट का कैंसर इत्यादि।
  • कुछ अन्य रोग भी पेट में गांठ के जिम्मेदार हो सकते है। जैसे: क्रोन रोग, अंडाशय में फोड़ा, लिवर बढ़ना इत्यादि।

पेट में गाठ के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Abdominal Lump in Hindi)

पेट में गांठ उनके कारणों पर निर्भर करता है। इसके लक्षण भी इसी तरह हो सकते है।

  • पेशाब में दर्द होना।
  • पेट फूल जाना।
  • छाती में दर्द होना।
  • भूख में कमी आना।
  • भोजन निगलने में कठिनाई होना।
  • कब्ज की समस्या होना। (और पढ़े – कब्ज का इलाज)
  • पेट में दबाव महसूस होना।
  • पेशाब अधिक या कम होने जैसी परिस्तिथी होना।
  • गांठ के नजदीक स्थान पर सूजन व दर्द होना।
  • दस्त की समस्या होना।

पेट में गाठ के परीक्षण क्या है ? (Diagnoses of Abdominal Lump in Hindi)

  • पेट में गांठ का परीक्षण करने के लिए पहले चिकिस्तक मरीज का पूर्व इतिहास पूछते है। कोई बीमारी तो नहीं थी पहले से। पेट में गांठ किस तरह बनी है। इसकी जानकारी लेते है। जानकारी के आधार पर गांठ के आसपास की त्वचा को देखते है। कितनी प्रभावित हुई है।
  • पेट में गांठ के कारण को पता लगाने के लिए चिकिस्तक कुछ टेस्ट करते है। इन टेस्ट में इमेजिंक टेस्ट, कोलोनोस्कोपी, अन्य टेस्ट में ब्लड टेस्ट, एंजियोग्राफी, बेरियम एनिमा, आइसोटोप स्टडी इत्यादि शामिल है। इनके द्वारा पेट में कारण का सही पता लगाते है।

पेट में गाठ का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Abdominal Lump in Hindi)

  • पेट में गांठ का उपचार गांठ के कारणों पर निर्भर करता है। कारण का पता लगाने के बाद चिकिस्तक मरीज को दवा व ऑपेरशन की सहायता से इलाज कर सकते है।
  • पेट में गांठ को बहार निकालने के लिए चिकिस्तक विभिन्न प्रक्रिया करते है। जैसे- यदि हर्निया के कारण पेट में गांठ हो रही है। तो उसे लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से इलाज किया जाता है।
  • कुछ मामलो में गांठ को छोटा करने के लिए कीमोथेरेपी व रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जाता है।
  • पेट में यदि सामान्य गांठ होती है। तो बिना उपचार के अपने आप ठीक हो जाती है।
  • कुछ दवाएं भी देते है। ताकि एसिड रिफ्लेक्शन को कम किया जा सके। इस दवाओं में एच् 2 ब्लॉकर, एंटासीड्स आदि शामिल है।

पेट में गांठ होने से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Abdominal Lump in Hindi)

पेट में गांठ होने से बचाव करने के लिए निम्न उपाय कर सकते है।

  • एसिड बनाने वाले खाद्य पदार्थो का सेवन से बचे।
  • अत्यधिक वजन वाली वस्तुए को ना उठाए।
  • धूम्रपान का सेवन ना करें।
  • स्वस्थ भोजन करें और स्वस्थ बने रहे।
  • भोजन के बाद लेटने या मुड़ने की प्रक्रिया ना करें।
  • बीमारी शुरू होने पर तुरंत चिकिस्तक से जांच करवाना चाहिए।
  • मांसपेशियो को मजबूत बनाने के लिए रोजाना व्यायाम करें।

अगर आपको पेट में गांठ की समस्या के बारे अधिक जानकारी एव उपचार करवाना हो, तो गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (Gastroenterologist) से संपर्क करें।

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