जानिए फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) क्या है। Food Poisoning in Hindi

Login to Health जुलाई 23, 2019 Lifestyle Diseases 367 Views

Food Poisoning Meaning in Hindi.

फूडपाइजनिंग को हिंदी में विषाक्त भोजन कहते है। शरीर के लिए भोजन और पानी बहुत जरुरी होता है। किंतु दूषित पानी व दूषित भोजन का सेवन करने से हमारे शरीर में जीवाणु, बैक्टीरिया का प्रवेश हो जाता है। इससे शरीर दूषित हो जाता है। इस समस्या को फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) कहते है। यह एक तरह की बीमारी होती है। जो शरीर को कमजोर बना देती है। इसमें व्यक्ति को पेट में दर्द व उल्टी जैसी समस्या होने लगती है। चलिए विस्तार से Food Poisoning के बारे में
जानकारी प्राप्त करें।

  • फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) क्या है ? (What is Food Poisoning in Hindi)
  • फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) होने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Food Poisoning in Hindi)
  • फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Food Poisoning in Hindi)
  • फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Food Poisoning in Hindi)
  • फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) से बचाव कैसे करें ? (How to Prevent Food Poisoning in Hindi)

फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) क्या है ? (What is Food Poisoning in Hindi)

फूडपाइजनिंग एक खाद्य जनित बीमारी है। जिसे फूडबोर्न इलनेस के नाम से जाना जाता है। जो दूषित पदार्थो के सेवन करने से होती है। जीवाणु, संक्रामक जीव, वायरस, परजीवी, बैक्टीरिया आदि उनके द्वारा दूषित किये गये भोजन का सेवन करना फूडपाइजनिंग का सामान्य कारण होता है। यदि भोजन को ठीक से सभाला ना जाये तो यह भोजन भी दूषित हो सकते है। Food Poisoning होने के कुछ घंटो में व्यक्ति को उल्टी, दस्त, चक्कर आने जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। (और पढ़े – चक्कर क्यों आते है और चक्कर का इलाज क्या हैं)

फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) होने के कारण क्या है ? (What are the Causes of Food Poisoning in Hindi)

फूडपाइजनिंग होने के बहुत से कारण होते है। जैसे:-

  • बासी खाना खाने से।
  • भोजन बनाते समय अगर दूषित पानी का उपयोग किया तो फूडपाइजनिंग हो सकता है।
  • खाने को ठीक से ढक के नहीं रखने पर उसपर गंदे मक्खी बैठ जाती है और खाने को संक्रमित कर देती है। यह फूडपोइजनिंग का भी एक कारण हो सकता है। (और पढ़े – मलेरिया बुखार क्या है)
  • यदि लंबे समय तक घर में इस्तेमाल की जाने वाली पानी के टैंक की सफाई नहीं हुई हो। तो यह पानी दूषित हो जाता है। इस पानी का उपयोग पीने या खाना बनाने में करने से फूडपाइजिंग की समस्या हो सकती है।
  • फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Food Poisoning in Hindi)
  • 10 से 15 मिनट के अंतराल में उल्टी आना।
  • सिरदर्द होना। (और पढ़े – माइग्रेन क्या है)
  • पेट में अधिक दर्द होना।
  • दस्त या लूजमोशन होना।
  • अधिक थकावट महसूस करना। (और पढ़े – थकावट क्यों होती है और थकावट होने के कारण क्या है)
  • भोजन का पांचन ठीक से नहीं होने के कारण बार बार उल्टी के रूप में बाहर आ जाती है।

फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Food Poisoning in Hindi)

  • फूडपाइजनिंग का इलाज करने से पहले कुछ परिक्षण किये जाते है। जिसमे पिछले विस्तृत जानकारियों के आधार पर जांच की जाती है। यह जांच डीहाइड्रेशन के लक्षणो को समझने के लिए किया जाता है।
  • फूडपाइजनिंग का इलाज करने के लिए मरीज के गंभीर लक्षणो को देखा जाता है। इसके आधार पर दवाइयों को देने के लिए निश्चित किया जाता है।
  • कुछ लोगो में बिना इलाज के ही फूडपाइजनिंग की बीमारी ठीक हो जाती है। लेकिन कुछ लोगो को दवाइयों की सहायता लेनी पड़ती है।
  • फूडपाइजनिंग में मरीज के शरीर में तरल पदार्थ की कमी आ जाती है। जिसे बढ़ाने के लिए डॉक्टर WHO का पाउडर पीने के लिए कहते है। इस पाउडर में सोडियम, पोटैशियम जैसे Minerals होते है। जो शरीर में तरल पदार्थ का प्रतिस्ठापन करते है।
  • कुछ मामलो में मरीज को कुछ एंटीबायोटिक दवाइयों की खुराक देते है। जिससे मरीज जल्दी ठीक हो जाता है।

फूडपाइजनिंग (विषाक्त भोजन) से बचाव कैसे करें ? (How to Prevent Food Poisoning in Hindi)

  • खाना बनाने के पहले या खाना खाने के पहले अपने हाथो को अच्छी तरह धो लेना चाहिए।
  • भोजन को हमेशा ढक कर रखे तथा देर तक खुले हुए भोजन का सेवन करने से बचें।
  • भोजन हमेशा साफ़ बर्तनो में बनाये ताकि किसी प्रकार का संक्रमण,जीवाणु का भोजन में प्रवेश ना हो।
  • शौचालय आने के बाद व पालतू जानवर को स्पर्श करने के बाद अपने हाथो को अच्छी तरह धो लेना चाहिए।
  • यात्रा के दौरान घर का बना हुआ ताजा भोजन ले जाए।
  • पैकेट वाली वस्तुओं को खाने से पहले उसकी एक्सरपायर डेट जरूर देख ले। इसके अलावा खाने में खराब महक आ रही है तो उस भोजन को नहीं करना चाहिए।
  • कच्ची हरी-सब्जियों को पकाने से पहले अच्छी तरह से धो लेना चाहिए ताकि मिट्टी, धुल, बैक्टीरिया बाहर निकल जाये।

अगर फूडपाइजनिंग के बारे में अधिक जानकारी एव इलाज करवाना हो तो तुरंत जनरल फिजिशियन डॉक्टर (General Physician) से संपर्क करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

3 × 2 =