डायरिया रोग क्या है ? जानिए कारण,लक्षण,उपचार व घरेलु उपचार। What is Diarrhea ? Learn Its Causes,Symptoms,Treatments,and Home Remedies

Login to Health जुलाई 11, 2019 Lifestyle Diseases 401 Views

Diarrhea Meaning in Hindi.

गर्मी के मौसम जाने के बाद बारिश का मौसम आता है। यह बारिश अपने साथ बहुत सी बीमारियों को लेकर आता है। इसमें से एक बीमारी डायरिया है। इस बीमारी के कारण भारत के कई राज्यों में छोटे बच्चो की मृत्यु हो चुकी है। बच्चों के साथ-साथ बड़ो को भी डायरिया की शिकायत हो जाती है। डायरिया पाचन तंत्र सम्बंधित एक विकार है। जिसमे मरीज को दस्त शुरू हो जाता है। यह दस्त दो से तीन तक रहता है। कुछ मामलो में मरीज ठीक भी हो जाता है। लेकिन कुछ मामलो में मरीज जल्दी ठीक नहीं हो पाता है। मरीज को डायरिया से निदान पाने के लिए डॉक्टर की सहायता लेनी पड़ती है। चलिए डायरिया रोग के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है।

  • डायरिया रोग क्या है ? (What is Diarrhea Meaning in Hindi)
  •  डायरिया रोग के कारण क्या है ? (What are The Causes of Diarrhea in Hindi)
  • डायरिया रोग के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Diarrhea in Hindi)
  • डायरिया रोग का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Diarrhea in
    Hindi)
  • डायरिया रोग से बचने के लिए घरेलु उपचार क्या है ? (What are The Home Remedies for Diarrhea in Hindi)

डायरिया रोग क्या है ?(What is Diarrhea Meaning in Hindi)

डायरिया जिसे हिंदी में दस्त कहा जाता है। दस्त दो से तीन या सात दिनों तक रहता है। जिसमे मरीज का मल पानी की तरह पतला हो जाता है। मरीज को मल त्यागने के समय पेट में अधिक पीड़ा का अनुभव होता है। यह रोग पानी और नमक की कमी के कारण होता है। डायरिया रोग मुख्य तौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गो में होने की संभावना अधिक रहती है। (और पढ़े – पेचिश क्या है)

 डायरिया रोग के कारण क्या है ? (What are The Causes of Diarrhea in Hindi)

डायरिया रोग होने के निम्लिखित कारण है।

  • डायरिया रोग दूषित पानी पीने के कारण होता है।
  •  पेट में संक्रमण फैलने के कारण होता है।
  •  वायरल इन्फेक्शन होने के कारण होता है।
  •  शरीर में पानी की कमी के कारण होता है।
  • व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर होने के कारण होता है।
  • दवाइयों के रिएक्शन के कारण डायरिया रोग होता है।
  • रोटावायरस,नोरोवायरस,इन्फेक्शन के कारण यह संक्रमण छोटे बच्चों में होने की संभावना रहती है।
  • एडेनो वायरस नामक इन्फेक्शन किसी को भी हो सकता है। यह संक्रमण होने के कारण दस्त शुरू हो जाता है।

डायरिया रोग के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Diarrhea in Hindi)

डायरिया रोग के लक्षण आसानी से पहचान सकते है। यह लक्षण कुछ इस प्रकार है।

  • मल पतला होना।
  •  बुखार आना। (और पढ़े – चमकी बुखार क्या है)
  • बार बार मल आने की आशंका रहना।
  •  पेट के निचले भाग में अधिक पीड़ा होना।
  •  मलती एव उल्टी आना।
  • पेट में ऐठन महसूस करना। (और पढ़े – कब्ज कारण क्या है)
  • खनिज लवणों के अधिक हानि होने से कामा उत्पन्न होता है। इसमें कभी कभी व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है।

डायरिया रोग का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Diarrhea in Hindi)

डायरिया रोग कुछ मामलो में बिना इलाज किये ही ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ मामलो में डायरिया का इलाज डॉक्टर मरीज की स्तिथि जानने के बाद करते है।

  • हाइड्रेड करना :- यदि मरीज में निर्जलीकरण की समस्या होती है तो डॉक्टर मरीज को तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ाने का सुझाव देते है। कुछ गंभीर मामलो में डॉक्टर नसों में सुई की सहयता से तरल पदार्थ शरीर में पंहुचाते है। यह समस्या बड़े और बच्चो दोनों को होता है।

कुछ मामलो में डॉक्टर मरीज को ओ,आर,एस (O,R,S) पानी में मिलाकर पीने की सलाह देते है। जिससे डायरिया की समस्या दूर हो।कुछ मामलो में डॉक्टर मरीज को दवाइयां लेने का सुझाव देते है।

कुछ मामलो में डॉक्टर मरीज को दवाइयां लेने का सुझाव देते है।

  • दस्त की दवाइयां :- दस्त के लक्ष्णों को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर लेपरमीडे,अंतिमतिलिटी जैसी दवाएं देते है।

बच्चो और बड़ो के दस्त को रोकने के लिए डॉक्टर बिस्मुथ सबसलीकीलाते दवा लेने का सुझाव देते है।

ट्रवेलेरस डायरिया को रोकने लिए डॉक्टर बिस्मुथ सबसलीकीलाते दवा लेने का सुझाव देते है।

 डायरिया रोग से बचने के लिए घरेलु उपचार क्या है ? (What are The Home Remedies for Diarrhea in Hindi)

  • अनार के छिलके :- अनार के छिलके को सुखाकर इसे पीस ले। इसमें शहद मिलाकर मरीज को तीन से चार बार दे।
  • नारियल पानी :- डायरिया की समस्या को दूर करने के लिए नारियल पानी बहुत फ़ायदेमंद होता है।
  • दाल का पानी :- डायरिया में छोटे बच्चे को दाल का पानी पिलाना चहिये। जिससे बच्चे में  दस्त की समस्या नहीं होती है।
  • पर्याप्त नींद :- व्यक्ति को ठीक से नींद नहीं लेने से शरीर पर गलत प्रभाव पड़ता है इसलिए बच्चो और बड़ो को पर्याप्त मात्रा में नींद पूरा करना चाहिए।
  • मसालेयुक्त पदार्थ :- आहार में मसलेयुक्त पदार्थ का इस्तेमाल करने से बचे। हरी सब्जी का सेवन अधिक करे।
  • हल्दी :- हल्दी में एंटी बैक्टीरियल तत्व होता है जो बैक्टीरिया से लड़ंने में मदद करता है। इसलिए दूध या छाछ में एक चम्मच हल्दी मिलाकर सेवन करे।
  • सेब का सिरका :- सेब का सिरका डायरिया रोकने में मदद करता है। क्योकि सेब का सिरका में प्राकृतिक एंटी बैक्टीरियल गुण होता है।
  • पुदीना चाय :- पुदीना पेट सम्बंधित सभी विकारो में फायदेमंद होता है जैसे;पेट दर्द, गैस,दस्त आदि समस्या को दूर करता है। दिन में 3 से 4 बार पुदीना चाय का सेवन करे।
  • पोषक तत्व :- दस्त की समस्या को दूर करने के लिए अपने आहारों में पोषक तत्वों को शामिल करे। जैसे: हरी सब्जिया,फल के रस, फल इत्यादि का सेवन करे।

अगर आपको डायरिया रोग से सम्बंधित अन्य जानकारी व इलाज करवाना हो तो जनरल फिजिशियन डॉक्टर (General Physician Doctor) से संपर्क करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four × 4 =