मीजल्स रूबेला टीकाकरण Measles Rubella  In Hindi

Login to Health अप्रेल 4, 2019 Lifestyle Diseases 388 Views

Measles Rubella in Hindi

डब्लूएचओ (WHO) के अनुसार भारत में वर्ष २०१५ में करीब पांच से चार साल तक के बच्चों की मृत्यु खसरे के कारण अधिक हुई थी। भारत में हर साल मीजल्स रूबेला के कारण बहुत से बच्चों की मौत हो जाती है। यह बीमारी खास तौर पर बच्चों में पायी जाती है। मीजल्स रूबेला की बीमारी एक बच्चे से दूसरे बच्चे तक बहुत आसानी से फैलती है। यह रोग सांस की नली, नाक व फेफड़ों को संक्रमणीत करते है। आज भारत में रूबेला से बचने के लिए स्कूलों के माध्यम से बहुत से कार्यक्रम चलाये जा रहे है। जिससे बच्चों के माता-पिता को जानकारी मिल सके। स्वस्थ मंत्रालय के आदेश अनुसार बच्चों को रूबेला टिका लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। चलिए आज हम इनसे सम्बंधित कुछ और जानकारी प्राप्त करेंगे।

मीजल्स रूबेला टीकाकरण क्या है ? (What is Measles Rubella Vaccination in Hindi)

मीजल्स रूबेला को हिंदी में खसरा कहते है। यह मुख्य रूप से बच्चों को अधिक प्रभावित करते है। यह रोग वसंत ऋतु के मौसम में अधिक फैलने का खतरा रहता है क्योंकि वर्षा में भीगने से सर्दी, ख़ासी, छीकने से यह रोग फैलने का डर बना रहता है। यह बीमारी बड़ो को भी हो जाती है। इस बीमारी से बचने के लिए खसरे का टिका बचपन में लगवाना चाहीये। यदि बच्चे को खसरे का टिका बचपन में लगा हो तो उसे खसरे से कोई खतरा नहीं होता है। खसरे के लक्षण को आप आसानी से पहचान सकते है। खसरे में शरीर पर लाल रंग के चक्क्ते पड़ जाते एवं आँखो से पानी आने लगते है।

मीजल्स रूबेला के कारण ? (Causes OF Measles Rubella in Hindi)

  • मीजल्स रूबेला जीसे हम खसरा कहते है। मिजिल्स रूबेला से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह रोग दूसरे व्यक्ति को संक्रमणीत कर सकता है।
  • रोगी के छीकने और खासने से यह वायरस फैलता है।
  • छोटे शिशु को अगर निमोनिया,दस्त,क्रुप हो जाये तो यह भी एक कारण होता है।
  • बड़े व्यक्तियों में भी यह बीमारी गंभीर रूप से होने की संभावना होती है।
  • मीजल्स रूबेला पीड़ित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गयी वस्तुओ को इस्तेमाल ना करे।
  • अगर माता रूबेला से पीड़ित है, तो शिशु को भी होने की संभावना हो सकती है।

मीजल्स रूबेला के लक्षण ? (Symptoms of Measles Rubella in Hindi)

  • शऱीर पर लाल चक्कते पड़ना।
  • खुजली होना।
  • सर्दी-जुखाम,छींकना।
  • भुख नहीं लगना।
  • तेज बुखार होना।
  • सिरदर्द होना।
  • पैरो में दर्द होना।
  • चेहरे पर घावों के निशान हो जाते है और तीन दिन में पुरे शरीर, हाथ-पैरो में फैलने लगते है।

मीजल्स रूबेला के लिए घरेलू उपचार ? (Home Remedies for Measles Rubella in Hindi)

  • नीम की पत्तियों में एंटीसेप्टिक और एंटीवायरल होता है। नीम की पत्तियों को पानी में गर्म करके मरीज को स्नान करवाना चाहिए। जिससे मरीज को खसरे से राहत मिलेगी।  
  • घर में रखी हुई लहसुन भी बहुत उपयोगी होती है। लहसुन को पिसकर शहद में मिलाकर पीने से रूबेला के लक्षण कम होने लगते है।
  • इमली के बीज का पाउडर हल्दी में मिलाकर पीना चाहिए।
  • मुलेठी के जड़ो का पाउडर शहद में मिलकार पिये बहुत आराम मिलेगा।
  • मरीज को ताजे फलो के रस पिलाये जिससे मरीज के शरीर को ताकत मिलेगी व मरीज की भूख की कमी दूर होगी।
  • मरीज को हवादार कमरे में रखना अर्थात प्राकृतीक रोशनी में रखना चाहिए जिससे मरीज की आँखो को आराम मिलेगा।   

मीजल्स रूबेला (जर्मन खसरा) का इलाज (Treatment for Measles Rubella in Hindi)

  • खसरा के लिए कोई विशेष उपचार नहीं हैं। निर्जलीकरण को रोकने के लिए डॉक्टर के अनुसार तरल पदार्थो का सेवन करना चाहिए। अगर खसरे के शुरुवाती लक्षण हो तो 7 से 10 दिनों के अंदर समाप्त हो जाते हैं।
  • यदि 2 साल की उम्र के बच्चों में खसरे के लक्षण है, या विटामिन A (Vitamin A) की कमी है, तो उनके लिये विटामिन A की खुराक फायदेमंद साबित हो सकता है। विटामिन A की खुराक संक्रमण रोकने में मदद करते है, यह दवाइया डॉक्टर से राय लेने के बाद ही ले।
  • बच्चे के शरीर का तापमान अगर अधिक हो,तो उनके शरीर के तापमान को कम करने का प्रयास करना चाहिए,इस बात का ध्यान रखे बच्चे का तापमान कम नही होना चाहिए।
  • आंखो से पानी आने लगे, व आंखे लाल हो जाए तो एक गीले गर्म कपड़ों से आंखो को सावधानीपूर्वक साफ़ करे।
  • यदि बच्चे को अधिक बुखार एव निर्जलीकरण की समस्या हो,तो बच्चे को अधिक तरल पदार्थ पिलाना चाहिए।
  • खसरे से पीड़ित बच्चों के पास धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
  • अगर बच्चे की उम्र 15 वर्ष से कम है,तो खसरे रूबेला का टीका स्कूलों में दिया जा रहा है।  
  • यदि बच्चा खसरे से प्रभावित है,तो बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहिए। प्रयास करे, बच्चा दूसरे के संपर्क में नहीं आये,जिन्हे खसरे का टिका नहीं लगा हो या जिन्हे खसरा ना हुआ हो इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखे।

 

अगर आपके बच्चे में खसरा यानि रूबेला का लक्षण नजर आ रहा है तो बिना किसी देरी के अपने नजदीकी जनरल फिजिशियन डॉक्टर (General Physician Doctor) से संपर्क करे।

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