पेट में अल्सर (छाले) क्या होता है। Peptic Ulcer in Hindi

Login to Health अप्रेल 25, 2019 Lifestyle Diseases 479 Views

Peptic Ulcer Meaning in Hindi

पेप्टिक अल्सर एक तरह का घाव होता है। यह पेट के भीतरी परत को संक्रमित करते है। पेट के अल्सर को गैस्ट्रिक अल्सर के नाम से भी जाना जाता है। पेट में आंत के बाहरी हिस्से में भी ये अल्सर हो सकते है। इस तरह के अल्सर को डुआडनल अल्सर (Duodenal Ulcer) भी कहा जाता है। डुआडनल अल्सर और पेट के अल्सर दोनों को पेप्टिक अल्सर भी कहा जाता है। आज हम Peptic Ulcer के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

  • पेट में अल्सर (छाले) क्या है ? (What is Peptic Ulcer in Hindi)
  • पेट में अल्सर (छाले) के प्रकार ? (Types of Peptic Ulcer in Hindi)
  • पेट में अल्सर (छाले) के कारण क्या है ? (What are the Causes of Peptic Ulcer in Hindi)
  • पेट में अल्सर (छाले) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Peptic Ulcer in Hindi)
  • पेट में अल्सर (छाले) का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Peptic Ulcer in Hindi)
  • पेट में अल्सर (छाले) से बचाव कैसे करे ? (How to Prevent Peptic Ulcer in Hindi)

पेट में अल्सर (छाले) क्या है ? (What is Peptic Ulcer in Hindi)

पेप्टिक अल्सर एक ऐसी स्तिथि होती है। जिसमे पेट के भीतरी हिस्से में छाले पड़ जाते है। बीमारी बढ़ जाने पर ये छाले गहरे घाव में बदल जाते है और मरीजों को अधिक परेशानी होने लगती है। यह गलत खान-पान की वजह से जब पेट में एसिडिटी बनने लगता है। तो यह स्तिथि पैदा हो जाती है। यह बीमारी जीवाणु के संक्रमण के इंफेक्शन से भी हो जाती है।

पेट में अल्सर (छाले) के प्रकार ? (Types of Peptic Ulcer in Hindi)

पेट में अल्सर तीन तरह से होते है।

  • गैस्ट्रिक अल्सर – यह अल्सर पेट में होती है।
  • एसोफेजल अल्सर – भोजन के नली होते है।
  • डुआडनल अल्सर – यह अल्सर शरीर के छोटी आंत में होती है।

 पेट में अल्सर (छाले) के कारण क्या है ? (What are the Causes of Peptic Ulcer in Hindi)

  • तनाव होने से पेट में एसिड बनता और बाद में ये पेप्टिक अल्सर का रूप ले लेता है।

(और पढ़े – एंजायटी क्या है और एंजायटी का इलाज क्या है)

  • बुखार या दर्द के लिए अधिक मात्रा में पेन किलर का सेवन करने से पेट में एसिड बनता है।
  • अधिक मात्रा में मिर्च मसाला युक्त भोजन करने से पेट में एसिड बन जाता है और ये पेट में अल्सर का कारण होता है।
  • धूम्रपान अल्सर होने का कारण नहीं होता बल्कि यह अल्सर की बीमारी को और बढ़ाता है।
  • पेट में बैक्टीरिया या जीवाणु का संक्रमण होने से अल्सर हो सकता है।

 पेट में अल्सर (छाले) के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Peptic Ulcer in Hindi)

पेट में अल्सर यानि छाले के निम्लिखित लक्षण है।

  • पेट के उपरी हिस्से में अत्यधिक दर्द होना।
  • अल्सर के दौरान होने वाले दर्द कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटो तक रहता है।
  • मुख्यतौर पर सुबह और रात के समय अधिक दर्द होना।
  • रक्तश्राव अल्सर का मुख्य लक्षण माना जाता है।

अल्सर के सामान्य लक्षण में :-

  • उल्टी आना।
  • जी मिचलाना।
  • वजन कम होना।

(और पढ़े – मोटापा कम करने का इलाज क्या है)

  • भूख ना लगना।

गंभीर लक्ष्णों में :-

  • मल के साथ काले रंग का खून चिपचिपा दिखने वाला मल आना।
  • उल्टी के साथ काला रंग का द्रव पदार्थ बाहर आना। ऐसे स्तिथि में बिना लापरवाही के अस्पताल में जाये और अपना इलाज करवाए।

पेट में अल्सर (छाले) का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Peptic Ulcer in Hindi)

  • पेट में अल्सर जानने के लिए पहले डॉक्टर कुछ जांच करते है। जिसमे क्ष-रे या एंडोस्कोपी के द्वारा पेप्टिक अल्सर का पता लगाया जाता है।
  • पेट में अल्सर का शारीरिक परीक्षण की जांच करने के लिए डॉक्टर हेलिकोबैक्टर पाइलोरी का पता लगाया जाता है। यदि मरीज हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया से प्रभावित है। डॉक्टर कुछ टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते है।
  • मल परीक्षण।
  • खून की जांच।
  • यूरिया ब्रेथ टेस्ट।
  • पेट के अल्सर के उपचार के लिए डॉक्टर पहले सही खान-पान करने और धूम्रपान को परहेज करने की सलाह देते है।
  • हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया को कम करने के लिए कुछ दवाइयों की खुराक देते है। यदि दवा से ठीक नहीं हो सकता तो कुछ थेरेपी किया जाता है। जिनमे ट्रिपल थेरेपी, डबल थेरेपी शामिल है।

पेट में अल्सर (छाले) से बचाव कैसे करे ? (How to Prevent Peptic Ulcer in Hindi)

  • चाय, कॉफी, कोल्डड्रिंक, जंकफ़ूड कम ले।
  • खाना खाने और सोने के बिच में कम से कम दो घंटे का अंतराल रखे।
  • रेशे वाले भोजन करे। किंतु मिर्च मसालों का उपयोग ना करे।
  • टेलीविज़न देखते हुए खाना ना खाये।
  • जूस, लस्सी जैसे मीठी तरल पदार्थ लोग पीने में जल्दबाजी करते है। जो गलत है। इन तरल पदार्थो को आराम से पीना चाहिए। धीरे-धीरे पीने से मुँह का सलाइवा इसमें मिल जाता है। जिससे यह चीजे जल्दी पच जाती है।
  • धूम्रपान का सेवन करने से बचें।
  • यदि कोई दर्द है तो डॉक्टर की सलाह ले उसके बाद किसी पेन किलर का सेवन करे।
  • नियमित व्यायाम करे
  • हमेशा तनावमुक्त रहने की कोशिश करे।

 

अगर पेट में अल्सर यानि छाले के बारे में जानकारी एव इलाज करवाना हो तो तुरंत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर (Gastroenterologist) से संपर्क करे।

 

 

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