पाइल्स (बवासीर) से छुटकारा पाना Piles in Hindi

Login to Health मार्च 11, 2019 Lifestyle Diseases 414 Views

Piles Meaning in Hindi

रमेश गुप्ता जिनकी उम्र 38 वर्ष की हैं। उनको कुछ दिनों से शौचालय जाने में बहुत समस्या हो रही थी पाखाना की जगह से रक्तश्राव हो रहा था। एक हफ्ते बाद उन्हे वहाँ से कुछ माँस निकला हुआ महसूस हुआ।

जाँच के लिए डॉक्टर के पास गए, तब पता चला यह बवासीर के लक्षण हैं बवासीर के इलाज के लिए रमेश गुप्ता ने पाइल्स डॉक्टरो कि सहायता ली और अपना इलाज करवाया जिससे आज रमेश गुप्ता बवासीर रोग से पूर्णतः मुक्त हो गए हैं।

रमेश गुप्ता की समस्या को पाइल्स डॉक्टरों कि सहायता से ठीक कर दिया गया हैं,किंतु आपकी समस्यायों का क्या ?

बवासीर से सम्बंधित प्रश्न सबके विचार में आता है।

1 ) बवासीर क्या है ? (What is Piles in Hindi)

2 ) बवासीर कैसे होता है ? (What Causes Hemorrhoids)

3 ) बवासीर के लक्षण ? (What are The Symptoms of Piles in Hindi)

4 ) बवासीर रोग के कितने स्तर होते है ? (What are The Stages of Hemorrhoids)

5 ) बवासीर का इलाज कैसे होता है ? (What are The Treatment for Piles in Hindi)

6 ) घरेलू उपाय क्या है बवासीर इलाज के लिए ? (What are The Home Remedies for Piles in Hindi)

7 ) डॉक्टरों की सलाह लेना बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए ? (What Food to Eat and Avoid During Piles in Hindi)

1 ) बवासीर क्या है ? ( What is Piles in Hindi )

आजकल लोग कब्ज जैसी परेशानियों को बहुत आसानीपूर्वक लेते है, किंतु ये कब्ज  धीरे-धीरे बवासीर का रूप लेने लगता है कहते है की बवासीर उम्रदराज लोगो को होता है। परंतु आजकल के खान पान और जंक खाना (बरगर, पिज़्ज़ा, तेलिययुक्त पदार्थ) से युवको और बच्चो में भी पाया जा रहा है, अच्छे से शौच नहीं होना ये भी बवासीर की तरफ इशारा करता है। शौच करते समय ज्यादा दाब लगाने पर भी शौच ना होना और शौच के के साथ रक्तश्राव आना यह भी इस रोग का मुख्य कारण है। इसे  इंग्लिश में piles और hemorrhoids भी केहते है। इस रोग में गुदा द्वार में मस्से निकल आते है, जो शौच करते समय रक्तश्राव के साथ में बहार आते है और बहुत पीड़ा देते है, यह अंदरूनी और बाहरी दो प्रकार की होती है।

2 ) बवासीर कैसे होता है ? (What Causes Hemorrhoids )

अगर आपके परिवार और आपके दोस्तों को कब्ज या शौच की समस्या होतो बिना देर किये डॉक्टर से संपर्क करे, क्योकि ऐसा माना जाता है की एक परिवार में किसी को बवासीर जैसे रोग की समस्या हो तो दूसरी पीढ़ी को भी ये समस्या हो सकती है। अपने स्वास्थ की देख भाल ना करना, व्यायाम नियमित रूप से ना करना, जयादा मसालेयुक्त भोजन करना, एव तैलीय पदार्थोका सेवन भी बवासीर रोग के तरफ ले जाता है। जंक फ़ूड के खान पान से भी पेट में कब्ज की समस्या होगी, जिससे शौच ठीक से नहीं होगी और बवासीर के लक्षण दिखाई देंग।

3 ) बवासीर के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Piles in Hindi )

बवासीर के निम्लिखित लक्षण है।

  •  शौच करते समय मलाशय या गुदा को चोट पहुंच सकती है।
  •  गुदा के आस पास में खुजली आना।
  • गुदा के सभी ओर दर्द महसूस करना और चिड़चिड़ाहट होना।
  •  अंदुरुनी दर्द होना।
  • एक आंत्र आंदोलन के बाद रक्त रिसाव होना।
  • गुदा के पास एक दर्दनाक सूजन या गांठ या मस्से का होना।

4 ) बवासीर रोग के कितने स्तर होते है ? (What are The Stages of Hemorrhoids)

बवासीर रोग के मुख्य रूप से दो स्तर होते है।

1 ) अंदरूनी बवासीर –  

इसमें मलद्वार के अंदर मस्सा हो जाता है और साथ में कब्ज भी हो तो मलत्याग के समय जोर लगाने पर यह मस्सा छील जाता है। और मलद्वार से रक्त रिसाव आने लगते है और बहुत दर्द पीड़ा होती है। इसमें सूजन को हम स्पर्श नहीं कर सकते है , किंतु महसूस कर सकते है।

२) बाहरी बवासीर –

इसमें बाहर के तरफ मस्सा होता है और उसमे दर्द नहीं होता है लेकिन शौच के समय मस्से पर रगड के वजह से बहुत अधिक खुजली होने लगती है और बहुत पीड़ा होती है। सूजन को बाहर से मह्सूस कर सकते है।

5 ) बवासीर का इलाज कैसे होता है ? (What are The Treatment for Piles in Hindi)

कभी-कभी इसका इलाज जीवन शैली में कुछ साधारण आदतो को बदलने से किया जा सकता है। जैसे फाइबरयुक्त आहार और क्रीम (मलहम) लगाना।

दूसरे कुछ गंभीर मामलो में ऑपरेशन भी करना पड़ता है, बवासीर से कोशिकाओं में आमतौर पर जटिलताए आ जाती है।

अगर हम बवासीर को बिना इलाज किये छोड़ दे तो यह लम्बो समय के बाद सूजन पैदा करता है और अलसर होने की संभावना बढ़ने लगती है।

डॉक्टर से जांच करवाना चाहिए, आयुर्वेदिक और इंग्लिश दवाइयाँ उपलब्ध है, डॉक्टरों की सलाह से दवाइयों का सेवन कर सकते है।

6 ) घरेलु उपाय क्या है बवासीर के इलाज के लिए ? (What are The Home Remedies for Piles in Hindi)

  • छाछ बवासीर के लिए सबसे अच्छा होता है, एक चुटकी नमक और एक चौथाई चम्मच अजवाईन को छाछ में मिलाकर रोजाना पिये
  • मूली के रस का सेवन बवासीर के असर को कम करता है।
  • काला जीरा बहुत ही फायदेमंद होता है, इसे बहुत लोग इस्तेमाल करते है, जीरा पाउडर और पानी को मिलकर गाढ़ा पेस्ट बनाकर 15 मिनट बाद सूजन के जगह पर लगाए, बवासीर के लक्षण को कम करता है
  • पपीता विटामिन और खनिजों का एक मुख्य स्त्रोत है इसमें एक शक्ति शाली  पाचन एंजाइम पपेन होता है, जो कब्ज और रक्तस्राव बवासीर का इलाज करने के लिए शक्तिशाली फल माना जाता है। नाश्ते में सेवन करे या शौच जाने के कुछ समय पहले सेवन करे, सलाद के रूप में कच्चे पपीता का सेवन करे।     

7)  डॉक्टरों की सलाह लेना बवासीर में क्या खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए ? (What Food to Eat and Avoid During Piles in Hindi)

क्या खाना चाहिए डॉक्टर के अनुसार:-

बवासीर से बचने के लिए ओट्स ,मक्का ,गेहूं ,अंजीर ,पपीते ,केले, ब्लैकबेरी ,जामुन ,सेब ,और विशेष रूप से हरी सब्जीयो का सेवन ज्यादा करना चाहिए। सूखे मेवे जैसे बादाम और अखरोट आदि जिससे लोहे (IRON) मिलता है , प्याज़ ,अदरक लहसुन ,फायदेमंद है। शौच को मुलायम रखने के लिए द्रव पदार्थो का अधिक सेवन करे।

-क्या नहीं खाना चाहीए डॉक्टर के अनुसार:-

सफ़ेद आटा या मैदा बवासीर की समस्या को बढ़ावा देता है जंकफूड, धूम्रपान, शराब, सेवन ना करे, दूध के उत्पाद कब्ज के समस्या को बढ़ा सकते है। जिससे बवासीर के स्थिति ख़राब हो जाती है। डेरी उत्पादन से बचे तेल, मसालेदार और बाजार में बिकने वाले तैयार खाद्य पदार्थ बवासीर के लिए हानीकारक होते है, सेवन ना करे।

घरेलु उपाय से भी आपकी पाइल्स की समस्या दूर नहीं हो रही है और आप पाइल्स से बहुत परेशान हो चुके है तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करे। आज ही (Gastroenterologist) डॉक्टर से संपर्क करे।

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