असुरक्षित संभोग से होने वाली बीमारियां। Diseases Caused by Having Unsafe Sex in Hindi

Login to Health मार्च 17, 2020 Lifestyle Diseases, Mens Health, Womens Health 34 Views

Unsafe Sex Meaning in Hindi

असुरक्षित यौन संबंध बनाने से कई तरह की खतरनाक बीमारी हो सकती है। इसलिए, सभी लोगो को यौन बीमारियों के बारे में जानकारी होना चाहिए ताकि असुरक्षित संभोग करने से बच सके। असुरक्षित यौन संबंध बनाने से जननांगो पर संक्रमण होने का जोखिम अधिक रहता है,जिसके कारण बीमारिया होती है। जननांग संक्रमण महिला और पुरुष दोनों को हो सकता है। इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध बनाने से महिला को गर्भधारण भी करना पड़ सकता है। महिलाओं को यौन संबंधित समस्या होने का जोखिम अधिक रहता है। बहुत से लोगो के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से गंभीर बीमारी हो सकती है। इस वजह से पुरुषो की यौन इच्छा पर गलत प्रभाव एव महिला को बांझपन की समस्या और मासिकधर्म के दौरान अधिक रक्तश्राव व पीड़ा हो सकता है। संभोग के दौरान यदि प्रोटेक्शन का उपयोग करे तो यौन संबंधित बीमारियों से बचाव कर सकते है। हालांकि बहुत से लोगो को असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियों के बारे में अधिक नहीं जानते होंगे। चलिए इस लेख के माध्यम से आपको असुरक्षित यौन संबंध (Unsafe Sex) से होने वाली बीमारियों में विस्तार से बताएंगे।

  • असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियां क्या हैं ? Unsafe sex se hone wali bimariya kya hai in Hindi)
  • यौन रोगो के लक्षण क्या हैं ? (What are the Symptoms of sexual diseases in Hindi)
  • असुरक्षित यौन संबंध से होने वाले रोग क्या हैं ? Unprotected sex se hone wale rog in Hindi)
  • असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियों से बचाव कैसे करें ? Unprotected sex se hone wale Bimariyo se Bachaw in Hindi)

असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियां क्या हैं ? Unsafe sex se hone wali bimariya kya hai in Hindi)

  • असुरक्षित यौन संबंध होने से मुख्य रूप से एसटीडी की समस्या होती है। एसटीडी आम तौर पर तब होता है जब व्यक्ति संभोग के दौरान कंडोम, डेंटल डेम और सैनिटाइज़िंग सेक्स टॉयज आदि का उपयोग नहीं करता है।
  • जननांग क्षेत्र में आमतौर पर संक्रमण का जोखिम अधिक होता है जब कोई असुरक्षित संभोग करता है। ऐसे में यीस्ट संक्रमण व बैक्टीरियल संक्रमण को बढ़ावा मिलता है। कुछ लोगो के असुरक्षित यौन संबंध एक से अधिक बनाने पर एचआईवी जैसे संक्रमण का जोखिम हो जाता है। इसका मुख्य कारण कंडोम बिना संभोग करना। (और पढ़े – कामशक्ति बढ़ाने के घरेलू उपचार)

यौन रोगो के लक्षण क्या हैं ? (What are the Symptoms of sexual diseases in Hindi)

यौन रोगो के निम्नलिखित लक्षण नजर आते है जो आमतौर सामान्य होते है किंतु उचित देखभाल न करने से गंभीर हो सकता है।

असुरक्षित यौन संबंध से होने वाले रोग क्या हैं ? Unprotected sex se hone wale rog in Hindi)

असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर होने वाली बीमारिया सामान्य लगती है, किंतु सही समय पर उपचार न करने से समस्या जटिल बन सकती है। आइए असुरक्षित यौन रोग के बारे जानते है।

  • जननांग दाद होना – असुरक्षित संभोग करने से व्यक्ति को जननांगों पर हर्पिस यानि दाद की समस्या हो जाती है। यह वायरस जननांगो में संक्रमण व फाकोले उत्पन करता है। इसके अलावा बुखार भी आ जाता है। जननांगो में अधिक दर्द तब होने लगता है जब पेशाब करने व्यक्ति जाता है।
  • क्लैमिडिया – असुरक्षित यौन संबंध बनाने से मुख्य रूप से क्लैमिडिया बीमारी है। यह भी बैक्टीरियल संक्रमण है जो गोनोरिया के लक्षण के समान होते है। इस संक्रमण से पेशाब में जलन की समस्या होने लगती है। महिला में क्लैमिडिया से गर्भाशय में सूजन की समस्या हो जाती है।
  • गोनोरिया – गोनोरिया बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है। यह संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध बनाने के दौरान होता है। यह बीमारी पुरुषो के लिंग में होती है जो महिला के गर्भाशय ग्रीवा में जाकर प्रभावित करती है। इससे संक्रमण फ़ैल जाता है।
  • सिफलिस होना – सिफरिश बीमारी बैक्टीरिया के कारण होती है जो सेक्स के दौरान शरीर में प्रवेश कर लेता है। यह संक्रमण आपके जननांग, मुँह, हाथ पर घाव बना देता है। हालांकि यह बिना इलाज के ठीक हो जाता है किन्तु दर्द व पीड़ा दायक होता है। इसके वजह से महिलाओं में बुखार की समस्या हो जाती है। जटिल समस्या में गर्भवती महिला के शिशु की जान भी जा सकती है।
  • एचआईवी व एड्स – एचआईवी व एड्स की बीमारी वायरस के कारण होती है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एचआईवी वायरस मनुष्य की कमजोर प्रतिशा प्रणाली को बहुत प्रभावित करता है। शरीर इतना कमजोर हो जाता है संक्रमण व कैंसर से लड़ने में असमर्थ हो जाता हैं। एचआईवी वायरस केवल असुरक्षित यौन संबंध से नहीं होता है बल्कि संक्रमित सुई या ब्लड के कट से संक्रमण हो सकता है।
  • एचपीवी – ह्यूमन पेपिलोमा वायरस जिसे (एचपीवी) कहते है। एचपीवी समूह में होता है जो त्वचा व श्लेष्म झिल्ली को प्रभावित करता है। जिसमे गर्भाशय ग्रीवा, गला, गुदा व मुंह शामिल है। यह आम जैसा है किंतु अधिक गंभीर समस्या का कारण बन जाता हैं। एचपीवी जननांगों को अधिक प्रभावित करता है। एचपीवी अक्सर उन लोगो में होता है जो अधिक हस्तमैथुन, ओरल सेक्स, गुदा मैथुन करते है। इसलिए एचपीवी से बचाव के लिए टिके लगवाना चाहिए। इसके अलावा गुदा या हस्तमैथुन के लिए कंडोम का उपयोग करें।

असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियों से बचाव कैसे करें ? Unprotected sex se hone wale Bimariyo se Bachaw in Hindi)

असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियों से कुछ निम्न उपाय कर बचाव कर सकते है। चलिए विस्तार से बताते हैं।

  • जैसे की असुरक्षित यौन संबंध से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए कंडोम का उपयोग करना बहुत सही होता हैं।
  • कंडोम असुरक्षित संभोग से होने वाली बीमारी व एसिडिटी को रोकने में मदद करता है।
  • असुरक्षित यौन संबंध से होने वाले बीमारियों से बचाने के लिए गर्भनिरोधक गोलिया काम नहीं करती है। इसके अलावा यौन संक्रमण से भी कोई बचाव नहीं करती है।
  • यदि आप लेटेक्स कंडोम का उपयोग करते है तो साथ में तेल या पेट्रोलियम जेली का उपयोग बिलकुल भी न करे।
  • अगर आप मौखिक सेक्स या गुदा सेक्स के लिए हर बार नए लेटेक्स कंडोम का उपयोग करें। आप चाहे तो घर बैठे ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं। (और पढ़े – कंडोम के फायदे क्या हैं)

अगर आपको यौन संबंध से जुडी किसी भी तरह की समस्या हो रही है तो सेक्सोलोजी (Sexology) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है। 

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