जानिए ब्रेस्ट (स्तनों) में दर्द के घरेलु उपचार। Home Remedies For Breast Pain in Hindi

Login to Health दिसम्बर 3, 2019 Womens Health 1721 Views

Breast Pain Meaning in Hindi

महिलाओं में ब्रैस्ट दर्द होना एक समस्या है।क्योंकि मासिक धर्म के दौरान स्तनों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है। ब्रैस्ट दर्द को दूसरे शब्दो में मास्टालजिया भी कहा  जाता है।कुछ ब्रैस्ट दर्द की समस्या ऐसी होती है जो 40 से 50 % महिलाओं को प्रभावित करती है।ब्रैस्ट दर्द होने पर कुछ लक्षण जैसे: स्तनों में सूजन, स्तनों में भारीपन, स्तनों में कोमलता आदि नजर आते है। कुछ महिलाओं में रह-रह कर दर्द व लगातार दर्द होता है।मासिकधर्म के दौरान स्तन में दर्द होने क्रिया को दो भागो में विभाजित किया गया है जिसमे चक्रीय और गैर चक्रीय शामिल है।चक्रिय में स्तनों में दर्द मासिकधर्म के दौरान और बढ़ जाता है और गैर चक्रीय में मासिकधर्म के दौरा दर्द अपवर्तित हो जाता है हालांकि चक्रिय स्तन दर्द मासिकधर्म के दौरान हार्मोन बदलाव का कारण होता है इसके अलावा गैर चक्रीय स्तन दर्द उन समस्याओं से जुड़ा रहता है जो स्तनों संरचना को प्रभावित करती है। ब्रैस्ट दर्द के कुछ अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते है जैसे: गलत ब्रा पहनना, मासिकधर्म आगे या पीछे आना, स्तनपान कराना, बड़ा स्तन आदि कुछ बेहतरीन घरेलु उपचार उपलब्ध है जो स्तनों के दर्द से आराम दिलाते है अगर घरेलू उपचार से कोई आराम नहीं मिल रहा है तो आपको किसी अच्छे स्त्री विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। चलिए इस लेख में (Breast Pain) ब्रैस्ट दर्द दूर करने के कुछ घरेलु उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया है।

ब्रेस्ट (स्तनों) में दर्द के घरेलु उपचार क्या है ? (Home Remedies For Breast Pain in Hindi)

जैसा की आप जानती है महिलाओं में स्तन दर्द की समस्या आम होती है।लेकिन महिलाओं में स्तन दर्द की समस्या अधिक रहती है जिसे दूर करने के लिए उपचार की जरूर होती है।आगे आपको स्तन दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलु उपचार बताया गया है जो की बहुत कारगर साबित होते है।

  • प्रिमोसतेल करे स्तनों के दर्द से आराम – स्तन दर्द के लिए सबसे अच्छा घरेलु उपचार प्रिमोस तेल को माना जाता है।इस तेल में गमोलेनिक एसिड होता है जो एक तरह का फटी एसिड उत्पन्न करता है जिससे शरीर की हार्मोनल प्रकिया सही रहता है। यह स्तनों में हो रहे को रोकता है इसका तेल को कुछ मिनट तक हल्के हाथ से धीरे-धीरे मालिश करे। इसके अलावा प्रिमोस तेल का दो या तीन महीने तक उपयोग कर सकते है।लेकिन अपने चिकिस्तक की सलाह लेने के बाद आंरभ करें।
  • चेस्टबेरीकरे ब्रेस्ट दर्द को दूर – चेस्ट बेरी चक्रीय स्तन दर्द मासिकधर्म के दौरान होने वाले लक्षणो को कम करता है पिट्यूटरी ग्लैंड से प्रोलैक्टिन हार्मोन का स्रावण होता है। जो मासिक धर्म के लक्षणो को कम करते है। जो स्तनों में दर्द को कम करने लगता है। चेस्टबेरी प्रोलेक्टिन हार्मोन के प्रभाव को कम करता है चेस्ट बेरी के रस निकालकर उसे पुरे दिन में कम से कम दो बार सेवन करे इसके अलावा आप किसी तरलपदार्थ में कुछ बुँदे मिलाकर सुबह एक बार पिये।तीन महीना उपयोग करने से पहले चिकिस्तक से बात कर ले।
  • मैग्नीशियमब्रैस्ट दर्द दूर करने में – मैग्नीशियम एक बहुत अच्छा पोषक तत्व है जो मासिकधर्म के दर्द को कम करने में लाभदायक होता है। मैग्नीशियम स्तन दर्द को कम करने में उपयोगी होता है मैग्नीशियम द्रव प्रतिधारण को कम करने में मदद करता है। यह स्तनों के सूजन को भी कम करता है मैग्नीशियम की पूर्ति करने के लिए सूखे मेवे, पत्तेदार साग, केले, सोयाबीन का सेवन करे मैग्नीशियम स्तन दर्द के अलावा मासिक दरम के दर्द को रोकता है। डार्क चॉकलेट भी खा सकते है मैग्नीशियम की पूर्ति आहार में जरूर शामिल करें। (और पढ़े – मासिक धर्म में होने वाली समस्याएं)
  • सेबका सिरका -सेब का सिरका स्वास्थ्य के लिए तो लाभदायक होता ही है बल्कि महिलाओं के मसिकधारर्म के दौरान स्तनों में असहाय दर्द व पीड़ा को कम करता है।इसमें एंटीऑक्सीडेंट व एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होता है जो दर्द व पीड़ा से राहत दिलाता है इसका उपयोग एक ग्लास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीना चाहिए इसके अलावा शहद में बराबर सेब का सिरका मिश्रण कर उपयोग में ला सकते है इस मिश्रण को पुरे दिन में दो बार पिए।  (और पढ़े – सेब का सिरका के फायदे)
  • विटामिन का उपयोग – विटामिन इ हमारे त्वचा और बालो के लिए फायदेमंद होता है लेकिन स्तन के दर्द को दूर करने वाले गुण विटामिन इ में होता है यह हार्मोनल परिवर्तन को वियनियमित करता है।जो ब्रैस्ट दर्द व मासिकधर्म के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है इसके अलावा अन्य लक्षण को कम करता है। कुछ शोध के अनुसार 200 से 400 विटामिन का सेवन करने से पहले चिकिस्तक से बात करे वीटामिन ई प्राप्त करने के लिए सूरजमुखी के बीज, बादाम, पालक, शलजम, सरसो का साग, जैतून का तेल, आदि। विटामिन ई तेल से अपने स्तनों को मसाज कर सकते है।
  • ब्रेस्टदर्द को कम करने के लिए सौफ का उपयोग – सौफ में बहुत से औषधीय गुण होता है।जो बहुत सी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।इसके अलावा सौफ ब्रैस्ट दर्द को कम करने में मदद करता है सौफ शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने में सहायता करता है इसका उपयोग गर्म पानी में उबाल कर कर सकते है। सौफ वाले पानी को दिन में कई बार पिये पीएमएस के दर्द के दौरान ब्रैस्ट दर्द में सौफ को भूनकर खा सकते है।
  • अरंडीका तेल का उपयोग करना – अरंडी का तेल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।उसी तरह मासिकधर्म के दौरान हो रहे स्तन दर्द को कम करने के लिए अरंडी का तेल उपयोग करना चाहिए।इस तेल में उपस्थित पोषक तत्व कोशिकाओं तक पहुंचे सके और अन्य कारक पदार्थ को बाहर निकालते है। इसका उपयोग एक चम्मच तेल और जैतून के तेल मिलाकर अपने ब्रेस्ट पर मसाज करें।

अगर आपको ब्रैस्ट यानि स्तन से जुडी किसी प्रकार की समस्या हो रही है, तो आपको किसी अच्छे Gynecologist से संपर्क करें। 

हमारा उद्देश्य आपको केवल जानकारी देना है, ना की किसी प्रकार की दवा, घरेलु उपचार, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है।क्योंकि उनसे अच्छा कोई नहीं होता है।

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