जानिए ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर क्या होता है। What is Breast Cancer in Hindi

Login to Health जुलाई 19, 2019 Cancer Hub, Womens Health 391 Views

Breast Cancer Meaning in Hindi.

भारत में महिलाओं के ब्रेस्ट यानि स्तन कैंसर के मामले प्रतिवर्ष सामने आते है। भारत में ब्रेस्ट कैंसर की औसत दर 16% से 29.9 % है। पुरे विश्वभर में कैंसर के कारण होने वाली मृत्युओं में 18.1% स्तन कैंसर से होती है। कैंसर स्तन कोशिकाओं को विकसित करता है। यह लोब्यूस या डक्ट्स में बनता है। ये वो ग्रंथि होती है। जिसमे दूध बनता है। यह दूध को इन ग्रंथियों के सहारे नेपुल तक पहुंचाने का कार्य करती है। ब्रेस्ट कैंसर रेशेदार स्तन ऊतकों में भी बनता है। इन ऊतकों को स्ट्रॉमाल ऊतक भी कहा जाता है। कैंसर प्रभावित कोशिकाएं स्वस्थ स्तन ऊतकों पर हमला करती है। जिसके कारण बांह के लिम्फ नोड्स तक पहुंचने का प्रयास करते है। आइए ब्रेस्ट कैंसर से जुडी और जानकारी प्राप्त करते है।

  • ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर क्या है ? (What are Breast Cancer in Hindi)
  •  ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर कितने प्रकार से होते है ? (What are The Types of Breast Cancer in Hindi)
  • ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर के कारण क्या है ? (what are The Causes of Breast Cancer in Hindi)
  •  ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Breast Cancer in Hindi)
  • ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Breast Cancer in Hindi)
  • ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर से बचाव कैसे करें ? (How To Protect your Self from Breast Cancer in Hindi)

ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर क्या है ? (What are Breast Cancer in Hindi)

ब्रेस्ट या स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली बीमारियों में से एक है । यदि कोशिकाओं के विकास को नियंत्रित करने वाली जीन्स में म्यूटेशन आ जाता है। तो यह कैंसर का रूप ले लेता है। म्यूटेशन के कारण कोशिकाएं अनियंत्रित हो जाती है। जिससे कोशिकाएं गुणा करने लगती है। यह कोशिकाएं स्वस्थ ऊतक को प्रभावित कर विकास मार्ग में बाधा डालती है। ऐसे अधिकतर स्तिथियो में महिलाओं को ट्यूमर बन जाता है।

ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर कितने प्रकार से होते है ? (What are The Types of Breast Cancer in Hindi)

ब्रेस्ट कैंसर कई प्रकार के होते है।

  • इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा :- ब्रेस्ट कैंसर का यह रूप स्तन के मिल्क यानि दूध के डक्ट्स में विकसित होता है। महिलाओं को होने वाले कैंसर में 70 फीसदी मामले इन्वेसिव डक्टल कार्सिनोमा का होता है। इस तरह का कैंसर डक्ट्स से होते हुए स्तन की चर्बी वाले भाग में फ़ैल जाते है।
  •  इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा :- इस तरह का ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में बहुत कम देखने को मिलता है। इसके 1 प्रतिशत ही मामले आते है। इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा का इलाज बहुत मुश्किल होता है। यह ब्रेस्ट कैंसर स्तन से होकर पुरे शरीर में फ़ैल जाता है। जिसके कारण महिला की मृत्यु hh;होने की संभावना बनी रहती है।
  • पेजेट्स डिज़ीज़ :- इस तरह के ब्रेस्ट कैंसर के मामले महिलाओं में 1 फीसदी देखने को मिलता है। इसमें नेपल के आसपास रक्त जमा हो जाता है। जिससे नेपल के चारो तरफ का भाग काला हो जाता है। पेजेट्स डिज़ीज़ और इन्फ्लेमेटरी कार्सिनोमा दोनों सामान्य ही होते है। दोनों के मामले एक फीसदी ही महिलाओं में देखने को मिलते है। ब्रेस्ट कैंसर उन महिलाओं को होती है। जिन्हे ब्रेस्ट सम्बंधित समस्या होती है। जैसे: स्तनों में दर्द,इचिंग,इन्फेक्शन इत्यादि है।

ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर के कारण क्या है ? (what are The Causes of Breast Cancer in Hindi)

ब्रेस्ट कैंसर किसी भी कारण हो सकता है।

  • महिलाओं के लापरवाही के कारण ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है।
  • अनुवांशिक होने के कारण ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बनी रहती है।
  • ब्रेस्ट में छोटे छोटे गांठ बनने के कारण कैंसर की समस्या हो सकती है।
  • लड़कियों को समय से पहले मासिक धर्म आने के कारण कैंसर होने का खतरा रहता है।
  • बढ़ती उम्र या वृद्ध अवस्था होने के कारण महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है।
  • महिलाओं के अधिक गर्भ निरोधक दवाओं का उपयोग करने के कारण कैंसर की समस्या हो जाती है।
  • महिलाओं के अधिक धूम्रपान यानि शराब का सेवन करने से स्तनों में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • यदि पाच साल से अधिक समय तक मेनोपॉज में एन्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्थान लेने ले लिए हार्मोन्स की दवाएं लेने से भी स्तन कैंसर हो सकता है।

 ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Breast Cancer in Hindi)

  • स्तन के कुछ हिस्से में सूजन होना।
  • निप्पल्स से रक्त स्राव होना।
  • स्तन त्वचा में परिवर्तन होना।
  • बांह में गांठ बनना।
  • स्तन के आकार में अचानक परिवर्तन होना।
  • निप्पल या स्तन की त्वचा छील जाना।
  • निप्पल से स्तन के दूध के अलावा किसी और चीज का द्रव निकलना।
  • पुरे स्तनों का रंग लाल हो जाना।

ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Breast Cancer in Hindi)

  • ब्रेस्ट यानि स्तन कैंसर का इलाज मरीज के होने वाले स्तर के आधार पर निर्धारित किया जाता है। क्या हुआ है और ट्यूमर कितना बड़ा है। इन सबके बारे में डॉक्टर मरीज को सलाह दे कर इलाज करते है।
  • ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर कैंसर की सर्जरी करते है।
  • ब्रेस्ट कैंसर को ठीक करने के लिए डॉक्टर कीमोथेरेपी एव हार्मोन थेरेपी और विकिरण चिकित्सा या रेडिएशन थेरेपी इत्यादि का प्रयोग किया जाता है। (कैंसर की समस्याओ को दूर करने के लिए ब्लूबेरी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। अधिक जानकारी के लिए और पढ़े – Benefits of Blueberry in Hindi)

 ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर से बचाव कैसे करें ? (How To Protect your Self from Breast Cancer in Hindi)

  • ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए महिलाओं को धम्रपान यानि शराब और सिगरेट का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • महिलाओं को रोजाना शारीरिक व्यायाम करना चाहिए।
  • जो महिलाये स्तनपान करवाती है उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की समस्या नहीं होती है।
  • अधिक मात्रा में जंकफ़ूड खाने से ब्रेस्ट कैंसर की समस्या उत्पन्न होती है। महिलाओं को जंकफूड से परहेज करना चाहिए।
  • शरीर में मोटापा होने के कारण ब्रेस्ट कैंसर की समस्या होती है। इसलिए महिलाओं को अपना वजन कम या संतुलित रखना चाहिए। (और पढ़े – रक्त कैंसर का कारण क्या है)

अगर आपको ब्रेस्ट (स्तन) कैंसर के बारे में जानकारी एव इलाज करवाना हो तो तुरंत ऑन्कोलॉजी डॉक्टर (Oncologists Doctor) से संपर्क करें।

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