मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) क्या है। Menopause Meaning in Hindi

Login to Health दिसम्बर 12, 2019 Womens Health 4523 Views

मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) क्या है। Menopause Meaning in Hindi

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) महिलाओं के लिए एक ऐसी स्तिथि होती है जिसमे महिलाओं के मासिकधर्म आना बंद हो जाते है। ऐसा इसलिए महिलाओं की उम्र बढ़ने पर उनमे हार्मोन्स की कमी होने लगती है। क्योंकि उनके ओवरी में अंडे नहीं निकल पाते और महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है। मीनोपॉज़ अक्सर 45 से 50 उम्र की महिलाओं में अधिक होता है। अगर इस उम्र के पड़ाव में एक वर्ष तक मासिक धर्म न आये तो समझ लीजिये की आप मीनोपॉज में पहुंच गयी है।

मीनोपॉज के कुछ लक्षण जैसे: योनि में सूखापन आना, हॉर्ट फ़्लैश, नींद में कमी आना, सिरदर्द होना, कामेच्छा की कमी आदि हो सकता है। इसके अलावा कुछ महिलाओं में हड्डियों से संबंधित समस्या गंभीर हो सकती है। आपको अपना खास देखभाल रखने की जरूरत होती है। महिलाओं को मीनोपॉज की स्थिति में धैर्य से काम लेना चाहिए और अपने चिकिस्तक से बात चित कर सलाह ले सकती है। हालांकि मीनोपॉज के उपचार हार्मोन्स रिप्लेसमेंट थेरेपी किया जाता है। लेकिन यह कुछ मामलो में नकारात्मक प्रभाव डालती है जिसमे कैंसर का जोखिम भी रहता है। चलिए मीनोपॉज के बारे में विस्तार से जानकारी बताया गया है।

  • मीनोपॉज की सही उम्र क्या है ? (Menopause age in Hindi)

  • मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के कारण क्या है ? (Causes of Menopause in Hindi)

  • मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के लक्षण क्या है ? (Symptoms of Menopause in Hindi)

  • मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) का उपचार क्या है ? (Treatments for Menopause in Hindi)

  • मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के अन्य प्रभाव ? (Other Effects of Menopause in Hindi)

मीनोपॉज की सही उम्र क्या है ? (Menopause age in Hindi)

  • मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) का सही समय महिलाओं के स्वास्थ्य और हार्मोन्स पर निर्भर होता है। हर महिला की मेनोपॉज की स्थिति अलग-अलग होती है। किसी महिला का 45 की उम्र में हो जाता है और किसी को 50 या 55 की उम्र में हो जाता है। विश्व में महिलाओं के मेनोपॉज़ की औसत 50 पाई गयी है। अगर भारत की बात करे तो 45 से 50 उम्र की महिला मेनोपॉज़ में चली जाती है। समय के पहले मेनोपॉज़ में जाना महिला के लिए तनाव की समस्या उत्पन्न कर सकता है।
  • सही समय की जगह अगर गलत समय मेनोपॉज़ हो जाये तो उनमे प्रजनन क्षमता की कमी हो जाती है। इसके अलावा हड्डियों से जुडी आस्टियोपोरोसिस होने की संभावना लगी रहती है। महिलाओं को अपने आप को मजबूत बनाना चाहिए ताकि किसी स्थिति का सामना करने में परेशानी न हो। अगर आपकी उम्र 40 के ऊपर है और आपका मासिकधर्म ठीक से नहीं हो रहा है तो यह संकेत मेनोपॉज़ का हो सकता है।
  • अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलिया का सेवन लेने व पेट के निचले हिस्से में फैट ज्यादा होने मेनोपॉज़ की उम्र बढ़ जाती है। अगर जिन महिला ने बच्चा पैदा नहीं किया है वह भी मेनोपॉज़ में जा सकती है इसलिए आपको आहार में कैल्शियम व विटामिन डी को शामिल करे। अपने जीवनशैली में बदलाव जरूर करे। किसी तरह की समस्या के बारे में बिना संकोच के चिकिस्तक से बात करें।

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के कारण क्या है ? (Causes of Menopause in Hindi)

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) होने का मुख्य कारण हार्मोन्स की गतिविधि का कम होना होता है। क्योंकि महिलाओं की जैसे -जैसे उम्र बढ़ती है वैसे -वैसे उनके हार्मोन्स कम होते जाते है। उनके मासिकधर्म पहले अनियमित होकर फिर बंद हो जाते है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अंडाशय से अंडे रिलीज नहीं हो पाते है। चिकिस्तक के अनुसार महिलाओं में 40 की उम्र के बाद फॉलिकल्स का विकसित होना कम हो जाता है। यह धीमे-धीमे होते पूरी तरह बंद हो जाता है। यह मासिकधर्म बंद होने का कारण बनता है और महिला मीनोपॉज की स्थिति में आ जाती है। (और पढ़े – अनियमित मासिकधर्म क्या है)

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के लक्षण क्या है ? (Symptoms of Menopause in Hindi)

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) की स्थिति होने पर महिलाओं में भिन्न-भिन्न लक्षण नजर आ सकते है।

  • योनि में सूखापन महसूस करना।
  • बार बार पेशाब लगना।
  • नींद में कमी आना।
  • कामेच्छा की कमी होना।
  • तनाव बढ़ना या चिड़चिड़ापन होना।
  • बालो का कम होना। (और पढ़े – हेयर फॉल का उपचार)
  • त्वचा में परिवर्तन।
  • अवसाद होना।
  • हॉट फ्लैश महसूस होना।
  • कुछ गंभीर लक्षणो में –
  • हृदय रोग का जोखिम।
  • बीपी की समस्या।
  • हड्डियों की कमजोरी व ऑस्टिओपॉर्सेस। (और पढ़े – विटामिन डी की कमी)

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) का उपचार क्या है ? (Treatments for Menopause in Hindi)

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) अगर सही उम्र में हुई है तो उनको उपचार की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है। कुछ महिलाओं में गंभीर लक्षणो कम करने के लिए दवाएं लेती है। मेनोपॉज के उपचार निम्नलिखित है।

  • मेनोपॉज की स्थिति में योनि में सूखापन और त्वचा संबंधित की समस्या अधिक देखी जाती है। इनको ठीक करने के लिए चिकिस्तक एस्ट्रोजन क्रीम लगाने की सलाह देते है।
  • मीनोपॉज का सबसे अच्छा उपचार हार्मोन्स रिप्लेसमेंट थेरेपी को माना जाता है। यह थेरेपी लक्षणो को कम करने में फायदेमंद होता है। क्योंकि यह एस्ट्रोजन व प्रोजिस्ट्रोन के मिश्रण से तैयार किया रहता है। हालांकि इस थेरेपी को बंद करने के बाद कुछ नकारात्मक प्रभाव दिखाई पड़ते है। जैसे ब्रेस्ट कैंसर, हृदय रोग आदि।
  • कुछ जड़ीबूटी मेनोपॉज़ की स्थिति को ठीक करने में मदद करता है। आप फल या सब्जिया से भी प्राप्त कर सकते है। कुछ जड़ीबूटियों की दवाइया बाजारों में उपलब्ध है लेकिन उसका सेवन करने से पहले चिकिस्तक की सलाह ले।

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के अन्य प्रभाव ? (Other Effects of Menopause in Hindi)

मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) (Menopause) के बारे में आप जानती ही है लेकिन इस स्थिति में आने के बाद संयम रखना आवश्यक होता है। बहुत सी महिलाओं को मासिकधर्म पहले अत्यधिक आते थे उनको रजनोवृत्ति में आराम मिलता है। इसके अलावा महिलाएं गर्भ निरोधक का उपयोग करती है ऐसी अवस्था में इसकी जरूरत नहीं होती है वो अपना यौन जीवन खुशी से बिता सकती है। हालांकि मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के कुछ गलत प्रभाव भी पड़ते है लेकिन कुछ अच्छे परिणाम भी रहते है। जिन महिलाओं को अनियमियत मासिकधर्म की समस्या रहती है उनको मीनोपॉज होने बाद अच्छा महसूस होता है। मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के बाद महिलाएं का जीवन बदल सा जाता है जिसके बारे में न सोचकर आपको अपने जीवन को अच्छा बनाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से संतुष्ट रहना चाहिए।

महिलाओं को मीनोपॉज (रजनोवृत्ति) के बारे में अधिक जानकारी के लिए स्त्री विशेषज्ञ (Gynecologist) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है। 

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