मासिक-धर्म के दौरान होने वाली मुख्य समस्याएं और घरेलु उपचार। Problems Faced During Periods in Hindi.

Login to Health मार्च 27, 2019 Womens Health 567 Views

मासिक-धर्म (Periods) लड़कियों के बड़े होने का कारण होता है अर्थ (Meaning in Hindi) शरीर के हार्मोन्स में होने वाले बदलाव के कारण होता है। मासिक-धर्म की शुरुवात होने से पहले लड़कियों के शरीर में अन्य परिवर्तन भी होते है। जैसे: स्तनों का बढ़ना, जघन बाल विकसित होता है।

  • लड़कियों के मासिक-धर्म आने की आयु 12 साल से 15 साल आयु के मध्य में कभी भी हो सकता है। मासिक-धर्म रजोनिवृत्ति तक चलते है। यह सामान्य रूप से महिलाओं में 50 वर्ष की आयु के समीप आने तक मासिक-धर्म बंद हो जाता है। मासिक-धर्म का चक्र 28 दिनों का होता है लेकिन कुछ लड़कियों के मासिक-धर्म चक्र अलग होते है। जैसे: किसी लड़की का मासिक-धर्म चक्र 32 दिन का होता है तो किसी और लड़की का मासिक-धर्म का चक्र 25 दिन का होता है।
  • मासिक-धर्म लड़कियों के गर्भाशय का आंतरिक मासिक निस्राव है। जिसके कारण शरीर से रक्त और परवाह होकर निकल जाते है। रक्त बहाव औसत 5 दिन का रहता है। महिलाओं के चक्र बदलने के कारण यह आगे पीछे होता रहता है। महिलाओं को इसपर विशेष ध्यान देना चाहिए।

मासिक-धर्म (Periods) की समस्याएं :- Problems Faced By Women in Periods in Hindi.

 

मासिक-धर्म (Periods) की समस्याएं निम्लिखित है।

  • मेंस्रूअल टेंशन।
  • अत्यधिक मासिक-धर्म (Periods)आना।
  • मासिक-धर्म (Periods) नहीं आना।
  • कष्टदायक मासिक-धर्म (Periods) होना।

मेंस्रूअल टेंशन (Menstrual Tension) :-  मेंस्रूअल टेंशन को (पी,एम,टी) (PMS) कहते है। यह मासिक-धर्म (Periods) चक्र से जुड़ा हुआ रहता है।  जिसमे शरीर की शारीरिक व मानसिक और भावनाओ के लक्षण का एक समूह होता है। यह प्रभाव उनके तीव्रता से भिन्न होता है। इसलिए लड़कियों को (पी,एम,टी) का प्रभाव पता नहीं होता है जिसके कारण बहुत से लक्षण मासिक-धर्म (Periods) के होते है।पी,एम,टी मासिक-धर्म (Periods) शुरू होने के दो हफ्ते पहले होता है।  

जैसे: सूजन, चिड़चिड़ापन, पीठदर्द, सिर दर्द, स्तन वेदना, मुँहासे, भोजन की इच्छा, अत्यधिक थकान, अवसाद, चिंता, तनाव की भावनाएं, अनिद्रा, कब्ज, दस्त, पेट में हल्के ऐंठन इत्यादि है।  

  1. अत्यधिक मासिक-धर्म (Periods)आना:– अत्यधिक मासिक-धर्म होता है। व्यायाम में बदलाव व आहार में बदलाव करने से या कुछ दवाओं के उपयोग से होता है। योनि इन्फेक्शन, हाइपोथायरायडिज्म, फाइब्रॉएड, गर्भाशय आंतरिक सूजन इत्यादि है।
  2. मासिक-धर्म (Periods) नहीं आना:- एक भी बार मासिक-धर्म (Periods) नहीं हुआ है तो उसे प्राथमिक रजोरोध कहते है। मादा प्रजनन जन्म जात के दोष होते है या शरीर में किसी कमी के कारण हो सकता है। अगर महिला एक महीना या उससे अधिक समय तक मासिक-धर्म का आभास ना करे तो उसे माध्यमिक अमानोरिया कहते है। इसके कारण कुछ इस तरह है जैसे: जन्म नियंत्रण रोकना, स्तनपान, सूजन की बीमारी, गर्भावस्था, रजोनिवृति आदि है।
  3. कष्टदायक मासिक-धर्म (Periods) होना :- कुछ महिलाओं को मासिक-धर्म (Periods) होने पर दर्द नहीं होता है किंतु कुछ अन्य महिलाये है जिन्हे बहुत अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है किसी की नौबत हॉस्पिटल तक जाने की हो जाती है। कुछ महिलाओं को मासिक-धर्म आने के पहले बहुत उल्टी व कमर में दर्द जैसी समस्या होने लगती है।गर्भनिरोधक बदलने से भी अनियमित मासिक-धर्म होता है।

मासिक-धर्म (Periods) के दौरान होने वाली समस्यायो के लिए घरेलु उपचार क्या है ? – What are the home remedies for Problems Faced During Period problems in Hindi?

  • मासिक-धर्म (Periods) के समय दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी से पेट की सेकाई करे दर्द से आराम मिलता है।
  • दालचीनी में फाइबर तत्व होता है। दालचीनी को 1 ग्लास पानी में शहद मिलकर पीये।
  • एक कप शौफ को एक चम्मच शहद मिलाकर पकाये और दिन में दो बार पीये  पेट की ऐठन को शांत करता है।
  • चाय में अदरक और नींबू के रस, शहद मिलाकर पीये इससे पेट का दर्द कम होगा।
  • धनिया का बीज रामबाण उपाय है पानी में उबालकर दिन में तीन बार पीये बहुत फायदा मिलेगा और दर्द कम होगा।
  • तुलसी की पत्ती को एक चम्मच पानी में मिलाकर उबाले और दिन में कम से कम 3 बार पीये दर्द से जल्दी छुटकारा मिलेगा।

मासिक-धर्म (Periods) के दौरान क्या खाने से बचना चाहिए ? – What Food should be avoided during Periods in Hindi.

  • खट्टी चीजे खाने से बचे।
  • ठंडी चीज जैसे: दही, आइसक्रीम, कोल्ड्रिंक पीने से बचे।
  • मासिक-धर्म (Periods) के समय नमक का सेवन कम करे।
  • भोजन में अधिक मसाले का उपयोग ना करे।

अगर आपको मासिक-धर्म (Periods) से जुडी कोई समस्या है तो अधिक जानकारी के लिए लेडीज डॉक्टर से संपर्क करे। Gynecologist डॉक्टर से अधिक जानकारी के लिए यहाँ संपर्क करे।

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