मासिक धर्म (पीरियड्स) में अधिक रक्तश्राव होने कारण एव उपाय। Periods me Adhik Bleeding (Menorrhagia) in Hindi

Login to Health दिसम्बर 4, 2019 Womens Health 117 Views

Periods me Adhik Bleeding (Menorrhagia) ka Matlab in Hindi

महिलाओं को हर महीना मासिक धर्म की क्रिया से हो कर गुजरना पड़ता है। लेकिन सभी महिलाओं में मासिक धर्म के चक्र अलग-अलग होते है जैसे किसी महिला के मासिक धर्म की अवधि 21 से 25 दिन की होती है और कुछ महिलाओं में 25 से 28 दिन की अवधि हो सकती है। इसके अलावा बहुत कम महिलाओं में 30 दिन की अवधि हो सकती है। महिलाओं में आमतौर मासिकधर्म में रक्तश्राव होने पर पीड़ा की अनुभूति होती है। अगर आपके मासिकधर्म अनियमित आ रहे है या आपको रक्तश्राव 7 दिन से अधिक हो रहा है, तो एनीमिया (खून की कमी) की समस्या का जोखिम हो सकता है। इसलिए आपको बिना किसी देरी के स्त्री विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए। इस लेख में महिलाओं से जुडी समस्या यानि मासिक धर्म में अधिक रक्तश्राव होने के कारण, उपचार व बचाव के बारे में विस्तार से बतलाया गया है।

  • मासिक धर्म में कितनी ब्लीडिंग होना अधिक माना जाता है ? (Periods me Kitni Bleeding Jyada Mana Jata Hai in Hindi)
  • मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने के कारण क्या है ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Ke Karan Kya hai in Hindi)
  • मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने के लक्षण क्या है ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Ke Lakshan Kya hai in Hindi)
  • मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने पर उपचार क्या करें ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Par Upchar Kya Kare in Hindi)
  • मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने पर निदान ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone par Nidaan in Hindi)
  • मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग से होने वाली परेशानिया क्या है ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Wali Paresaniya Kya hai in Hindi)

मासिक धर्म में कितनी ब्लीडिंग होना अधिक माना जाता है ? (Periods me Kitni Bleeding Jyada Mana Jata Hai in Hindi)

महिलाओं को सामान्य रूप से मासिक धर्म में रक्तश्राव 4 से 6 दिन तक होता है। जिसमे 30 से 40 मिली रक्तश्राव होता है। हालांकि महिला के शरीर पर निर्भर करता है की महिला स्वस्थ है या कमजोर है इस बात पर भी निर्भर करता है। अगर लंबी महिला है उसे थोड़ा अधिक मात्रा 40 से 80 मिली में रक्तश्राव हो सकता है। महिला पीरियड के दौरान 6 या 7 पैड का उपयोग कर लेती है। जो की सामान्य माना जाता है। इसके अलावा एक महामारी में अगर किसी महिला को 80 मिली से अधिक रक्तश्राव होता है तो वह कम से कम 16 पैड का उपयोग कर रही है तो चिंता का कारण बन सकता है। अधिक रक्तश्राव होने से महिला के शरीर में रक्त की कमी हो जाती है जो को एनीमिया होने का कारण बनती है। (और पढ़े – एनीमिया का उपचार क्या है)

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने के कारण क्या है ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Ke Karan Kya hai in Hindi)

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने के अनेको कारण हो सकता है।

  • हार्मोन के असंतुलन होने के कारण मासिक धर्म के दौरान अंडे का उत्पादन नहीं होने से मेनोरेजिया हो सकता है। इसके अलावा अगर ओवलूशन के बिना मासिक चक्र को एनोवूलेशन कहते है।
  • अंडाशय रोग होने के कारण हार्मोन रिलीज नहीं हो पाता है। इस वजह से रक्तश्राव बढ़ जाता है।
  • गर्भाशय फोलिप जो हार्मोन्स के स्तर वृद्धि करता है। सही से हार्मोन्स न होने पर रक्तश्राव अधिक होता है।
  • गर्भाशय कैंसर, अंडाशय कैंसर कारण हो सकता है।
  • अनुवांशिक रोग होने के कारण एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी में समस्या देखने को मिल सकती है।

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने के लक्षण क्या है ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Ke Lakshan Kya hai in Hindi)

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने के निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते है।

  • पेट के निचले भाग में दर्द महसूस होना।
  • रात में नींद से उठकर पैड बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
  • भारी रक्तश्राव होने पर दिन में दो या तीन बार सेनेटरी पैड बदलना पड़ सकता है।
  • मासिक धर्म में खून का थक्का बड़ा हो सकता है।
  • एनीमिया के लक्षण नजर आ सकते है जैसे: थकान, कमजोरी आदि।
  • अधिक रक्तश्राव होने से अपने रोजाना के कार्यो को करने में असमर्थ होना।
  • अधिक मात्रा में रक्तश्राव से बचने के लिए दो सेनेटरी पेड़ का उपयोग करना पड़ सकता है।
  • अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे है तो अपने चिकिस्तक से बात करें।

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने पर उपचार क्या करें ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Par Upchar Kya Kare in Hindi)

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने पर चिकिस्तक निम्न सुझाव दे सकते है।

  • एनीमिया को दूर करने के लिए आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए।
  • रक्तश्राव को रोकने के लिए ट्रेनेकाजिम एसिड का उपयोग करना चाहिए।
  • मासिकधर्म को नियंत्रण करने उसकी मात्रा में कमी के लिए गर्भ निरोधक दवा का सेवन।
  • हार्मोन्स आईयूडी का उपयोग करना।
  • कुछ मामलो में अधिक रक्तश्राव की समस्या का उपचार कुछ सर्जरी का तरीका अपना सकते है।
  • डायलेशन व क्यूरेटेज।
  • अल्ट्रासाउंड।
  • एंडोमेट्रियल एबलेशन।
  • एंडोमेट्रियल रिसेक्शन।

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग होने पर निदान ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone par Nidaan in Hindi)

चिकिस्तक आपके लक्षणो के बारे में कुछ सवाल पूछते है और शारीरिक जांच कर सकते है। इसके अलावा मनोरेजिया का पता करने के लिए कुछ अन्य जांच कर सकते है। इसमें निम्नलिखित परीक्षण शामिल है।

  • रक्त की जांच एनीमिया व खून थक्के की बीमारी का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • पैप स्मीयर यह सर्विकल इन्फेक्शन, सूजन, कैंसर, गर्भाशय की समस्याओं के लिए की जाती है।
  • अल्ट्रासाउंड गर्भाशय, पेल्विस, अंडाशय की बीमारियों की जांच के लिए उपयोग किया जाता है।
  • सोनोहस्टेरोग्राम गर्भाशय से जुडी समस्याओं का पता लगाने के लिए किया जाता है।

मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग से होने वाली परेशानिया क्या है ? (Periods Me Adhik Bleeding Hone Wali Paresaniya Kya hai in Hindi)

अगर महिला को अधिक समय से भारी रक्तश्राव की समस्या हो रही है तो कुछ निम्न जटिलताएं उत्पन्न हो सकती है।

  • पीरियड्स में अत्यधिक रक्तश्राव होने से खून की कमी एनीमिया की बीमारी होने का खतरा बना रहता है। क्योंकि ऐसे स्तिथि में कोशिकाओं में रक्त की कमी और कमजोरी हो जाती है। हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं हीमोग्लोबिन को बनाये रखती है। शरीर हीमोग्लोबिन की कमी यानि आयरन की कमी हो जाती है। हालांकि मोनोरेजिया में होने वाला अधिकतर एनीमिया आयरन की कमी से होता है। इस दौरान महिलाये की त्वचा रंग हल्का पीला पड़ जाता है। उनको थकान और कमजोरी होने लगता है।
  • मासिकधर्म में अधिक रक्तश्राव होने पर महिला को अधिक दर्द, ऐंठन का अनुभव महसूस हो सकता है। इस तरह के दर्द को डिसमेनारिया भी कह सकते है।

अगर आपको अधिक दर्द की समस्या का अनुभव हो रहा है तो तुरंत आपको स्त्री विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको मासिक धर्म से जुडी किसी भी प्रकार की समस्या हो रही है तो आप यहाँ अच्छी Gynecologist संपर्क कर सकते है।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है। 

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