एडीएचडी (ध्यान एवं अतिसक्रियता विकार) क्या हैं। ADHD in Hindi

दिसम्बर 23, 2020 Lifestyle Diseases 4102 Views

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एडीएचडी (ध्यान एवं अतिसक्रियता विकार) क्या हैं ?

एडीएचडी को हिंदी में ध्यान एव अतिसक्रियता विकार कहा जा सकता है। यह एक तरह का मानसिक विकार है जो व्यवहार में बदलाव करता है। इस विकार से प्रभावित लोग अपने ध्यान पर केंद्रित नहीं रख पाते है और कही अधिक समय पर बैठे रहने पर कठिनाई होने लगती है। एडीएचडी कई तरह समस्या का समावेश होता है जो व्यवहार को खराब कर देता है। आमतौर पर यह विकार बच्चो, किशोरों व वयस्क को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन बच्चों में विकार को कम करने के लिए कुछ थेरेपी का प्रयोग किया जा सकता है ताकि व्यवहार को सही करने में मदद हो सके। वयस्कों में कामो को लेकर परेशानी के कारण एडीएचडी का जोखिम हो सकता है। चलिए आज के लेख में आपको एडीएचडी (ध्यान एवं अतिसक्रियता विकार) के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • एडीएचडी के कारण क्या हैं ? (Causes of ADHD in Hindi)
  • एडीएचडी के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of ADHD in Hindi)
  • एडीएचडी का परीक्षण ? (Diagnoses of ADHD in Hindi)
  • एडीएचडी का इलाज क्या हैं ? (Treatments for ADHD in Hindi)
  • एडीएचडी से बचाव कैसे करें ? (Prevention of ADHD in Hindi)

एडीएचडी के कारण क्या हैं ? (Causes of ADHD in Hindi)

शोधकर्ता के मुताबिक एडीएचडी का स्पष्ट कारण किसी को ज्ञात नहीं हो पाया है। लेकिन एडीएचडी के कुछ कारण व जोखिम कारक हो सकते है। 

  • जैसे – मस्तिष्क में किसी तरह की बीमारी या चोट लगने से दिमाग सही तरह से अपना कार्य नहीं करता है और भावना, व्यवहार को नियंत्रित नहीं कर पाता है। 
  • अनुवांशिक कारण होने से बच्चों को एडीएचडी की समस्या हो सकती है। 
  • एडीएचडी से प्रभावित बच्चों के दिमाग में कई परिवर्तन होते रहते है, इससे मस्तिष्क अपना कार्य करने में असफल रहते है। 
  • एडीएचडी से ग्रस्त बच्चों में रासायनिक असंतुलन होने लगता है, इसमें बच्चों के दिमाग के रसायन असंतुलन बाहर हो सकते है। 
  • गर्भावस्था के दौरान महिला को संतुलित आहार न मिले, खराब जीवनशैली, शराब, धूम्रपान और नशीले पदार्थ का सेवन करने से बच्चें के मस्तिष्क का विकास नहीं हो पाता है और बच्चा दिमागी रूप से कमजोर हो जाता है। 

जोखिम कारक –

  • बच्चा समय से पहले पैदा हुआ हो। (और पढ़े – समय से पहले जन्मा बच्चा क्या है)
  • गर्भावस्था के दौरान माँ का शराब पीना। 
  • गर्भावस्था के समय किसी विषैले पदार्थ के संपर्क में आये हो। 
  • मानसिक विकार से ग्रस्त होने से एडीएचडी का जोखिम हो सकता है। 
  • कुछ पर्यावरण के विषैले पदार्थ एडीएचडी के जोखिम को बढ़ा सकते है। 

एडीएचडी के लक्षण क्या हैं ? (Symptoms of ADHD in Hindi)

बच्चों में एडीएचडी के लक्षण दो से चार साल की उम्र में नजर आ सकते है। 

  • बहुत अधिक बोलना। 
  • किसी का ध्यान दूसरी ओर कर देना। 
  • बड़ो की बातों में हमेशा बिच में बोलना। 
  • ध्यान देने में परेशानी आना। 
  • रोजाना के कार्य और गतिविधि को करने में कठिनाई आना। 
  • घबराना। 
  • दिन में सपना देखने लगना। 
  • हमेशा परेशान रहना। 
  • स्कूल के काम न कर पाना। 
  • बातों को सुनकर अनसुना कर देना। 
  • अपनी चीजे खो देना। 
  • अधिक समय तक न बैठ पाना। (और पढ़े – आटिज्म क्या है)

एडीएचडी का परीक्षण ? (Diagnoses of ADHD in Hindi)

यदि किसी बच्चे में एडीएचडी है, तो यह पता करना कई चरणों के साथ एक प्रक्रिया है। एडीएचडी का कोई एक निदान नहीं होता है।हालांकि एडीएचडी निदान करने के लिए सभी समस्या पर नजर डाला जाता है। जैसे चिंता, अवसाद, नींद की समस्याएं और कुछ प्रकार के सीखने की अक्षमता, समान लक्षण के बारे में पूछ सकते है। 

  • बच्चें में एडीएचडी जैसे लक्षणों के साथ अन्य समस्याओं का पता लगाने के लिए सामान्य परीक्षण कर सकते है। 
  • एडीएचडी के निदान करने के लिए आमतौर पर माता – पिता से बच्चों में हो रहे लक्षण के बारे में पूछते है। इसके अलावा व्यवहार के बारे में शिक्षक से जानकारी ले सकते है। 
  • यदि कोई स्वास्थ्य समस्या नजर आती है, तो चिकिस्तक एक शारीरिक परीक्षण करता है। 
  • अगर किसी अभिभावक को लगता है की उनके बच्चे में एडीएचडी के लक्षण नजर आ रहे है अपने चिकिस्तक से बात करे। इसके अलावा बच्चे के अध्यापक से एडीएचडी के बारे में बता सकते है। स्कूल में बच्चों की समस्याओ की जांच करते है ताकि उनके कार्यो को सही किया जा सके। यदि एडीएचडी का संकेत होता है तो बच्चे को विशेषज्ञ के पास उपचार के लिए भेज सकते है। 

एडीएचडी का इलाज क्या हैं ? (Treatments for ADHD in Hindi)

एडीएचडी का इलाज लक्षण के आधार पर किया जा सकता है। 

  • व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए कुछ दवाओं की खुराक दे सकते है ताकि कुछ हद तक सुधार किया जा सके। इसके अलावा यह दवा उत्तेजक होती है जो सभी पर असर नहीं करती है। 
  • कुछ लोगो में एडीएचडी  के प्रभाव को कम करने के लिए ओमेगा 3 युक्त आहार लेने की सलाह देते है। कुछ वैज्ञानिक के अनुसार ओमेगा 3 एडीएचडी का इलाज में फायदेमंद साबित हो सकती है। 
  • एडीएचडी के उपचार में कुछ थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। जिनमे सामाजिक शिक्षा, मनोचिकित्सा, व्यवहार सांसोधन आदि। 
  • सामाजिक शिक्षा इसमें व्यवहार को बेहतर बनाया जाता है। 
  • मनोचिकित्सा इसमें चिकिस्तक आपके व्यवहार करने के तरीको के बारे में सिखाते है और परिवार में कैसे रहना है आत्मसम्मान बढ़ाने में सहायता करते है। 
  • व्यवहार संसोधन इसमें बुरे व्यवहार को बदलाव कर अच्छा बनाया जाता है। 
  • मुख्य शिक्षा पाठशाला में बच्चों को सिखाने में मदद करते है ताकि एडीएचडी से प्रभावित बच्चों को मदद मिल सके। 

एडीएचडी से बचाव कैसे करें ? (Prevention of ADHD in Hindi)

बच्चों को एडीएचडी से बचाने के लिए निम्न उपाय कर सकते है। 

  • जब महिला गर्भवती होती है उस दौरान उनको अपने सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि शिशु के स्वास्थ्य पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान महिला को नशीले पदार्थ, धूम्रपान, शराब के सेवन से बचना चाहिए। 
  • बच्चों को ऐसे स्थान पर न जाने से जहा सिगरेट के धुएं व संक्रमण होने का जोखिम रहे। 
  • कुछ अध्ययन के अनुसार अधिक टीवी और मोबाईल देखने से बच्चों में एडीएचडी की समस्या हो सकती है इसलिए बच्चों कम टीवी और मोबाईल देखने देना चाहिए। (और पढ़े – बच्चों में मिर्गी की समस्या)

हमें आशा है की आपके प्रश्न एडीएचडी (ध्यान एवं अतिसक्रियता विकार) क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको एडीएचडी (ध्यान एवं अतिसक्रियता विकार) के बारे में अधिक जानकारी के लिए (Psychiatrist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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