जानिए एनीमिया (खून की कमी ) क्या होता है। What is Anemia in Hindi

अप्रैल 20, 2019 Lifestyle Diseases 24624 Views

हिन्दी Bengali العربية

Anemia Meaning in Hindi

भारत में हर साल 1 करोड़ मामले एनीमिया के होते है। एनीमिया एक तरह की बीमारी है। जो रक्त की कमी से पीड़ित व्यक्ति को शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं व और हीमोग्लोबिन की कमी से होती है। हीमोग्लोबिन रक्त की कोशिकाओं के लिए ऑक्सीजन आबद्ध करने के लिए आवश्यक होता है। यदि व्यक्ति की कोशिकाओं में पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं है या हीमोग्लोबिन की कमी है तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त नहीं होता है। ऑक्सीजन प्राप्त ना होने के कारण व्यक्ति में थकान महसूस होने जैसे लक्षण नजर आने लगते है। आप सब के दिमाग में यह सवाल आ रहा होगा की एनीमिया क्या है। तो चलिए आज एनीमिया के बारे में हम विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

  • एनीमिया (खून की कमी ) क्या है ? (What is Anemia in Hindi)
  • एनीमिया (खून की कमी ) होने के कारण क्या है ? (What are The Causes of Anemia in Hindi)
  • एनीमिया (खून की कमी ) के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Anemia in Hindi)
  • एनीमिया (खून की कमी ) का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Anemia in Hindi)
  • एनीमिया (खून की कमी ) में क्या खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए ? (What to Eat And What to Avoid While suffering From Anemia in Hindi)

एनीमिया (खून की कमी ) क्या है ? (What is Anemia in Hindi)

एनीमिया एक विकार है। व्यक्ति के शरीर में खून की कमी या हीमोग्लोबिन की कमी के वजह से होता है। जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और व्यक्ति कमजोर होने लगता है। महिलाओं, बच्चों में और लंबे समय से चल रही बीमारियों से पीड़ित लोगो को एनीमिया आसानी से हो सकता है।

एनीमिया (खून की कमी ) होने के कारण क्या है ? (What are The Causes of Anemia in Hindi)

एनीमिया (खून की कमी ) अनेको कारण से हो सकते है।

  • पेट में अल्सर या सूजन होने कारण एनीमिया हो सकता है।
  • महिलाओं को मासिक-धर्म के दौरान अधिक रक्त स्राव होने कारण खून की कमी हो जाती है।
  • शरीर में विटामिन की कमी के कारण एनीमिया हो सकता है।
  • शरीर में अधिक मात्रा में आयरन की कमी कारण एनीमिया की शिकायत हो जाती है।
  • गुर्दे की बीमारी से पीड़ित होने कारण व्यक्ति को एनीमिया हो सकता है।
  • लंबे समय से चल रही बीमारिया जैसे: मधुमेह, लुपस, संक्रमण  होने के कारण एनीमिया हो जाता है।
  • बुढ़ापा होने के कारण शरीर में (खून की कमी) एनीमिया हो जाती है।
  • बवासीर की बीमारी होने के कारण व्यक्ति के शरीर में खून की कमी यानि एनीमिया की शिकायत हो जाती है।

 

(बवासीर से छूटकरना पाने के लिए और पढ़ेWhat is Piles Meaning in Hindi And What Are The Treatments For Piles in Hindi)

एनीमिया (खून की कमी ) के लक्षण क्या है ? (What are The Symptoms of Anemia in Hindi)

एनीमिया के सारे लक्षण एक ही व्यक्ति में नहीं होते है। यह विभिन्न प्रकार से लोगो में नजर आते है।  

  • अधिक थकान महसूस होना।
  • त्वचा का पीला होना।
  • कमजोरी होना।
  • सिरदर्द होना।

(और पढ़े – थकावट क्यों होती है)

  • चक्कर आना।
  • हाथ व पैर में ठंड लगना।
  • छाती में दर्द होना।
  • श्वास लेने में परेशानी होना।
  • दिल की धड़कन का कार्य ठीक से नहीं होना।

एनीमिया (खून की कमी ) का इलाज क्या है ? (What are The Treatments for Anemia in Hindi)

एनीमिया का इलाज एनीमिया के प्रकार के आधार पर किया जाता है।

  • यदि विटामिन की कमी के कारण एनीमिया हुआ है तो डॉक्टरमरीज को  विटामिन युक्त आहार लेने की सलाह देते है। कुछ मामलो में मरीजों को विटामिन बी 12 की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर इंजेक्शन लगाने का सुझाव देते है। यह इंजेक्शन मरीज की स्तिथि के आधार पर 1 महीने या पूरी जिंदगी लगवाना पड़ सकता है।
  • आयरन की कमी से एनीमिया हुआ है तो डॉक्टर मरीज को आहार में आयरनयुक्त पदार्थ लेने की सलाह देते है। यदि मासिक-धर्म में हुए रक्तश्राव के कारण नहीं हुआ हो या किसी और कारण से रक्त स्राव हुआ हो तो डॉक्टर सर्जरी करने का निर्णय लेते है।
  • अप्लास्टिक एनीमिया के इलाज करने के लिए डॉक्टर मरीज को कोशिकाएं में लाल रक्त बढ़ाने के लिए रक्त आदान करने की सलाह देते है।
  • सिकल सेल एनीमिया के इलाज के लिए ऑक्सीजन, दर्द की दवाइया, दर्द को जटिलताओं को कम करने के लिए कुछ दवाइयों की खुराक व नसों के माध्यम से कुछ इंजेक्शन लगाए जाते है।
  • हड्डियों की मज्जा से सम्बंधित एनीमिया का इलाज दवाइयों की खुराक, कीमोथेरेपी, हड्डियों की मज्जा प्रत्यारोपण द्वारा किया जाता है।
  • गंभीर रूप से हुए एनीमिया को रक्त-आदान या स्प्लीन का निष्कासन करने के द्वारा किया जा सकता है।
  • लंबे समय से चल रही बीमारी से हुए एनीमिया के उपचार के लिए पहले डॉक्टर बीमारियों का इलाज करने की कोशिश करते रहेंगे। गंभीर मामलो में रक्त आदान किया जायेगा या कृत्रिम एरीथ्रोप्रोटीन एक तरह का प्रोटीन है जिसका उत्पादन गुर्दे में करने के लिए इंजेक्शन दिया जा सकता है।
  • एनीमिया का इलाज कराने से पहले व्यक्ति को संक्रमण का इलाज करवाना चाहिए। जिससे संक्रमण रक्त को दूषित ना कर पाये।
  • इस बात का विशेष ध्यान रखे शरीर को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए। जिससे अधिक बीमारिया शरीर में प्रवेश नहीं कर पाती है।

एनीमिया (खून की कमी ) में क्या खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए ? (What to Eat And What to Avoid While suffering From Anemia in Hindi)

  • एनीमिया में पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मुगफली की मक्खन, टमाटर, अंडे, अनार, साबुत, अनाज की रोटी, साबुत की रोटी, अनाज की रोटी, बीज और सूखे मेवे, सीफूड, सेब, खजूर इत्यादि भोजन में खा सकते है।
  • फाइटेटयुक्त खाद्य पदार्थ, टैनिन युक्त पदार्थ जैसे कॉफी, ग्रीन टी, काली चाय और, अंगूर, ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ, दही, दूध, पनीर इत्यादि का सेवन करने से एनीमिया के मरीज को परहेज करना चाहिए।

 

अगर आप एनीमिया के बारे और अधिक जानकारी एव इलाज करवाना चाहते हो तुरंत अपने नजदीकी हेमाटोलॉजिस्ट डॉक्टर (Hematologists) से संपर्क करें।


Best Hematologist in Mumbai

Best Hematologist in Chennai

Best Hematologist in Gurgaon

Best Hematologist in Bangalore


Login to Health

Login to Health

लेखकों की हमारी टीम स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को समर्पित है। हम चाहते हैं कि हमारे पाठकों के पास स्वास्थ्य के मुद्दे को समझने, सर्जरी और प्रक्रियाओं के बारे में जानने, सही डॉक्टरों से परामर्श करने और अंत में उनके स्वास्थ्य के लिए सही निर्णय लेने के लिए सर्वोत्तम सामग्री हो।

Over 1 Million Users Visit Us Monthly

Join our email list to get the exclusive unpublished health content right in your inbox