आर्जिनाइन क्या है । Benefits of Arginine in Hindi

अप्रैल 8, 2021 Lifestyle Diseases 5907 Views

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आर्जिनाइन का मतलब हिंदी में,   (Arginine Meaning in Hindi)

आर्जिनाइन क्या है ?

आर्जिनाइन एक तरह एमिनो एसिड है जो शरीर में प्रोटीन बनाने में मदद करता है। आमतौर पर शरीर को डाइट के माध्यम से आर्जिनाइन प्राप्त होता है जैसे मछली, रेड मीट, पोल्ट्री, सोया, साबुत अनाज, बीन्स और डेयरी उत्पादों सहित अधिकांश प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। इसके अलावा आर्जिनाइन का उपयोग मौखिक रूप से शीर्ष पर किया जा सकता है। हालांकि रक्त वाहिकाओं को खोलने के लिए यह वासोडिलेटर की तरह कार्य करता है। हृदय की स्तिथि व स्तंभन दोष के उपचार के लिए मौखिक दवा के रूप में आर्जिनाइन का उपयोग किया जाता है। चलिए आज के लेख में आपको आर्जिनाइन के क्यों जरुरी है, उपयोग, फायदे, नुकसान व खुराक के बारे में बताया गया है। 

  • आर्जिनाइन की जरूरत क्यों होती है ? (Why Do We Need Arginine in Hindi)
  • आर्जिनाइन के फायदे ? (Benefits of Arginine in Hindi)
  • आर्जिनाइन के उपयोग ? (Uses of Arginine in Hindi)
  • आर्जिनाइन के नुकसान ? (Side-Effects of Arginine in Hindi)
  • आर्जिनाइन की खुराक कितनी मात्रा में लेना चाहिए ? (Dosage of Arginine in Hindi)

आर्जिनाइन की जरूरत क्यों होती है ? (Why Do We Need Arginine in Hindi)

आर्जिनाइन को एल आर्जिनाइन के रूप में भी जाना जाता है, यह शरीर में विभिन्न कार्यों में शामिल रहता है। 

  • जैसे – जख्म भरना। 
  • गुर्दे को शरीर से अपशिष्ट उत्पादों को हटाने में मदद करना। 
  • प्रतिरक्षा और हार्मोन समारोह बनाए रखना। 
  • धमनियों को आराम देता है। 
  • हालांकि  प्राकृतिक आहार पूरक के रूप में, आर्गिनिन ने अपने संभावित हृदय लाभों के लिए विशेष ध्यान आकर्षित किया है। (और पढ़े – ह्रदय अटैक और ब्रेन स्ट्रोक में अंतर् क्या हैं)

आर्जिनाइन के फायदे ? (Benefits of Arginine in Hindi)

आर्जिनाइन के निम्नलिखित फायदे होते है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • प्रीक्लेम्पसिया का उपचार करे  आर्जिनाइन  जिसे एल आर्जिनाइन भी कहा जाता है। यह गर्भावस्था की शिकायत वाली महिलाओं में रक्तचाप को कम करने में सहायक होता है। कुछ शोध के अनुसार मौखिकरूप से आर्जिनाइन लेने से गर्भवती महिलाओं में प्रीक्लेम्पसिया को रोकने में मदद मिल सकती है (और पढ़े – गर्भावस्था के दौरान पैर में सूजन आना)
  • बाहरी धमनी की बीमारी में फायदेमंद बाहरी धमनी की बीमारी में मौखिक रूप से या थोड़े समय के लिए आसव द्वारा लिया जाता है, तो एल-आर्जिनिन इस संचलन स्थिति वाले लोगों में लक्षणों और रक्त के प्रवाह में सुधार कर सकता है। (और पढ़े – दिल की कमजोरी क्यों होता है)
  • ह्रदय के लिए फायदेमंद –  शरीर में एमिनो एसिड आर्जिनिन नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) में बदल जाता है। यह एक शक्तिशाली न्यूरोट्रांसमीटर है जो रक्त वाहिकाओं को आराम करने और परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। कुछ अध्ययन के मुताबिक आर्जिनाइन हृदय की धमनियों में रक्त प्रवाह को बेहतर करता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर को सामान्य करता है साथ ही ह्रदय के जोखिम से बचाव करने में मदद करता है।  (और पढ़े – अच्छे कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के उपाय)
  • स्तंभन दोष के लिए फायदेमंद आर्जिनाइन मौखिक रूप से लेने से पुरुषो में होने वाले स्तंभन दोष व यौन क्रिया में सुधार करने में मदद करता है।  (और पढ़े – पुरुषो में कामेच्छा की कमी क्यों होती है)

आर्जिनाइन के उपयोग ? (Uses of Arginine in Hindi)

आर्जिनाइन का उपयोग हर्बल दवाइयों के रूप में किया जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य की अन्य स्तिथियो में उपयोग किया जाता है। 

  • कंजेस्टिव  हार्ट  फेलियर  (CHF) की स्तिथि में आर्जिनाइन का उपयोग उपचार के लिए किया जाता है। 
  • गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को सुधार लाने के लिए आर्जिनाइन का उपयोग किया जाता है। 
  • रोजाना के सर्दी को ठीक करने के लिए आर्जिनाइन का उपयोग किया जाता है। 
  • सीने में दर्द व धमनी रोग के उपचार में आर्जिनाइन का उपयोग किया जा सकता है। 
  • किडनी की समस्या में अन्य दवा के साथ आर्जिनाइन का उपयोग किया जाता है। 
  • पाचनतंत्र को मजबूत करने के लिए दवा के साथ आर्जिनाइन का उपयोग किया जात्ता है। 
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या के इलाज में आर्जिनाइन सप्लीमेंट्स का उपयोग किया जाता है।  (और पढ़े – नपुंसकता क्या हैं)

आर्जिनाइन के नुकसान ? (Side-Effects of Arginine in Hindi)

आर्जिनाइन के फायदे के साथ कुछ स्तिथियो में नुकसान हो सकता है। 

  • कुछ लोगो में आर्जिनाइन के कारण उल्टी, मलती की समस्या हो सकती है। 
  • आर्जिनाइन के वजह से एनोरेक्सिया व ऐंठन विकार का जोखम रह सकता है। 
  • किडनी के कार्य को संतुलित रखने के लिए ब्लड यूरिया में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ा देने की स्तिथि उत्पन्न करता है। 
  • रक्त में शुगर के स्तर को बढ़ाने का जोखिम होना। 
  • आर्जिनाइन के वजह से रक्तप्रवाह व पोटेशियम के स्तर बढ़ने की समस्या हो सकती है। 
  • गर्भावस्था के दौरान महिला गंभीर स्तिथि में है तो आर्जिनाइन का उपयोग नुकसानदायक होता है। 
  • अस्थमा, बीपी जैसी बीमारियों में आर्जिनाइन लेना नुकसानदायक होता है। (और पढ़े – उच्च रक्तचाप क्या हैं)

हर व्यक्ति में आर्जिनाइन के वजह से नुकसान नहीं होता है। यदि आप आर्जिनाइन के कारण नुकसान का अनुभव कर रहे है तो नजदीकी चिकिस्तक से संपर्क कर सकते है। 

आर्जिनाइन की खुराक कितनी मात्रा में लेना चाहिए ? (Dosage of Arginine in Hindi)

आर्जिनाइन का उपयोग कई तरह की बीमारियों में किया जाता है। यह कई लोगो के लिए पूरी तरह सुरक्षित होता है। आर्जिनाइन की मात्रा 6 से 30 ग्राम करना चाहिए। इससे अधिक मात्रा में लेना शरीर के लिए हानिकारक होता है। जैसा की आपको पता हर व्यक्ति की खुराक उम्र व स्वास्थ्य स्तिथि के आधार पर अलग -अलग रहती है। सभी जड़ीबूटी का उपयोग सुरक्षित नहीं होता है इसलिए किसी भी जड़ीबूटी का उपयोग करने से पहले चिकिस्तक से सलाह लेना चाहिए। (और पढ़े – कोरियन पाइन के फायदे)

हमें आशा है की आपके प्रश्न आर्जिनाइन के फायदे ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको आर्जिनाइन के बारे में अधिक जानकारी चाहिए, तो सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा,उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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