सर्दी जुखाम के आयुर्वेदिक उपचार । Ayurvedic Treatments for Cold in Hindi.

अक्टूबर 20, 2020 Lifestyle Diseases 729 Views

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सर्दी जुखाम का मतलब हिंदी में (Common Cold Meaning in Hindi)

सर्दी जुखाम एक तरह की आम समस्या है जो किसी को भी हो सकती है। यह समस्या अक्सर तब होती है जब व्यक्ति किसी तरह की एलर्जी या संक्रमण से पीड़ित होता है। इसके अलावा कुछ बीमारियों के कारण सर्दी जुखाम लक्षण में आ सकता है। बहुत से लोग सर्दी जुखाम की समस्या को नजरअंदाज कर देते है और कोई उपचार नहीं करवाते है। इसके वजह से किसी अन्य बीमारी के चपेट में आ सकते है। आजकल कोरोना जैसी महामारी ने लोगो को इस कदर डरा दिया है की आम सर्दी जुखाम होने पर लोग भयभीत हो जाते है कही उनको कोरोना तो नहीं हो गया है। इसलिए आपको बता दे कोरोना का संक्रमण केवल संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या संक्रमित जगह को छूने से फ़ैल सकता है। आप घर पर है और सर्दी जुखाम हो गया है तो इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। आप इसे ठीक करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक नुक्से का उपयोग कर सकते है। बहुत से लोग सर्दी जुखाम के लिए कई तरह की दवाइयां लेते है, किंतु सर्दी जुखाम में कोई खास परीवर्तन नहीं आता है। ऐसे में आयुर्वेदिक उपचार बहुत कारगर साबित होती है। दादी और नानीयो के जमाने से सर्दी और जुखाम को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक उपचारो का उपयोग किया जाता है। आयुर्वेदिक उपचार में कई तरह की जड़ीबूटी का उपयोग होता है जो शरीर को सर्दी जुखाम से मुक्त करने में मदद करती है। लेकिन जड़ीबूटी का उपयोग कितनी मात्रा में करना है कब करना है आदि केवल चिकिस्तक के निर्देश अनुसार ही ले। चलिए आज के लेख में हम आपको सर्दी जुखाम के आयुर्वेदिक उपचार के बारे में जानकारी देंगे। 

  • सर्दी जुखाम के लिए आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं ? (Ayurvedic Treatments for Common Cold in Hindi)
  • आयुर्वेद के अनुसार सर्दी जुखाम में क्या करना चाहिए और क्या नहीं ? (According to Ayurveda, what to do and what not to do in Common Cold in Hindi)

सर्दी जुखाम के लिए आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं ? (Ayurvedic Treatments for Common Cold in Hindi)

सर्दी जुखाम के लिए निम्नलिखित आयुर्वेदिक उपचार है। चलिए आगे बताते हैं। 

  • लौंग का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में –  लौंग एक बेहतर जड़ीबूटी आयुर्वेदिक उपचार में मानी जाती है। जुखाम होने पर व्यक्ति कुछ भी खाने और पीने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे में लौंग का उपयोग फायदेमंद होता है, इसके लिए कुछ पानी की बूंदो में दो कली लौंग की रगड़ कर पेस्ट तैयार कर ले। इस तैयार पेस्ट का उपयोग नाभि व सिर पर करे। कुछ देर में जुखाम से बहुत आराम प्राप्त होगा। (और पढ़े – कोरोना से बचाव कैसे करें)
  • अदरक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार होता है आयुर्वेद के अनुसार अदरक स्वास्थ्य के लिए बहुत गुणकारी मानी जाती है। इसमें कई तरह के एंटी ऑक्सीडेंट्स व सूजनरोधी गुण पाए जाते है। सर्दी जुखाम की समस्या को ठीक करने में बहुत उपयोगी होता है। अदरक का उपयोग आप काढ़े के रूप में कर सकते है। इसके लिए एक ग्लास पानी में थोड़े अदरक के छोटे टुकड़े डाल दे व स्वाद के लिए गुड़ मिला दे और अब अच्छे से गैस पर उबलने दे। उबलने के बाद काढ़े के रूप में दिन में दो बार सेवन कर सकते है। (और पढ़े – अदरक के फायदे और नुकसान)
  • अडूसा करे सर्दी जुखाम दूर अडूसा एक तरह का औषधीय पौधा है जिसके पत्ते, फूल व जड़ आयुर्वेदीक उपचार में उपयोग किया जाता है। सर्दी जुखाम की समस्या के लिए इस पौधे की ताजी पत्तियों से रस निकाल कर उपयोग करने से बंद नाक की समस्या दूर होती है। इसके अलावा कफ को साफ करता है। इसकी पत्तियों के अर्क का उपयोग करने से पहले अपने चिकिस्तक ले। खासतौर पर गर्भवती महिलाएं इनका उपयोग न करे, इससे गर्भपात भी हो सकता है।
  • तुलसी आयुर्वेदिक उपचार में सहायक तुलसी सर्दी जुखाम के लिए बहुत प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार होता है। तुलसी में कुछ ऐसे गुण मौजूद होते है जो शरीर की समस्या को दूर करने में मदद करते है। इसके अलावा सर्दी जुखाम से आपको बहुत जल्दी आराम दिलाता है। तुलसी का उपयोग करने के लिए कुछ ताजी पत्तिया ले और साथ में अदरक के टुकड़े डालकर पीस ले। किसी साफ कपडे में डालकर रस निकाल ले और स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिलाकर सेवन करे। तुलसी के आयुर्वेदिक उपचार को दिन में दो या तीन बार ले सकते है। 

आयुर्वेद के अनुसार सर्दी जुखाम में क्या करना चाहिए और क्या नहीं ? (According to Ayurveda, what to do and what not to do in Common Cold in Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार सर्दी जुखाम में क्या करना चाहिए

  • सर्दी जुखाम में व्यक्ति को गुनगुना पानी पीना चाहिए। 
  • अपने आहार में अदरक और मरीज को शामिल करे। इसके अलावा भोजन गर्म ही खाएं। 
  • फल में संतरा और अनार ले। 
  • सब्जियों में मूली, लहसुन व सहजन शामिल करें। (और पढ़े – सर्दियों के मौसम में हरी सब्जियों का सेवन)
  • दूध में गाय का दूध ले। 
  • मुंह का स्वाद अच्छा करने के लिए भुना सत्तू व गुड़ ले सकते है।

आयुर्वेद के अनुसार सर्दी जुखाम में क्या नहीं करना चाहिए – 

  • सर्दी जुखाम में व्यक्ति को ठंडी चीजे खाने या पीने से बचना चाहिए। 
  • ठंडे तापमान जैसे अधिक एसी में न रहे। 
  • स्नान करने के लिए ठंडे पानी का उपयोग न करें। 
  • शराब का सेवन करने से बचें। 

हमें आशा है आपके प्रश्न सर्दी जुखाम के आयुर्वेदिक उपचार का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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