जौ के फायदे और नुकसान। Benefits and Side-Effects of Barley in Hindi.

दिसम्बर 12, 2019 Lifestyle Diseases 9884 Views

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Barley Meaning in Hindi

जौ को हमारी संस्कृत भाषा में यव कहते है और अंग्रेजी में बार्ली (Barley) के नाम से जाना जाता है। जौ का उत्पादन भारत में ही नहीं बल्कि रूस व अन्य देशो में किया जाता है। जौ में भी कई किस्म होती है जिसमे फ्लेक्स, हुल्ड, पर्ल बारले, जौ का आटा, ग्रिट्स आदि है। यह सभीअनाजों की तुलना में स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभदायक होता है। इसमें बहुत से औषधीय गुण मौजूद होता है जो शरीर के कई तरह के बीमारियों को रोकने में मदद करता है। यह प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और पोषक तत्वों से समृद्ध है और शरीर को स्वस्थ बनाये रखते है। जिस तरह जौ फायदेमंद है उसी तरह जौ का पानी पीने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। जौ के और भी कई स्वास्थ्य लाभ है चलिए इस लेख में आपको जौ के पोषक तत्व और खनिज, फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बतायेंगे।

  • जौ के पोषक तत्व और खनिज क्या है ? (What are the Nutrients and Minerals Found in Barley in Hindi)
  • जौ के स्वास्थ्य लाभ क्या है ? (What are the Health Benefits of Barley in Hindi)
  • जौ के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Barley in Hindi)

जौ के पोषक तत्व और खनिज क्या है ? (What are the Nutrients and Minerals Found in Barley in Hindi)

जौ में बहुत से पोषक तत्व मौजूद होते है। इसमें विटामिन सी, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी6, फोलेट, विटामिन बी, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन डी, विटामिन के आदि है। खनिजों में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, सोडियम, जिंक पाए जाते है। इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शून्य होती है।

जौ के स्वास्थ्य लाभ क्या है ? (What are the Health Benefits of Barley in Hindi)

जौ के निम्नलिखित स्वास्थ्य लाभ है।

  • वजन कम करने में – जो लोग अपने मोटापे से परेशान है उनको अपने आहार में जौ का सेवन करना चाहिए। इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर उपस्थित है जो चर्बी को कम करता है और वजन को संतुलित करता है। इस बात का ध्यान रखे जौ की सही मात्रा अपने भोजन में ले अधिक लेने से पेट फूलने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण करने में – जौ में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शून्य होती है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ता नहीं बल्कि बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने से रक्तचाप नियंत्रण में रहता है और हृदय का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। हृदय स्वस्थ रहने से हृदय रोग का जोखिम नहीं रहता है। अगर आप कोलेस्ट्रॉल को सामान्य करना चाहते है तो जौ का सेवन जरूर करें। (और पढ़े – कोलेस्ट्रॉल क्या है)
  • पाचन शक्ति बढ़ाने में – जौ शरीर की पाचन क्रिया सुचारु करता है और चयापचय को बढ़ाता है। भोजन का सही पाचन होने से कब्ज जैसी समस्या नहीं होती है। अक्सर बहुत से लोग की पाचन शक्ति कमजोर होने से भोजन पचा नहीं पाते है। इस कारण पाचन संबंधित समस्या से परेशान रहते है। जौ में उच्च मात्रा में फाइबर, विटामिन बी, नियासिन उपस्थित होता है जो पाचन शक्ति को मजबूत करता है।
  • हड्डियों के लिए – आजकल लोगो में हड्डियों से संबंधित समस्या जैसे हड्डी में दर्द, गठिया आदि देखने को मिलता है। इसका मुख्य कारण हड्डियों की कमजोरी है एव कैल्शियम की कमी है। इन कमी को दूर करने के लिए अपने भोजन में जौ की रोटी शामिल करें। यह शरीर को उच्च प्रोटीन तो देता है साथ ही कैल्शियम की कमी को दूर करता है। कैल्शियम की कमी दूर होने से हड्डियों के फ्रैक्चर होने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा दांतो को मजबूत करने में भी लाभदायक होता है। जिन लोगो को दांतो में दर्द या कमजोर है उनको जौ का उपयोग करना चाहिए। (और पढ़े – गठिया क्या है)
  • इम्युनिटी मजबूत करने में – शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बाहरी संक्रमण से बचाते है। जौ की घास में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है जो रोगो से लड़ने में सहायता करता है और इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। इसके अलावा जौ में आयरन, फाइबर मौजूद होता है जो इम्युनिटी के लिए अच्छी भूमिका निभाता है। कुछ शोध में जौ को एक अच्छा इम्युनिटी वाहक कहा गया है।
  • डायबिटीज मरीजों के लिए – डायबिटीज या मधुमेह से पीड़ित लोगो के लिए जौ फायदेमंद अनाज होता है। कुछ वैज्ञानिको के अनुसार जौ का पानी पीने से इंसुलिन बनने में सहायता प्राप्त होती है। डायबिटीज टाइप 2 मरीजों को जौ का सेवन करने से रक्त शर्करा का स्तर कम होता है और शुगर नियंत्रण में हो जाता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपने आहार में जौ को शामिल करना चाहिए।

जौ के नुकसान क्या है ? (What are the Side-Effects of Barley in Hindi)

जौ के फायदे तो बहुत है लेकिन अत्यधिक मात्रा में उपयोग करने से कुछ नुकसान भी हो सकते है। यह नुकसान इस प्रकार है।

  • जौ में उच्च मात्रा में पोटेशियम होता है और अत्यधिक मात्रा में इसे खाने से पेट में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, सांस लेने में परेशानी आदि समस्या हो सकती है।
  • फाइबर पेट की चर्बी को कम करता है लेकिन अत्यधिक मात्रा में फाइबर पेट में सूजन का कारण बनता है। इसलिए उचित मात्रा में सेवन करना चाहिए।
  • हड्डियों के लिए कैल्शियम जरुरी होता है कैल्शियम भोजन का सेवन करना चाहिए। किंतु अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में गैस या कब्ज की समस्या उत्पन्न हो सकता है।
  • जौ का अत्यधिक मात्रा में सेवन न करे नहीं तो आपका मोटापा और बढ़ जायेगा।
  • जौ में अच्छी मात्रा में आयरन होता है जो शरीर के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन अधिक आयरन शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। इससे आपको थकान, कमजोरी, जोड़ो में दर्द, बाल झड़ना आदि समस्या हो सकता है।

अगर आपको जौ का सेवन करने से स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या हो रही है तो इसका सेवन करना सिमित कर दे और किसी अच्छे जनरल फिजिशियन (General Physician) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है। 


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