बावची (बाकुची) के फायदे । Benefits of Babchi (Psoralea Cordifolia) In Hindi

मार्च 18, 2021 Lifestyle Diseases 3480 Views

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बावची (बाकुची) का मतलब हिंदी में,  (Babchi (Psoralea Cordifolia) Meaning In Hindi)

बावची (बाकुची) के फायदे

बावची एक तरह का पौधा है जिसे अंग्रेजी में Psoralea Cordifolia के नाम से जाना जाता हैं। यह एक तरह की आयुर्वेदिक औषधीय है इसके जड़, फूल, फल, पत्ती सभी उपयोगी होते है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्या को ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा चीनी दवाओं में बड़े पैमाने में बावची का उपयोग किया जाता है। बावची चूर्ण का उपयोग कफ की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है। त्वचा संक्रमण व त्वचा से जुडी समस्या को ठीक करने में प्रभावी होता है। चलिए आज के लेख में आपको बावची के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • बावची (बाकुची) के उपयोगी भाग ? (Useful parts of the Babchi plant in Hindi)
  • बावची (बाकुची) के फायदे ? (Benefits of Babchi (Psoralea Cordifolia) In Hindi)
  • बावची (बाकुची) के उपयोग ? (Uses of Babchi In Hindi)
  • बावची (बाकुची) के नुकसान ? (Side-Effects of Babchi In Hindi)
  • बावची (बाकुची) की खुराक ? (Babchi Dosage in Hindi)

बावची (बाकुची) के उपयोगी भाग ? (Useful parts of the Babchi plant in Hindi)

शोधकर्ता के अनुसार बावची पौधे के सभी भाग औषधीय के रूप में उपयोग किया जाता है। इन भागो में शामिल हैं। 

बावची (बाकुची) के फायदे ? (Benefits of Babchi (Psoralea Cordifolia) In Hindi)

बावची (बाकुची) के निम्नलिखित फायदे है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • कैंसर के लिए फायदेमंद कैंसर एक घातक बीमारी है जिसका उपचार शुरुवात में करना उचित होता है। बावची के बीजो में कसर विरोधी गुण मौजूद होते है जो कैंसर के उपचार में उपयोग किया जाता है। बावची में फाइब्रोसारकोमा अच्छी मात्रा में होता है, ये कैंसर व ट्यूमर के विकास को रोकते है। (और पढ़े – ल्यूकेमिया क्या हैं)
  • बालों का झड़ना कम करें बालों से जुडी समस्या होना लोगो में आम होता जा रहा है। इसका मुख्य कारण बालों की ठीक से देख -रेख न करना होता है। बालों के गिरने की समस्या को कम करने के लिए बावची एक प्रभावी जड़ीबूटी है। यह बालों को मजबूत व चमकदार बनाने में मदद करती है। इसके अलावा बालों के रंग में सुधार करती हैं। (और पढ़े – सर्दियों में बालों की देखभाल)
  • श्वसन रोगों के लिए फायदेमंद श्वसन तंत्र संबंधित समस्या को ठीक करने में बावची प्रभावी होता है। यह सामान्य संक्रमण जैसे सर्दी की समस्या का उपचार करता है। कुछ मामलो में बावची अस्थमा, नेफ्रैटिस, डिस्‍पेनिया, ब्रोंकाइटिस के इलाज में उपयोगी होता है। इसमें अच्छी मात्रा में एंटी -इंफ्लेमेंटरी गुण होता है जो संक्रमण को रोकने व श्वसन तंत्र के सूजन, दर्द को कम करता हैं। (और पढ़े – अस्थमा के कारण क्या हैं)
  • दांतो को स्वस्थ रखने में दांतो की सफाई रखना बहुत जरुरी होता है इसके लिए बावची के चूर्ण उपयोगी होता है। इस चूर्ण का उपयोग करने से दांतो में सड़न, पायरिया, दर्द व दांत की अन्य समस्या के उपचार में उपयोग किया जाता हैं। इसके अलावा बावची के जड़ व सफ़ेद फिटकरी को पीस कर दांतो को मल सकते है। यह मिश्रण दांतो के बैक्टीरिया को साफ करने में मददगार होता हैं। (और पढ़े – मसूड़ों में दर्द की समस्या)

बावची (बाकुची) के उपयोग ? (Uses of Babchi In Hindi)

बावची का उपयोग निम्न तरीको से किया जाता हैं। 

  • चीनी हर्बल दवाओं में बावची का उपयोग किया जाता है। 
  • त्वचा से जुडी समस्या के उपचार के लिए बाकुची का उपयोग किया जाता है। 
  • बावची फलो का उपयोग टॉनिक के रूप में जननांग अंगो के लिए किया जाता है। 
  • बुखार की समस्या दूर करने के लिए बावची का उपयोग किया जाता है। 
  • पुरुषो में नपुंसकता व शीघ्रपतन के इलाज के लिए बावची का उपयोग किया जाता हैं। 
  • दांतो की देखभाल करने के लिए बावची के जड़ो का उपयोग किया जाता हैं। 
  • हड्डी के फ्रैक्चर व आस्टियोपोरोसिस का इलाज में बावची का उपयोग किया जाता हैं। 
  • बावची के फलों का उपयोग बवासीर व उल्टी रोकने की समस्या को रोकने के लिए किया जाता हैं।
  • बावची का उपयोग बालों के झड़ने और एक्जिमा के इलाज के लिए किया जाता हैं। (और पढ़े – हेयर फॉल क्या हैं)

बावची (बाकुची) के नुकसान ? (Side-Effects of Babchi In Hindi)

बावची के फायदे तो बहुत है लेकिन कुछ दुर्लभ स्तिथि में नुकसान हो सकते हैं। 

  • अगर आप बावची का उपयोग पहली बार कर रहे है तो पहले चिकिस्तक से संपर्क करे क्योंकि इस जड़ीबूटी से उल्टी व मलती की समस्या हो सकती हैं। 
  • यदि व्यक्ति की त्वचा अधिक संवेदनशील है तो त्वचा पर फफोले आ सकते है इसलिए इसका उपयोग नियमित तौर पर न करे। 
  • बावची तेल का उपयोग अत्यधिक त्वचा पर नहीं करना चाहिए, क्योंकि त्वचा पर झड़ना हो सकता हैं। 
  • बावची (बाकुची) का अत्यधिक मात्रा में उपयोग करने से व्यक्ति को दस्त, मतली, सिरदर्द और उल्टी जैसी समस्या हो सकती हैं। (और पढ़े – सिरदर्द दूर करने के घरेलू उपचार)

बावची (बाकुची) की खुराक ? (Babchi Dosage in Hindi)

बावची लेने की मात्रा सभी व्यक्तियों की स्तिथियो के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा किसी भी जड़ीबूटी की खुराक व्यक्ति के उम्र पर भी निर्भर करता है। यह जरुरी नहीं सभी जड़ीबूटी सेहत के लिए फायदेमंद होते है क्योंकि हानिकारक भी साबित हो सकता है। इसलिए बावची के खुराक के बारे में चिकिस्तक से सलाह ले बाद में उपयोग में लाए। (और पढ़े – कैटनिप क्या हैं)

हमें आशा है की आपके प्रश्न बावची (बाकुची) के फायदे ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको बावची (बाकुची) के उपयोग से स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या होती है तो सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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