काजीपूत ऑयल के फायदे । Benefits of Cajeput Oil in Hindi

Login to Health मार्च 6, 2021 Lifestyle Diseases 384 Views

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काजीपूत ऑयल का मतलब हिंदी में,  (Cajeput Oil Meaning in Hindi)

काजीपूत ऑयल के फायदे ?

काजीपूत ऑयल को ऐसिट डे कजापुट, कजापुति एथरोलम, कजापुटियर आदि नामो से जाना जाता है। यह तेल पेपरबर्क पेड़ की ताजी पत्तिया व काजीपुट पेड़ द्वारा बनाया जाता है। इसमें प्राकृतिक तौर कुछ ऐसे गुण मौजूद है जो सिरदर्द, सर्दी -जुखाम व दांत के दर्द को दूर करने में लाभदायक होता है। इसके अलावा त्वचा में फंगल संक्रमण की समस्या को ठीक करने में मदद करता है। भोजन और पेय पदार्थों को स्वादिष्ट बनाने के लिए काजपुट तेल बहुत कम मात्रा में मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है। चलिए आज के लेख में आपको काजीपूत ऑयल के बारे में विस्तार से बताएंगे। 

  • काजीपूत ऑयल के फायदे ? (What are the Benefits of Cajeput Oil in Hindi)
  • काजीपूत ऑयल के नुकसान ? (What are the Side-Effects of Cajeput Oil in Hindi)
  • काजीपूत ऑयल का उपयोग किन दवाओं के साथ नहीं करना चाहिए ? (What medicines should not be used with Cajeput Oil in Hindi)
  • काजीपूत ऑयल कितनी मात्रा में लेना चाहिए ? (Dosing considerations for Cajeput Oil in Hindi)

काजीपूत ऑयल के फायदे ? (What are the Benefits of Cajeput Oil in Hindi)

काजीपूत ऑयल के निम्नलिखित फायदे है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • त्वचा के लिए फायदेमंद त्वचा संबंधित समस्या को ठीक करने में काजीपूत ऑयल फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण के साथ एंटीमाइक्रोब्रियल  गुण होता है जो त्वचा को संक्रमण व फ्री रेडिकल्स से बचाव करता है। इसके अलावा त्वचा में मॉइस्चराइज़र यानि कोमल व नमी बनाये रखने में मददगार होता है।  (और पढ़े – नीम फेस पैक के फायदे व उपयोग)
  • मांसपेशियो में ऐंठन को रोके काजीपूत ऑयल का उपयोग किसी भी तरह के मांसपेशियो में दर्द व ऐंठन को कम करता है। इसके लिए नहाने के लिए पानी गर्म करे और उसमे एक कप एप्सम नमक व इस तेल की 15 से 20 बूंद मिलाले और लैवेंडर तेल भी मिला सकते है। अब इस पानी से नहाले और दर्द वाली मांसपेशियो का मसाज करें ताकि ऐंठन से आराम मील सके। (और पढ़े – हड्डियों में दर्द का इलाज)
  • दांतो की देखभाल जैसा की आपको पता है दांत दर्द से आराम दिलाने में लौंग का तेल उपयोगी होता है। उसी तरह काजीपूत ऑयल दांतो के दर्द से आराम दिलाती है साथ ही मसूड़े के कीटाणु को मारने में प्रभावी होती है। इसके लिए रुई में थोड़ा तेल लगाकर दर्द वाली जगह कुछ देर के लिए रख दे। (और पढ़े – मसूड़ो में दर्द की समस्या)
  • बालों के लिए फायदेमंद बालों से जुडी समस्या के लिए काजीपूत ऑयल बहुत उपयोगी होता है। इसमें एंटीमाइक्रोब्रियल गुण का समावेश है जो बालों की जड़ो को मजबूत करते है साथ ही बालों का टूटना कम करता है। इसके अलावा डैंड्रफ की समस्या को कम करता है। (और पढ़े – सर्दियों में बालों की देखभाल कैसे करें)
  • गैस की समस्या कम करने में पेट संबंधित समस्या जैसे गैस, ऐंठन, अपच, पेचिश आदि की के इलाज में काजीपूत ऑयल का उपयोग किया जाता है। यह तेल भोजन के कणो को तोड़कर पेट में पोषक तत्व को अवशोषित कर गैस को कम कर देता हैं। (और पढ़े – एसिड रिफ्लक्स क्या हैं)
  • गठिया के दर्द को दूर करें गठिया के दर्द से आराम दिलाने में काजीपूत ऑयल लाभकारी होता है। इसके तेल से दर्द वाली जगह मालिश करने से आराम मिलता है। इसके अलावा नहाने के हल्के गर्म पानी में इस तेल की कुछ बूंद डालकर नहाने से जोड़ो के दर्द व सूजन से आराम मिलता है। (और पढ़े – गठिया क्या हैं)

काजीपूत ऑयल के नुकसान ? (What are the Side-Effects of Cajeput Oil in Hindi)

काजीपूत ऑयल के फायदे तो कई है, लेकिन साथ ही कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। 

  • अस्थमा से पीड़ित लोगो को काजीपूत ऑयल का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हानिकारक होता हैं। 
  • गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को काजीपूत ऑयल के उपयोग से बचना। 
  • जिन लोगो को काजीपूत ऑयल से एलर्जी होती है, उनको इसके उपयोग से बचना चाहिए। 
  • अगर आप किसी तरह के विशेष दवाओं का सेवन करते है तो इस तेल के उपयोग से पहले चिकिस्तक से सलाह ले। 
  • त्वचा पर काजीपूत ऑयल का उपयोग करने से त्वचा में एलर्जी होती है तो अधिक उपयोग न करें। (और पढ़े – कनौला ऑयल क्या हैं)

काजीपूत ऑयल का उपयोग किन दवाओं के साथ नहीं करना चाहिए ? (What medicines should not be used with Cajeput Oil in Hindi)

जैसा की आपको मालूम है किसी भी हर्बल दवाओं के साथ अन्य इंग्लिश दवा उपयोग में लाना नुकसानदायक हो सकता है। उसकी तरह काजीपुत ऑयल के साथ कुछ दवाओं का प्रयोग हानिकारक हो सकता है। ऐसे में इनका उपयोग दवा के साथ न करें। 

  • जैसे – कोडीन (Codeine)
  • डेसिप्रामिन (Desipramine)
  • डोनैपजैल (Didpezil) 
  • एमिट्रिप्टीलाइन (Amitriptyline)  
  • क्लोजअपाइन (clozapine)
  • फेंटायल (Fentanyl)
  • फ्लुओक्सेटीने (Fluoxetine)
  • डेमेरोल (Demerol)। 
  • ट्रामाडोल (Tramadol) 
  • ट्रैज़ोडोन (Trazodone) 
  • ओलंज़ापाइन (Olanzapine) 
  • ऑनडैंसेट्रॉन (Ondansetron)  (और पढ़े – बर्थ कंट्रोल पील्स के फायदे)

काजीपूत ऑयल कितनी मात्रा में लेना चाहिए ? (Dosing considerations for Cajeput Oil in Hindi)

काजीपूत ऑयल की मात्रा सभी व्यक्तियों की स्तिथियो के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा इस तेल की खुराक व्यक्ति के उम्र व स्तिथि पर भी निर्भर करता है। यदि अधिक मात्रा लिया जाएं तो स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए काजीपूत ऑयल के सही खुराक के बारे में अपने चिकिस्तक से परामर्श जरूर ले। (और पढ़े – कैटनिप के उपयोग)

हमें आशा है की आपके प्रश्न काजीपूत ऑयल के फायदे ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको काजीपूत ऑयल के उपयोग से स्वास्थ्य में किसी तरह की अनियमियता होती है तो इसका उपयोग बंद कर दे और सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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