ग्रेवेल रुट के फायदे । Benefits of Gravel Root in Hindi

फ़रवरी 24, 2021 Lifestyle Diseases 394 Views

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ग्रेवेल रुट का मतलब हिंदी में,  (Gravel Root Meaning in Hindi)

ग्रेवेल रुट के फायदे।

ग्रेवेल रुट एक तरह की जड़ीबूटी है जिसे कई नामो जैसे जोइ पये, जोइ-पये वीड,पर्पल बोनसेट, क्वीन ऑफ द मीडो आदि से जाना जाता है। इसका वनस्पति नाम यूपोरिटियम पर्पुरम (Eupatorium Purpureum) है। यह एक तरह का बड़ा, शाकाहारी बारहमासी पौधा है जो लगभग 1.5 – 2.4 मीटर (5 – 8 फीट) लंबा और लगभग 1.2 मीटर (4 फीट) बढ़ता है। इसकी पत्तिया की लंबाई लगभग 6 इंच लंबी और 3 इंच के पार या कभी-कभी बड़ी होती हैं। ग्रेवेल रुट का उपयोग मुख्य तौर पर औषधीय बनाने में किया जाता है। इसके अलावा यह गुर्दे की पथरी व गठिया के लिए फायदेमंद होता है। चलिए आज के लेख में आपको ग्रेवेल रुट के फायदे के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • ग्रेवेल रुट के फायदे ?(Health Benefits of Gravel Root in Hindi)
  • ग्रेवेल रुट के उपयोग ? (Uses of Gravel Root in Hindi)
  • ग्रेवेल रुट के नुकसान ? +Hindi)
  • ग्रेवेल रुट कितनी मात्रा में लेना सही हैं ? (What amount of gravel root is right to take in Hindi)

ग्रेवेल रुट के फायदे ?(Health Benefits of Gravel Root in Hindi)

ग्रेवेल रुट के निम्नलिखित फायदे है। चलिए आगे विस्तार से बताते हैं। 

  • मासिकधर्म के दर्द दूर करने में मासिकधर्म के दौरान होने वाली समस्या से छुटकारा दिलाने में ग्रेवेल रुट फायदेमंद होता है। यह एक तरह की जड़ीबूटी है जो दर्द के साथ ऐंठन को भी कम करता है। जिन महिला को मासिकधर्म के दौरान अधिक दर्द होता है उनको इस जड़ीबूटी का उपयोग करना चाहिए। 
  • मूत्र मार्ग संक्रमण दूर करने में ग्रेवेल रुट मूत्र मार्ग संक्रमण को दूर करने में फायदेमंद होता है क्योंकि यह शरीर की हानिकारक बैक्टीरिया को शरीर से बाहर निकालता है और संक्रमण से बचाव करता है। (और पढ़े – पेशाब में जलन की समस्या)
  • गठिया में फायदेमंद गठिया के दर्द व सूजन को कम करने ग्रेवेल रुट दवा की तरह काम करता है। इस जड़ीबूटी का उपयोग गठिया के लिए पुराने समय से किया जाता रहा है। इसके अलावा आर्थराइटिस की समस्या को ठीक करता है। 
  • बुखार ठीक करने में कुछ अध्ययन के अनुसार ग्रेवेल रुट बुखार जैसी समस्या को ठीक करने में फायदेमंद माना गया है। भारत व अमेरिका में बुखार के लिए ग्रेवेल रुट का उपयोग किया गया था।
  • किडनी स्टोन में फायदेमंद शरीर की हानिकारक पदर्थो व गंदगी को बाहर निकालने के लिए ग्रेवेल रुट बहुत उपयोगी होता है। यह किडनी की सूजन को कम करने के साथ पीठ दर्द को कम करता है। (और पढ़े – किडनी स्टोन क्या हैं)

ग्रेवेल रुट के उपयोग ? (Uses of Gravel Root in Hindi)

ग्रेवेल रुट के उपयोग निम्न तरीको से किया जाता हैं। 

  • ग्रेवेल रुट के जड़ों और पत्तियों से बनी चाय का उपयोग मूत्र पथ से पथरी को खत्म करने, बच्चों में मूत्र असंयम, मूत्रमार्गशोथ, नपुंसकता आदि के इलाज के लिए किया जाता है।
  • ग्रेवेल रुट गुर्दे से अपशिष्ट को हटाने में वृद्धि करके गठिया और गाउट के उपचार में उपयोगी माना जाता हैं। 
  • गर्मियों में कलियों के खुलने से पहले पत्तियों और फूलों के तनों को इकट्ठा किया जाता है और बाद में उपयोग के लिए सुखाया जाता है।
  • ग्रेवेल रुट सिस्टिक परेशानियों को दूर करने में उपयोग किया जाता है।
  • ग्रेवेल रुट का मुख्य उपयोग मूत्र संक्रमण और पथरी का इलाज करने के लिए किया जाता है।
  • ग्रेवेल रुट की चाय बनाकर बुखार के उपचार में किया जाता है। 
  • ग्रेवेल रुट का उपयोग मासिकधर्म में होने वाले दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। 
  • ग्रेवल रूट को पूरे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने के लिए कहा जाता है, और इसके आराम करने वाले गुणों को तंत्रिका स्थितियों, माइग्रेन, सिरदर्द, हिस्टीरिया, हाइपोकॉन्ड्रिया और पेट फूलने से राहत देने में उपयोगी माना जाता है।
  • किडनी की सूजन के कारण अक्सर होने वाले कमर दर्द से राहत पाने के लिए भी ग्रेवल रूट का उपयोग किया जाता है।

ग्रेवेल रुट के नुकसान ? (Side-Effects of Gravel Root in Hindi)

ग्रेवेल रुट के फायदे तो होते है साथ ही कुछ दुर्लभ स्तिथि में नुकसान हो सकते है। चलिए आगे बताते हैं। 

  • त्वचा पर लगे चोट या घाव पर ग्रेवेल रुट का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि त्वचा पर हानिकारक परिणाम पड़ सकता हैं। 
  • ग्रेवेल रुट एक तरह की जड़ी बूटी है जिसका उपयोग अत्यधिक मात्रा में करने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता हैं। 
  • गर्भावस्था और स्तनपान करने वाली महिलाओं को ग्रेवेल रुट का उपयोग करने से पहले चिकिस्तक की सलाह लेनी चाहिए। 
  • अगर कोई विशेष दवा का सेवन रोजाना करता है तो ग्रेवेल रुट का उपयोग से पहले चिकिस्तक से बात करे। 
  • जिन लोगो रेगवीड, मेरीगोल्ड्स प्रजाति के पौधों से एलर्जी होती है उनको ग्रेवेल रुट का उपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए ग्रेवेल रुट इसी परिवार का माना जाता है। (और पढ़े – माका रुट के फायदे)

ग्रेवेल रुट कितनी मात्रा में लेना सही हैं ? (What amount of gravel root is right to take in Hindi)

ग्रेवेल रुट कितनी मात्रा में लेना सही होता है, यह व्यक्ति के आयु व स्तिथि पर निर्भर करता है। हालांकि इस जड़ीबूटी के खुराक के बारे में कोई सटीक वैज्ञानिक पुष्टि नहीं की गयी है। दवाओं की तुलना में प्राकृतिक उपचार नुकसानदायक कम होता है। किसी भी जड़ी बूटी या दवा का उपयोग से पहले अपने चिकिस्तक की सलाह जोर लेनी चाहिए। (और पढ़े – तुलसी के फायदे और नुकसान)

हमें आशा है की आपके प्रश्न ग्रेवेल रुट के फायदे ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको ग्रेवेल रुट के उपयोग से स्वास्थ्य में किसी तरह की अनियमियता हो रही है, तो सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा,उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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