जिंक के फायदे और नुकसान। Benefits and Side Effects of Zinc In Hindi.

Login to Health अक्टूबर 10, 2020 Lifestyle Diseases 40375 Views

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Zinc Meaning In Hindi. 

शरीर के लिए जिंक बहुत आवश्यक माना जाता है। यह प्रकृति में पाए जाने वाली धातु है जो मनुष्य के लिए फायदेमंद होता है। अक्सर जिंक की कमी होने से व्यक्ति को अनेको तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई लोगो को अधिक कमी होने से चिकिस्तक जिंक युक्त टेबलेट लेने की सलाह देते है, लेकिन केवल चिकिस्तक की सलाह से लेना चाहिए। जस्ते की अधिक कमी मनुष्य के शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है इसलिए सभी को जानना जरुरी है जिंक हमारे शरीर के लिए जरुरी क्यों रहता है। हालांकि कई तरह के खाद्य पदार्थ से जरिए जिंक की पूर्ति आसानी से कर सकते है। इसके लिए आपको पता होना चाहिए किन खाद्य पदार्थो में जिंक की मात्रा अधिक होती है। चलिए इस लेख के माध्यम से आपको जिंक के फायदे बारे में विस्तार से बताएंगे। 

  • जिंक क्या हैं ? (What is Zinc in Hindi)
  • जिंक के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं ? (What are the Health Benefits for Zinc in Hindi)
  • जिंक कितनी मात्रा में लेना चाहिए ? (Recommended intake of Zinc in Hindi)
  • जिंक की कमी व नुकसान क्या हैं ? (What are the Side-Effects of Zinc in Hindi)

जिंक क्या हैं ? (What is Zinc in Hindi)

जस्ता एक तरह धातु है जिसे मनुष्य के लिए आवश्यक माना जाता है। मनुष्य के शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में जस्ता का उपयोग किया जाता है। जस्ता संक्रमण व श्वसन समस्या के जोखिम को कम करता है। मलेरिया व अन्य परजीवी द्वारा होने वाली बीमारियों को रोकने में जिंक का उपयोग किया जाता है। हालांकि कुछ शोध के अनुसार आंखो की समस्या जैसे मोतियाबिंद रतौंधी के लिए जस्ता का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा एक्जिमा, अस्थमा, उच्च रक्तचाप, मुंहासे में अधिक उपयोग किया जाता है। (और पढ़े – मुंहासे दूर करने का उपचार)

जिंक के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं ? (What are the Health Benefits for Zinc in Hindi)

 निम्नलिखित जिंक के फायदे होते है। चलिए विस्तार से बताते है। 

  • मनुष्य के शरीर को मजबूत बनाने के लिए जिंक बहुत फायदेमन्द होता है। शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। जिंक संक्रमित कोशिका व कैंसर कोशिका से लड़ने में जिंक मदद करता है। यदि शरीर में जिंक की भारी कमी होतो रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इसलिए अपने आहार में जिंक को जरूर शामिल करें। 
  • दस्त की समस्या होने पर बहुत से बच्चे व वयस्क लोगो को अपनी जान गवाना पड़ी है। जिंक की गोलियों की मदद से दस्त को रोका जाता है। दस दिनों में जिंक की गोलिया खाने की सलाह दी जाती है। चिकिस्तक की सलाह के अनुसार जिंक की खुराक का सेवन करें। 
  • मुंहासे की समस्या को ठीक करने में जिंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए जिंक युक्त खाद्य पदार्थो को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए जिससे आपको त्वचा व रक्त में जिंक की प्राप्ति हो क्योंकि मुंहासे के लिए जिंक सल्फेट प्रभावी माना जाता है। 
  • सर्दी जैसी सामान्य समस्या के लिए जिंक कारगर साबित होता है। कुछ अध्ययन के अनुसार सर्दी से परेशान लोगो की 50 % ठीक पाए गए है जिमे जिंक का उपयोग किया गया था। जब लोगो में सर्दी के लक्षणो की शुरुवात होती है तब जिंक सिरप दिया जाता है। ताकि उनकी सर्दी जल्दी ठीक हो और आराम मिल सके। (और पढ़े – छींक आने के कारण क्या है)

जिंक कितनी मात्रा में लेना चाहिए ? (Recommended intake of Zinc in Hindi)

बच्चों के लिए अधिक मात्रा में जिंक का उपयोग करना फायदेमन्द होता है। जिंक का उपयोग बच्चों के विकास में मदद करता है और संक्रमण से बचाव करने में मदद करता है। इसकी कमी होने से बच्चों को दस्त, श्वसन समस्या, संक्रमण का जोखिम बढ़ता है। 

  • एक से आठ साल तक की उम्र वाले बच्चों को जिंक 3-5 मिलीग्राम जिंक लेना चाहिए। 
  • 9 से 13 साल की उम्र वाले बच्चो को 8 मिलीग्राम लेना चाहिए। 
  • 8 से अधिक उम्र वाली महिला के लिए जिंक की मात्रा 8 मिलीग्राम होना चाहिए। 
  • स्तनपान करने वाली महिला को 13 से 11 मिलीग्राम जिंक लेना चाहिए। 
  • जिंक की टेबलेट व कैप्सूल मेडिकल पर बहुत आसानी से मिल जाते है। 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगो को 40 मिलीग्राम ज़िंक लेना चाहिए। (और पढ़े – कैल्शियम की कमी का कारण)

जिंक की कमी व नुकसान क्या हैं ? (What are the Side-Effects of Zinc in Hindi)

जिंक के फायदे  बहुत है लेकिन रोजाना जिंक लेने की आवश्कयता नहीं होता है। कुछ लोगो को अधिक जिंक लेने से कुछ नुकसानदायक परिणाम हो सकते है। जैसे: जी मिचलना, उल्टी, दस्त, गुर्दे की समस्या, पेट की समस्या हो सकती है। घाव वाली जगह पर जिंक का प्रयोग करने से खुजली, चुभन, झुनझुनी का कारण बन सकता है। जस्ता का अधिक मात्रा में उपयोग करने से अधिक बुखार, खांसी, थकान, पेट दर्द, का समस्या का कारण बन सकता है। 

  • जस्ते की कमी होने से बाल झड़ने लगते है, क्योंकि जस्ते की कमी कोशिका को कमजोर बनाता है। सिर पर कमजोर कोशिका होने से बाल झड़ने होते है। (और पढ़े – बाल झड़ने की समस्या)
  • जस्ते की कमी होने से हेमोडायलिसिस रोग होने की संभावना बन सकती है। इसके उपचार में जस्ते की खुराक की जरूरत पड़ सकती है। 
  • जिन लोगो को एड्स व एचआईवी की समस्या है, उनको जस्ता का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए। जिंक एड्स वाले लोगो के जोखिम को और बढ़ा सकता है। 
  • मधुमेह से पीड़ित लोगो को कम मात्रा में जस्ते का उपयोग करना चाहिए। जस्ता की मात्रा अधिक होने से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। 
  • गर्भवती महिला और स्तनपान करने वाली महिला को जस्ते का सेवन कम मात्रा में करना सुरक्षित होता है। इसके अलावा अधिक मात्रा में करने से नुकसान हो सकता है। 

अगर आपको जिंक की कमी के कारण किसी तरह की समस्या हो रही है, तो सामान्य चिकिस्तक (General Physician) से संपर्क करें। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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