म्यूकोरमाइकोसिस क्या हैं । What is Black Fungus in Hindi 

Login to Health मई 11, 2021 Lifestyle Diseases 226 Views

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काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का मतलब हिंदी में  (Black Fungus Meaning in Hindi)

काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) क्या हैं ?

म्यूकोरमाइकोसिस मुख्य रूप से एक फंगल संक्रमण है। यह ऐसे लोगों को प्रभावित करता है जो पहले से अन्य समस्या से प्रभावित है या उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता रोगो से लड़ने में प्रभावी नहीं हो पाता है। इसके अलावा म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण से साइनस व फेफड़े ग्रस्त व्यक्ति अधिक प्रभावित हो जाते हैं। ऐसा इसलिए यह कवक बीजाणुओं के बाद हवा से साँस ली जाती है। यदि व्यक्ति म्यूकोरमाइकोसिस से संक्रमित होता है, तो उनमे बुखार, सिरदर्द, खाँसना, सांस लेने में कठिनाई होना, खूनी उल्टी आना व बदल मानसिक स्थिति होना आदि लक्षण नजर आने लगते हैं। चिकिस्तक के अनुसार इनके लक्षण नजर आने पर चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। चलिए आज के लेख में आपको म्यूकोरमाइकोसिस क्या हैं? के बारे में विस्तार से बता सकते हैं। 

  • काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के कारण ? (What are the Causes of Black Fungus in Hindi)
  • काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस)के लक्षण ? (What are the Symptoms of Black Fungus in Hindi)
  • काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के निदान ? (Diagnosis of Black Fungus in Hindi)
  • काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का इलाज ? (What are the Treatments for Black Fungus in Hindi)
  • काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) से बचाव ? (Prevention of Black Fungus in Hindi)

काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के कारण ? (What are the Causes of Black Fungus in Hindi)

म्यूकोरमाइकोसिस एक फंगल संक्रमण है जो मोल्ड के संपर्क में आने के कारण होता है। हालांकि मोल्ड निम्न चीजों से विकसित हो सकती है। इनमे सड़े हुए पत्ते या खाद्य से बना ढेर, मिट्टी के कुछ भाग, सड़ी हुई लकड़ी आदि शामिल है। मोल्ड वायरस की तरह है जो हल्के होते है और हवा में मिल जाते है जो फेफड़ो को प्रभावित करते है। इसके अलावा जिनकी इम्युनिटी कमजोर है उनको जल्दी प्रभावित करता है। कोरोना मरीज के ठीक होने के बाद उनको भी जोखिम पैदा कर सकता है। यह ऐसा संक्रमण है जो शरीर के कोई भी भाग (फेफडा, चेहरा, आंख, साइनस व केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित कर सकता है। कुछ अन्य कारण इस संक्रमण के जिम्मेदार हो सकते है।

  •  जैसे –  कैंसर के मरीज। 
  • डायबिटीज। 
  • कोई सर्जरी करवाई। 
  • हालही में ट्रांसप्लांट करवाया हो। 
  • एच आई वी एड्स। 

कुछ शोध के अनुसार शरीर की इम्युनिटी कमजोर होने से बीमारिया होती है। खासतौर वायरस और संक्रमण शरीर को और प्रभावित करने लगता है। डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति के रक्त शर्करा अनियंत्रित होने से संक्रमण हावी होता है। (और पढ़े – निपाह वायरस क्या हैं)

काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के लक्षण ? (What are the Symptoms of Black Fungus in Hindi)

म्यूकोरमाइकोसिस के निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं। 

  • जैसे – आंखों और नाक के आसपास दर्द और लालिमा आना। 
  • बुखार आना। 
  • सिरदर्द होना। (और पढ़े – सिरदर्द के घरेलु उपचार)
  • खाँसना। 
  • सांस लेने में कठिनाई होना। 
  • खूनी उल्टी आना। 
  • बदल मानसिक स्थिति होना। 

(और पढ़े – मानसिक विकार क्या हैं)

काला फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) के निदान ? (Diagnosis of Black Fungus in Hindi)

  • कोरोना वायरस संक्रमण की तरह म्यूकोरमाइकोसिस एक संक्रमण है जो होने पर तुरंत पता नहीं लगता है की व्यक्ति संक्रमित प्रभावित है। हालांकि चिकिस्तक फेफड़े, साइनस व त्वचा से जुड़े संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच करते है। व्यक्ति को संकेत या लक्षण का अनुभव हो रहा है, तो चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। 
  • यदि व्यक्ति की त्वचा म्यूकोरमाइकोसिस से प्रभावित है तो चिकिस्तक त्वचा से नमूना लेकर जांच कर सकते है हालांकि इसे बायोप्सी कहा जा सकता है। त्वचा संक्रमण होने पर चिकिस्तक घाव को साफ करते है। साइनस व फेफड़ो से प्रभावित लोगो को कफ या नाक से द्रव का सैंपल लिया जाता है। (और पढ़े – कोरोना वायरस से बचाव कैसे करें)

काला फंगस  (म्यूकोरमाइकोसिस) का इलाज ? (What are the Treatments for Black Fungus in Hindi)

म्यूकोरमाइकोसिस एक गंभीर संक्रमण है जिसका इलाज चिकिस्तक एंटिफंगल दवा के द्वारा किया जाता हैं। आमतौर पर एम्फोटेरिसिन बी, पॉसकोनाज़ोल या इस्वाकोनाज़ोल आदि,  ये दवाएं एक शिरा (एम्फ़ोटेरिसिन बी, पॉसकोनाज़ोल, इसवुकोनाज़ोल) या मुंह से (पॉसकोनाज़ोल, इसवुकोनाज़ोल) के माध्यम से दी जाती हैं। फ्लुकोनाज़ोल, वोरिकोनाज़ोल और इचिनोकैन्डिन्स सहित अन्य दवाएं, कवक के खिलाफ काम नहीं करती हैं जो श्लेष्मकला का कारण बनती हैं। अक्सर, श्लेष्म ऊतक को संक्रमित ऊतक को काटने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है। यदि आपको लक्षण का अनुभव होता है तो उसे नजरअंदाज न करे बल्कि उचित समय पर इलाज करवा कर गंभीर स्तिथि से बचा जा सकता हैं। 

(और पढ़े – कोरोना वायरस चिकन खाने से होता हैं)

काला फंगस  (म्यूकोरमाइकोसिस) म्यूकोरमाइकोसिस से बचाव ? (Prevention of Black Fungus in Hindi)

म्यूकोरमाइकोसिस से बचाव करने के लिए निम्न बातो का ध्यान होना आवश्यक हैं। जैसा की आपको पता है कोविड 19 पहले से लोगो पर प्रभावित है उसमे अब म्यूकोरमाइकोसिस के मामले लोगो में नजर आने लगे है। यदि सही समय पर उपचार करवाया तो म्यूकोरमाइकोसिस से बचा जा सकता है। 

  • चिकिस्तक के अनुसार किसी भी कंस्ट्रक्शन वाले जगह जा रहे है तो मास्क का प्रयोग करना चाहिए। 
  • मिट्टी (बागवानी), काई या खाद को संभालते हुए जूते, लंबी पतलून, लंबी आस्तीन वाली शर्ट और दस्ताने पहना चाहिए। 
  • लोगो को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना चाहिए, इसमें अच्छी तरह से स्क्रब बाथ शामिल करना है। 
  • कुछ विशेषज्ञ के अनुसार, सभी नेक्रोटिक पदार्थों को हटाने के लिए, मधुमेह को नियंत्रित करने, इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग ड्रग्स को बंद करने, स्टेरॉयड को कम करने और व्यापक सर्जिकल डीब्राइडमेंट- द्वारा इस बीमारी का प्रबंधन किया जा सकता है।

आईसीएमआर के मुताबिक –

  • हाइपरग्लाइसीमिया को नियंत्रित करें। 
  • मॉनिटर रक्त शर्करा के स्तर के बाद COVID-19 निर्वहन और मधुमेह रोगियों में भी। 
  • विवेकपूर्ण तरीके से स्टेरॉयड का उपयोग करें  जैसे सही समय, सही खुराक और अवधि। 
  • ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडिफायर के लिए साफ, बाँझ पानी का उपयोग करें। 
  • एंटीबायोटिक्स / एंटीफंगल का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से करें। 

(और पढ़े – डायबिटीज के घरेलु उपचार)

हमें आशा है की आपके प्रश्न म्यूकोरमाइकोसिस क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

Black Fungus (म्यूकोरमाइकोसिस) के बारे में अधिक जानकारी व इलाज के लिए संक्रामक रोग विशेषज्ञ (Infectious Diseases) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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