कैल्शियम की कमी के कारण। Causes of Calcium Deficiency in Hindi

जनवरी 11, 2020 Bone Health 33139 Views

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कैल्शियम की कमी का मतलब। Calcium Deficiency Meaning in Hindi

कैल्शियम एक तरह का खनिज है हो हमारे शरीर के लिए बहुत महतवपूर्ण होता है। यह शरीर में दांतो को मजूबती व हड्डियों को कमजोर होने से बचाव करता है। कैल्शियम की अधिक मात्रा दांतो व हड्डियों में होता है। इसके अलावा यह शरीर के कंकाल व अन्य हड्डियों के कार्यो में सहायता करता है। शरीर में थोड़ी मात्रा में कैल्शियम अन्य महत्वपूर्ण कार्यो में योगदान करता है। जैसे मांसपेशिया, धमनियों के संकुचन व तंत्रिका प्रणाली को संदेश पहुंचाने का कार्य करता है। शरीर के अंगो में हृदय का अन्य अंगो के प्रति कार्य करने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने से अनेको तरह की बीमारी का जोखिम बढ़ता है, जिनमे मुख्य रूप से ओस्टियोपोरोसीस व ओस्टियोपोनिया शामिल है। बच्चो में कैल्शियम की कमी होने में बढ़ने में समस्या होती है। इसके अलावा कुछ लोगो में कैल्शियम की कमी होने से कुछ लक्षण दिखाई देते है जैसे पेरो व हाथो में झुनझुनी पकड़ना, दर्द महसूस होना, थकान महसूस होना, डिप्रेशन, दातो में सड़न, मांसपेशियो में दर्द आदि शामिल है। यह सभी लक्षण कैल्शियम की कमी से होते है। चिकिस्तक कैल्शियम की कमी जानने के लिए रक्त की जांच करते है। अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी पाई जाती है तो चिकिस्तक आपको कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते है। इसके अलावा कुछ कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते है। इस बात का ध्यान रखे बिना चिकिस्तक सलाह के किसी तरह की सुलीमेंट्स न ले। चलिए आपको कैल्शियम की कमी के बारे में विस्तार से बताने वाले है।

  • कैल्शियम की कमी के कारण क्या है ? (What are the Causes of Calcium Deficiency in Hindi)
  • कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Calcium Deficiency in Hindi)
  • कैल्शियम की कमी का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Calcium Deficiency in Hindi)
  • कैल्शियम की कमी से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Calcium Deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी के कारण क्या है ? (What are the Causes of Calcium Deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी के निम्नलिखित कारण हो सकते है:

  • कैल्शियम की कमी का मुख्य कारण आहार में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन नहीं करने से होता है।
  • अत्यधिक व्यायाम करने से कैल्शियम की कमी होने लगती है जबकि हल्का व्यायाम करने से कैल्शियम की मात्रा बनी रहती है।
  • विटामिन डी कैल्शियम का अवशोषण की प्रक्रिया को आसान बना देता है। अगर विटामिन डी की कमी होती है तो अपने आप कैल्शियम की कमी होने लगती है।
  • सॉफ्ट ड्रिंक का अधिक मात्रा में सेवन करने से कैल्शियम की मात्रा कम होती है।
  • कमजोर शरीर होने पर कैल्शियम की कमी होने लगती है।
  • जो महिला खिलाडी है उनको रजनोवृति के समय अधिक मात्रा में कैल्शियम की हानि होती है, क्योंकि एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है और यह एक तरह का हार्मोन्स है जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • अधिक मात्रा में वसा, शुगर युक्त चीजे, प्रोटीन वाले आहार कैल्शियम की कमी का कारण बनते है। जैसे चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, शराब, तबांकू अत्यधिक मात्रा में नमक का सेवन कैल्शियम की कमी करता है। (और पढ़े – कॉफी के फायदे और नुकसान)
  • परिकृष्ट अनाज, मिट आदि के कारण कैल्शियम की कमी भारी मात्रा में होती है।

कैल्शियम की कमी के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Calcium Deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी होने के लक्षण जल्दी नजर नहीं आते है, किन्तु लंबे समय से कैल्शियम की कमी होने से गंभीर लक्षण नजर आने लगते है। चलिए कैल्शियम की कमी के कुछ लक्षणो को बताते है।

कैल्शियम की कमी का उपचार क्या है ? (What are the Treatments for Calcium Deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी का उपचार बहुत ही सरल है। इसका सबसे सामान्य उपचार आहार में कैल्शियम युक चीजे लेना। इसके अलावा चिकिस्तक कैल्शिम की मात्रा बढ़ाने के लिए कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते है।

  • कैल्शियम का सेवन दिन में थोड़ी थोड़ी मात्रा में करनी चाहिए, सामान्य तौर पर तीन बार या उससे कम बार। कैल्शियम की पूर्ति करने के लिए विटामिन डी को भी शामिल किया जाता है।
  • जैसा की आप को पता है बिना चिकिस्तक की सलाह से कोई भी सप्लीमेंट्स लेना सेहत के लिए सही नहीं होता है। बाजारों में बहुत से सप्लीमेंट्स उपलब्ध है लेकिन सही सप्लीमेंट्स का चुनाव करना बहुत कठिन होता है। इसलिए मरीज की जरुरत के हिसाब से चिकिस्तक अलग-अलग सुलीमेंट्स लेने की सलाह देते है।
  • अत्यधिक मात्रा में सप्लीमेंट्स लेने से गुर्दे की पथरी की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है।
  • कुछ निम्न प्रकार के सप्लीमेंट्स कैल्शियम की पूर्ति करने के लिए होते है। जिनमे कैल्शियम फास्फेट, कैल्शियम कार्बोनेट, कैल्शियम सिटरेट आदि शामिल है।
  • कुछ मामलो में चिकिस्तक कैल्शियम की पूर्ति करने के लिए मरीज को इंजेक्शन लगाते है ताकि कैल्शियम की पूर्ति ठीक से हो सके।
  • कैल्शियम का उपचार शुरू होने के बाद कुछ हफ्तों में आपको फर्क नजर आएगा। (और पढ़े – विटामिन डी के फायदे)

कैल्शियम की कमी से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Calcium Deficiency in Hindi)

कैल्शियम की कमी से बचाव करने के लिए अपने आदतों में कुछ बदलाव कर सकते है।

  • चीज या पनीर का सेवन अपने आहार में करे क्योंकि इसमें अधिक मात्रा कैल्शियम होता है।
  • विटामिन डी प्राप्त करने के लिए सुबह की धुप ले और विटामिन युक्त आहार ले।
  • भोजन में कम नमक का सेवन करें क्योंकि यह कैल्शियम की कमी को बढ़ावा देता है।
  • धूम्रपान करने की आदत को छोड़े क्योंकि कैल्शियम की कमी होती है।
  • कैल्शियम की बढ़ौतरी के लिए पालक, ब्रोकली, पनीर, अंजीर, फलो के रस आदि।

अगर आपको कैल्शियम की कमी की समस्या हो रही है तो (Endocrinologist) से संपर्क करें।

हमारा उद्देश्य आपको रोगो के प्रति जानकारी देना है हम आपको किसी तरह के दवा, उपचार, सर्जरी की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक दे सकता है क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा नहीं होता है।


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