कान में खुजली होने के कारण । Causes of Itchy Ear in Hindi

Login to Health जनवरी 21, 2021 Lifestyle Diseases 845 Views

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कान में खुजली का मतलब हिंदी में,  (Itchy Ear Meaning in Hindi)

कान की खुजली क्या हैं ?

कान में खुजली की समस्या वैसे तो आम सी लगती है। लेकिन उचित समय पर ध्यान न दिया जाये तो समस्या गंभीर हो सकती है। कान हमारे शरीर एक अहम भाग है जिसके माध्यम से हम सुनने का काम करते है। यदि कान में किसी तरह की समस्या या संक्रमण का प्रभाव हो, तो खुजली की समस्या होने लगती है। बहुत से मामले में त्वचा संबंधित समस्या सोरायसिस या डर्मेटाइटिस होने से कान में खुजली की समस्या हो सकती है। कान में मशीन का उपयोग करने वालो को थोड़ी खुजली का अनुभव कान में हो सकता है। कान की नली में अत्यधिक मैल जमने के कारण खुजली की समस्या पैदा हो सकती है। कान खुजली पैदा होने से अन्य लक्षण नजर आ सकते है जैसे कान में दर्द, कान में कुछ बहना या कान से कम सुनाई देना आदि। ऐसा में चिकिस्तक से निदान व उपचार करवाना चाहिए, ताकि खुजली की समस्या ठीक किया जा सके। चलिए आज के लेख में आपको कान में खुजली होने के कारण के बारे में विस्तार से बताते हैं।

  • कान में खुजली होने के कारण ? (Causes of Itchy Ear in Hindi)
  • कान में खुजली होने के लक्षण ? (Symptoms of Itchy Ear in Hindi)
  • कान में खुजली का निदान ? (Diagnoses of Itchy Ear in Hindi)
  • कान में खुजली का इलाज ? (Treatments for Itchy Ear in Hindi)

कान में खुजली होने के कारण ? (Causes of Itchy Ear in Hindi)

कान में खुजली होने के कई कारण हो सकते है। 

  • कान में बार – बार खुजली की समस्या संक्रमण के कारण हो सकती है। कुछ बैक्टीरिया के हमले से संक्रमण होता है जैसे सर्दी-जुखाम, फ्लू व किसी अन्य तरह की एलर्जी होने से कान का संक्रमण बढ़ जाता है। 
  • कई बार त्वचा में एलर्जिक प्रतिक्रिया होने से कान के अंदुरनी भाग में खुजली की समस्या पैदा होने लगती है। हालांकि कई लोग कान में किसी तरह की खुजली होने पर पिन, रबड़ की कोई चीज कान में डालने से त्वचा में लालिमा या रैसेश आ जाते है। 
  • कान में अत्यधिक मैल जमने से कान में खुजली पैदा होने लगती है। ऐस, इसलिए बाहर की धुल मिट्टी कान के संपर्क में आने से कान में मैल जमने का कारण बनता है। 
  • कुछ लोगो को कान सफाई की आदत होती है, जिसमे पिन, लकड़ी, कोई पतली चीज से कान को खोदते रहते है। इसके अलावा कान में खुजली करने के लिए इन चीजों का उपयोग करते है और कान में चोट लगा लेते है। इस वजह से संक्रमण व खुजली और बढ़ जाता है। 
  • कान में खुजली होने का आम कारण सोरायसिस रोग होता है। यह रोग त्वचा में खुजली, लाल चकत्ते पैदा करता है जो त्वचा में कही भी हो सकता है वो चाहे कान हो या चेहरा आदि। 
  • बहुत से लोगो को कुछ फलो या सब्जियों से एलर्जी होती है जिसके कारण कान में खुजली की समस्या होने लगती है। 
  • बाहरी संक्रमण के प्रभाव से भी कान में खुजली की समस्या उत्पन्न हो सकती है जैसे पानी में स्विमिंग करने पर कानो में कुछ पानी चला जाता है और संक्रमण पैदा कर सकता है। (और पढ़े – नीम के फायदे त्वचा संक्रमण को रोकने में)

जोखिम कारक –

  • नहाते समय कान में लोशन या साबुन जाने से कान में जलन खुजली होना। 
  • कान में किसी तरह का कीड़ा काटने से खुजली होना। 
  • फंगल संक्रमण के कारण कान में खुजली होना। 

कान में खुजली होने के लक्षण ? (Symptoms of Itchy Ear in Hindi)

कान में खुजली होना एक मुख्य लक्षण है, इसके अलावा कुछ निम्न लक्षण हो सकते है। 

  • कान बहना। 
  • सूजन होना। 
  • कान बजना। 
  • कान में खिचांव होना। 
  • कान में दर्द होना। 
  • लिम्फ नॉड्स में सूजन आना। 
  • सिरदर्द होना। (और पढ़े – सिरदर्द दूर करने के घरेलु उपचार)
  • सुनाई कम देना। 
  • कान का दर्द सिर व चेहरे में महसूस होना। 
  • बुखार होना। 
  • कान में दबाव महसूस होना। 

कान में खुजली का निदान ? (Diagnoses of Itchy Ear in Hindi)

कान में खुजली का निदान करने के लिए चिकिस्तक आपसे पहले की बीमारी के बारे में पूछेंगे। कान में खुजली का कारण जानने के लिए कुछ परीक्षण कर सकते है। ओटोस्कोप एक छोटा उपकरण जिसका उपयोग कान में रुकावट की जांच करते है। इस जांच से कान में संक्रमण का पता लगाया जाता है। इसके अलावा कान में लाल चकत्ते, लाल त्वचा की जांच कर सकते है। हालांकि परीक्षण के दौरान कान के मैल या पर्दे की स्तिथि की भी जांच करते है। खुजली अधिक होने पर चिकिस्तक अन्य लक्षण के बारे में जानकारी ले सकते है। (और पढ़े – टाइम्पोनोप्लास्टी क्या होता है)

कान में खुजली का इलाज ? (Treatments for Itchy Ear in Hindi)

कान में खुजली का इलाज चिकिस्तक कारण के आधार पर करते है। कुछ मामलो में चिकिस्तक कान में खुजली की समस्या को रोकने के लिए कुछ सलाह देते है। 

  • यदि आप शावर लेते है या स्विमिंग करते है तो कान में शावर कैंप लगाने की जरूरत होती है। यह ऐसी टोपी है जिसकी सहायता से कान में पानी जाने से रोका जा सकता है साथ ही संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। 
  • कान में किसी तरह की अनियमियता होने पर कान में डालने के लिए कुछ ड्रॉप्स दे सकते है ताकि खुजली को रोका जा सके। इस बात का ध्यान रखे जबतक कान की खुजली ठीक नहीं हो जाती है तबतक मरीज को स्विमिंग नहीं करना चाहिए। 
  • यदि किसी व्यक्ति के कान में अत्यधिक मैल जम गया है तो कान से मैल निकालने के लिए सीजीरिंग एंड सूक्शनिंग प्रकिया का उपयोग करते है। इस प्रक्रिया में कान की नली को अच्छे से साफ कर कचरा को बाहर निकाल दिया जाता है। 
  • यदि संक्रमण के कारण कान में खुजली हो रही है तो चिकिस्तक कुछ एंटी बायोटिक या एंटीफंगल दवा की खुराक लेने की सलाह देते है। इसके अलावा कान में डालने के लिए एअर ड्राप देते है। इसके अलावा कान के पर्दे में क्षति होने पर क्रीम या दवा लगाने के लिए लिख सकते है। (और पढ़े – एक्जिमा के घरेलु उपचार)

हमें आशा है की आपके प्रश्न कान में खुजली होने के कारण ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको कान में खुजली की समस्या अधिक हो रही है, तो (ENT Specialist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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