कोलन इंफेक्‍शन क्या हैं । What is colon infection in Hindi

Login to Health मई 19, 2021 Lifestyle Diseases 1062 Views

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कोलन इंफेक्‍शन का मतलब हिंदी में,   (colon infection Meaning in Hindi)

कोलन इंफेक्‍शन क्या हैं ?

कोलन यानि मलाशय शरीर में पाचन तंत्र का भाग है। जब व्यक्ति भोजन करता है तो आपका शरीर भोजन के पचाने के बाद तरल व कठोर पदार्थ को अलग करता है। तब अपशिष्ट पदार्थ कोलन में जमा होता है और मल के रूप में बाहर आता हैं। जैसा की आपको बता दे, कोलन के अंदरूनी परत की सूजन को कोलाइटिस भी कहा जाता है। यह बड़ी आंत का भाग होता है हालांकि संक्रमण या खराब रक्तपूर्ति व परजीवी आदि के कारण कोलन में सूजन पैदा होता है। इसके अलावा कोलन संक्रमण पेट के संक्रमण का प्रकार है। यह गलत खान -पान के कारण पेट में संक्रमण हो जाता हैं। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ है जिन्हे पचाने में बहुत मेहनत लगता है  भोजन ठीक से पच नहीं पाता है। अत्यधिक गंभीर स्तिथि में कोलन में बलगम व कफ जमा हो जाता है और मल त्यागने के दौरान समस्या बढ़ने लगता है। चलिए आज के लेख में आपको कोलन इन्फेक्शन के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

  • कोलन इंफेक्‍शन के कारण क्या हैं ? (What are the Causes of Colon Infection in Hindi)
  • कोलन इंफेक्‍शन के लक्षण क्या हैं ? (What are the Symptoms of Colon Infection in Hindi)
  • कोलन इंफेक्‍शन के निदान ? (Diagnoses of Colon Infection in Hindi)
  • कोलन इंफेक्‍शन का इलाज क्या हैं ? (What are the Treatments for Colon Infection in Hindi)
  • कोलन इंफेक्‍शन से बचाव ? (Prevention of Colon Infection in Hindi)

कोलन इंफेक्‍शन के कारण क्या हैं ? (What are the Causes of Colon Infection in Hindi)

कोलन बड़ी आंत में जठरांत्र के आखिर में होता है। यह पानी का शोषण करके बचे हुए अपशिष्ट मल के रूप में इकठा करता है। इसके बाद मल गुदा के मार्ग से बाहर निकल जाता है। कोलन संक्रमण के निम्न कारण हो सकते है। 

  • बड़ी आंत के संक्रमण से बैक्टीरिया जुड़े होते है। 
  • वैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण शरीर पर चकत्ते आ सकते है। कुछ मामलो में अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत होती है। 
  • दूषित भोजन व पानी के कारण पेट में गंभीर संक्रमण होता है। संक्रमण के कारण किडनी की बीमारी, पेशाब कम आने की समस्या होती है। 
  • कुछ लोग जो अपना हाथ ठीक से धोते नहीं है उनको संक्रमण होने का जोखिम बनी रहती है। कुछ वयस्क में संक्रमण से प्रभावित होने पर एंटीबायोटिक दिया जाता है। 
  • कुछ वायरस जो कोलन इन्फेक्शन का जिम्मेदार बनता है इनमे शामिल है रोटावायरस, एडिनोवायरस। 
  • यौन संचरित संक्रमण मलाशय को प्रभावित करता है। इन संक्रमण में एचआईवी, हर्पिस सिंपलेक्स वायरस। 
  • सामान्यतौर पर कोलन की समस्या अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन कुछ मामलो में गंभीर होने पर उपचार की जरूरत होती है।  (और पढ़े – यौन संचरित संक्रमण क्या हैं)

कोलन इंफेक्‍शन के लक्षण क्या हैं ? (What are the Symptoms of Colon Infection in Hindi)

कोलन इंफेक्‍शन के मुख्य लक्षण में पेट में सूजन व फ्लू शामिल हैं। कुछ मामलो में लक्षण गंभीर हो सकते है। चलिए आगे बताते हैं। 

  • जैसे – पेट में सूजन होना। 
  • पेट में ऐंठन होना। 
  • पेट में एक जगह दर्द होना। 
  • आंत्र असंयम। 
  • बुखार आना। 
  • पेट फूलना। 
  • वजन कम होना। 
  • जोड़ो में दर्द होना। 
  • पेशाब में खून आना। 
  • पिली त्वचा। 
  • कोलन में लालिमा। 
  • कोलन के ऊतक में सूजन। 
  • पानी की कमी होना। 
  • मलती आना। 
  • थकान महसूस होना। 
  • दस्त होना। 
  • भूख में कमी आना।  (और पढ़े – भूख में कमी आने का कारण क्या हैं)

कोलन इंफेक्‍शन के निदान ? (Diagnoses of Colon Infection in Hindi)

गैस से जुडी समस्या अधिक होने पर लक्षण नजर आने लगते है तो चिकिस्तक से संपर्क करना चाहिए। अधिकतर मामलो में निदान करने की जरूत होती है। 

  • सबसे पहले चिकिस्तक एक सामान्य परीक्षण करता है जिसमे आपके पिछली बीमारी इतिहास के बारे में और लक्षण के बारे में पूछते है। आप आहार में क्या खाते हैं आदि पूछते है। 
  • शारीरिक परीक्षण में चिकिस्तक बृहदान्त वाले भाग में सूजन की जांच करते है। इसके अलावा पाचन तंत्र की जांच करते है। 
  • जरूरत के अनुसार चिकिस्तक लैब टेस्ट, ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट, इमेजिंग टेस्ट, बायोप्सी, एंडोस्कोपी व कोलोनोस्कोपी कुछ डायग्रोटिस्क विकल्पों की मदद ले सकते है। 
  • आंतरिक जांच के लिए एंडोस्कोपी या कोलोनोस्कोपी की जांच की जा सकती है। इसका उपयोग विकास के रुकावट को देखने के लिए किया जाता है।  (और पढ़े – एंडोस्कोपी क्यों किया जाता हैं)

कोलन इंफेक्‍शन का इलाज क्या हैं ? (What are the Treatments for Colon Infection in Hindi)

कोलन इंफेक्‍शन का इलाज कोलाइटिस के प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्यतौर पर चिकिस्तक एंटीबायोटिक व सप्लीमेंट्स या सर्जरी व जीवनशैली में परिवर्तन करने की सलाह देते है। 

  • कुछ मामलो में दवाइयों को नसों में चढ़ाया जाता है। कई मामलो में कोलन इन्फेक्शन होने पर उपचार की जरूरत नहीं होती है बल्कि अपने आप ठीक हो जाता है। 
  • गैस्टिक संक्रमण की वजह से गंभीर रूप से दस्त और मलती की समस्या होती है। इसे शरीर में निर्जलीकरण हो सकता है। अत्यधिक गंभीर होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूत होती है। शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए ओआरएस इलेक्ट्रॉन या चीनी के रूप में मिश्रण होता है। जिसका पानी में घोल बनाकर दिया जाता है। 
  • कोलन इन्फेक्शन को समय पर ठीक करने के लिए संक्रमण को रोकने के लिए एंटी बायोटिक दवाएं व दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। (और पढ़े – पेट में दर्द होने के कारण क्या हैं)

हमें आशा है की आपके प्रश्न कोलन इंफेक्‍शन क्या हैं ? का उत्तर इस लेख के माध्यम से दे पाएं। 

अगर आपको कोलन इंफेक्‍शन के बारे में अधिक जानकारी के लिए (Gastroenterologist) से संपर्क कर सकते हैं। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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