एक्जिमा (खुजली) क्यों होता हैं। Eczema In Hindi

Login to Health अक्टूबर 1, 2020 Lifestyle Diseases 1210 Views

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Eczema Meaning In Hindi. 

एक्जिमा को दूसरे शब्दो में अटॉपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis) के नाम से जाना जाता है। इसमें त्वचा पर पैच सूजन, खुजली, लाल धब्बे पड़ जाते है। इसके अलावा त्वचा पर  छाले भी हो सकते हैं। आमतौर पर एक्जिमा की समस्या नवजात शिशुओं और बच्चों में होता है, लेकिन कई लोगो के अधिक उम्र में यह बीमारी हो सकती है। हालांकि एक्जिमा का असर त्वचा पर पड़ता है। कुछ अध्ययन के अनुसार दुनिया में 31.6 प्रतिशत लोग एक्जिमा से प्रभावित होते है। बहुत से लोग एक्जिमा की समस्या को सामान्य समझकर नजर अंदाज कर देते है जो आगे चलकर किसी बड़ी बीमारी का कारण बन जाता है। इसलिए एक्जिमा के लक्षण नजर आने पर तुरंत उपचार करवाना चाहिए। शायद बहुत लोग को एक्जिमा का पता नहीं होगा, यह कैसे होता है। आपको बता दे, लोगो को काम के लिए बाहर रहना पड़ता है, जिसमे अक्सर कड़ी धुप का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बहुत से लोगो को त्वचा में रूखापन व खुजली की समस्या होती है जो अधिक बढ़ने पर एक्जिमा का कारण बनती है। शरीर की कमजोर प्रतिशा प्रणाली होने पर एक्जिमा रोग हो सकता है। इसके अलावा जिन लोगो को धुल, मिट्टी से एलर्जी बहुत होती है, उनको एक्जिमा रोग हो सकता है। चलिए आज के लेख में हम आपको एक्जिमा (Eczema Meaning in Hindi)) के बारे में विस्तार से बताएंगे। 

  • एक्जिमा के कारण क्या है ? (What are the Causes of Eczema in Hindi)
  • एक्जिमा के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Eczema in Hindi)
  • एक्जिमा का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Eczema in Hindi)
  • एक्जिमा से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Eczema in Hindi)

एक्जिमा के कारण क्या है ? (What are the Causes of Eczema in Hindi)

एक्जिमा (Eczema Meaning in Hindi) होने के अनेक कारण हो सकते है। चलिए आगे विस्तार से बताते है। 

  • यदि कोई व्यक्ति किसी एलर्जिक बीमारी से ग्रस्त है तो उनको एक्जिमा होने का जोखिम हो सकता है। 
  • जिन लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उनको एक्जिमा होने का अधिक संभावना रहती है। 
  • तनाव ग्रस्त होने के कारण व्यक्ति को एक्जिमा की समस्या हो सकती है। 
  • कुछ शोधकर्ता के अनुसार अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को बहुत सावधानी से रहना चाहिए, क्योंकि उनको एक्जिमा हो सकता है। 
  • जो लोग अपने भोजन में संतुलित आहार नहीं लेते है उनके शरीर में कमजोरी हो जाती है और एक्जिमा होने का जोखिम अधिक रहता है। 
  • शरीर की रोग प्रतिशा प्रणाली के कमजोर होने से एक्जिमा होने का जोखिम अधिक रहता है, इसलिए शरीर की रोग प्रतिशा प्रणाली मजबूत रखनी चाहिए।  (और पढ़े – इम्युनिटी बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए)

एक्जिमा के लक्षण क्या है ? (What are the Symptoms of Eczema in Hindi)

एक्जिमा के लक्षण मरीज की स्तिथि के अनुसार भिन्न हो सकता है, क्योंकि सभी लक्षण एक ही व्यक्ति में नजर नहीं आता हैं। 

सामान्य लक्षण में – 

  • सूखी, पपड़ीदार त्वचा होना। 
  • त्वचा में निखार। 
  • खुजली होना। 
  • खुला, पपड़ीदार या पसीने वाली त्वचा। 

शिशुओं में लक्षण – 

  • 2 वर्ष से कम उम्र के शिशुओं में निम्न एटोपिक जिल्द की सूजन के लक्षण से शामिल है। 
  • जैसे – खोपड़ी और गाल पर चकत्ते आना। 
  • तरल पदार्थ को लीक करने से पहले चकत्ते। 
  • चकत्ते जो अत्यधिक खुजली का कारण बन सकते हैं, जो नींद में बाधा उत्पन्न करते है

वयस्क में होने वाले लक्षण –

  • बच्चों में होने वाली चकत्ते की तुलना में अधिक खुरदरे होते हैं। 
  • चकत्ते जो आमतौर पर कोहनी या घुटनों या गर्दन की नस में दिखाई दे सकते है। 
  • चकत्ते जो शरीर को बहुत ढँकते हैं। 
  • प्रभावित क्षेत्रों पर बहुत शुष्क त्वचा होना। 
  • स्थायी रूप चकत्ते में खुजली होना। 
  • त्वचा में संक्रमण

एक्जिमा का इलाज क्या है ? (What are the Treatments for Eczema in Hindi)

एक्जिमा का कोई विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है, किंतु मरीज के लक्षण के आधार पर त्वचा को ठीक करने के लिए प्रभावित उपचार कर सकते है। बहुत से लोगो में एक्जिमा बिना किसी उपचार के अपने आप ठीक हो जाता है। इसके अलावा चिकिस्तक व्यक्ति की आयु, लक्षण व स्वास्थ्य में चल रही परेशानियों को जानने के बाद उपचार के लिए कुछ निम्न सुझाव दे सकते है। 

  • जैसे – पीड़ित व्यक्ति को थेरेपी करवाने की सलाह दे सकते है जिनमे फोटो थेरेपी व लाइट थेरेपी शामिल है। यह थेरेपी एक्जिमा रोग को कम करने में मदद कर सकता है। 
  • किसी बीमारी के कारण एक्जिमा की समस्या हुई है तो बीमारी को ठीक करने के लिए दवा की खुराक दे सकते हैं। 
  • एक्जिमा से हो रही एलर्जी की जांच करने के लिए पैच टेस्ट करवानी की सलाह दे सकते हैं। 
  • पीड़ित व्यक्ति को अपने खराब जीवनशैली को अच्छा बनाने के लिए सुबह योगा, व्यायाम व अच्छी नींद लेनी चाहिए। (और पढ़े – सुबह दौड़ने के स्वास्थ्य लाभ)

एक्जिमा से बचाव कैसे करें ? (Prevention of Eczema in Hindi)

  • एक्जिमा की समस्या न हो व्यक्ति को अपने भोजन में पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए, क्योंकि जो लोग ठीक से पौष्टिक आहार नहीं लेते है उनको एक्जिमा का खतरा अधिक रहता है। 
  • एक्जिमा से बचने के लिए हमेशा अपने आप को तनाव से दूर रखना चाहिए। 
  • अधिक केमिकल वाले उत्पाद को त्वचा पर न लगाएं, क्योंकि यह त्वचा में एक्जिमा की समस्या उत्पन्न कर सकते है। 
  • तापमान में होने वाले परिवर्तन से एक्जिमा का खतरा अधिक रहता है, इसलिए गर्म तापमान के बाद तुरंत अधिक ठंड तापमान में न जाएं। 
  • धुप में अधिक समय तक बाहर रहने से बचना चाहिए, क्योंकि एक्जिमा अधिक धुप में रहने से होता हैं।  (और पढ़े – सनबर्न के घरेलु उपचार)

अगर आपको एक्जिमा (Eczema Meaning in Hindi ) के बारे में अधिक जानकारी एव इलाज करवाना हो, तो Dermatologist से संपर्क करें। 

हमारा उद्देश्य केवल आपको लेख के माध्यम से जानकारी देना है। हम आपको किसी तरह दवा, उपचार की सलाह नहीं देते है। आपको अच्छी सलाह केवल एक चिकिस्तक ही दे सकता है। क्योंकि उनसे अच्छा दूसरा कोई नहीं होता है।


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